आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जहां निफ्टी 50 इंडेक्स में लगातार गिरावट देखी गई। बाजार बंद होने पर निफ्टी 50 सूचकांक 24,500.90 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि 211.60 अंकों या 0.85% की गिरावट दर्शाता है। सेंसेक्स भी 706 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।
प्रमुख प्रदर्शन:
- ओपन: लगभग 24,695.80
- हाई: 24,702.65
- लो: 24481.60
- पिछला क्लोज: 24,500.90 (अनुमानित, गिरावट के आधार पर)
- परसेंटेज चेंज: -0.85% (ये आंकड़े एनएसई और अन्य वित्तीय स्रोतों से लिए गए हैं।)
गिरावट के मुख्य कारण:
बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका में 50% टैरिफ लागू होने के प्रभाव से आई, जिसने वैश्विक व्यापार और भारतीय निर्यात-आधारित सेक्टरों पर दबाव डाला। ट्रंप टैरिफ का असर भारतीय बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखा, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी। इसके अलावा, मासिक एक्सपायरी का दिन होने के कारण वोलेटिलिटी बढ़ी, और महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल 24,800-24,850 टूटने से बिकवाली तेज हुई।
सेक्टर वाइज एनालिसिस:
- नकारात्मक प्रभावित सेक्टर: आईटी, ऑटो, और मेटल सेक्टरों में भारी बिकवाली देखी गई, क्योंकि वैश्विक टैरिफ का असर इन पर ज्यादा पड़ा। बैंकिंग सेक्टर भी दबाव में रहा, बैंक निफ्टी में भी गिरावट दर्ज हुई।
- सकारात्मक सेक्टर: कुछ डिफेंसिव सेक्टर जैसे एफएमसीजी और फार्मा में मामूली स्थिरता बनी रही, लेकिन समग्र बाजार नकारात्मक रहा। (विस्तृत सेक्टर डेटा कुछ स्रोतों में उपलब्ध नहीं था, लेकिन सामान्य ट्रेंड गिरावट का था।)
मार्केट ट्रेंड्स और आउटलुक:
आज का सेशन मासिक एक्सपायरी के साथ समाप्त हुआ, जिसमें निफ्टी ने की सपोर्ट ब्रेक किया, जो आगे की गिरावट का संकेत दे सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर 24,649 का टारगेट छुआ जाता है, तो बाजार में और सुधार संभव है। कल के लिए प्रेडिक्शन में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है, खासकर कैंडल एनालिसिस के आधार पर जहां शुरुआती तेज मूव के बाद स्लो ट्रेडिंग देखी गई। वैश्विक संकेतों पर नजर रखें, क्योंकि अमेरिकी नीतियां आगे प्रभावित कर सकती हैं।
