नमस्कार! आज हम 28 अगस्त 2025 के लिए निफ्टी 50 के प्री-मार्केट विश्लेषण पर नजर डालेंगे। यह विश्लेषण बाजार के पिछले प्रदर्शन, गिफ्ट निफ्टी, वैश्विक संकेतों, तकनीकी स्तरों और संभावित घटनाओं पर आधारित है। ध्यान दें कि बाजार अस्थिर होता है, खासकर मासिक एक्सपायरी के दिन, इसलिए निवेश से पहले पेशेवर सलाह लें।
1. पिछला बंद और हालिया प्रदर्शन
26 अगस्त 2025 को निफ्टी 50 इंडेक्स 255.7 अंकों की गिरावट के साथ 24,712.05 पर बंद हुआ, जो 1.02% की कमी दर्शाता है। इस गिरावट में व्यापक बिकवाली देखी गई, जिसमें निफ्टी बैंक, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी शामिल थे। बाजार में भारी रिएक्शन देखा गया था, जहां चारों ओर से बिकवाली हावी रही। अब सवाल यह है कि क्या 28 अगस्त को रिकवरी दिखेगी या बिकवाली जारी रहेगी।
2. गिफ्ट निफ्टी और अपेक्षित ओपनिंग
गिफ्ट निफ्टी वायदा 24,748.50 पर कारोबार कर रहा है, जो 0.21% की बढ़त दर्शाता है। यह पिछले बंद से लगभग 36 अंकों की बढ़त का संकेत देता है।
अपेक्षित ओपनिंग: बाजार फ्लैट से सकारात्मक खुल सकता है, लगभग 24,740-24,760 के स्तर पर। हालांकि, एक्सपायरी डे होने के कारण शुरुआती घंटों में उतार-चढ़ाव संभव है।
3. वैश्विक संकेत
यूरोपीय बाजार: FTSE 100 में 0.50% की गिरावट देखी गई।
अमेरिकी बाजार: हालिया ट्रेंड में मिश्रित रुझान रहा है, लेकिन कोई स्पष्ट नकारात्मक संकेत नहीं। (नोट: अमेरिकी बाजारों के बंद के बाद एशियाई बाजारों का असर दिखेगा।)
एशियाई बाजार: शुरुआती संकेत फ्लैट हैं, लेकिन गिफ्ट निफ्टी की सकारात्मकता से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।
अन्य कारक: डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता है, जो बाजार को प्रभावित कर सकती है।
4. तकनीकी विश्लेषण
समर्थन स्तर (सपोर्ट): 24,600-24,650 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन है। यदि बाजार इससे नीचे टूटता है, तो 24,400 तक गिरावट संभव। हालिया बिकवाली के बाद यह स्तर महत्वपूर्ण होगा।
प्रतिरोध स्तर (रेजिस्टेंस): 24,800-24,850 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है। यदि बाजार इससे ऊपर जाता है, तो 25,000 तक तेजी आ सकती है।
ट्रेंड: बाजार में बेयरिश टिल्ट है, लेकिन गिफ्ट निफ्टी से रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। RSI और MACD जैसे इंडिकेटर्स ओवरसोल्ड जोन की ओर इशारा कर रहे हैं, जो बाउंसबैक की संभावना बढ़ाता है।
5. महत्वपूर्ण घटनाएं और कारक
मासिक एक्सपायरी: 28 अगस्त निफ्टी वायदा की मासिक एक्सपायरी है, जिससे उच्च वॉलेटिलिटी की उम्मीद है। ऑप्शन राइटर्स और ट्रेडर्स के बीच पोजिशन एडजस्टमेंट से बाजार में स्विंग देखने मिल सकता है।
सेक्टर फोकस: आईटी, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर में रिकवरी संभव, जबकि ऑटो और FMCG में दबाव। (उदाहरण: LTIMindtree, Wipro जैसे स्टॉक्स गेनर्स रहे।)
समाचार और ट्रिगर्स: कोई बड़ा मैक्रो इवेंट नहीं, लेकिन अमेरिकी फेड की ब्याज दरों पर नजर रहेगी। साथ ही, घरेलू GDP डेटा या कॉर्पोरेट घोषणाएं प्रभावित कर सकती हैं।
6. ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी सुझाव
बुलिश व्यू: यदि बाजार 24,750 से ऊपर ओपन होता है, तो कॉल ऑप्शंस में शॉर्ट टर्म ट्रेड्स लें। टारगेट 24,850।
बेयरिश व्यू: 24,700 से नीचे ब्रेक पर पुट ऑप्शंस पर फोकस, सपोर्ट 24,600।
रिस्क मैनेजमेंट: स्टॉप लॉस जरूर लगाएं, क्योंकि एक्सपायरी डे पर 100-200 अंकों का मूवमेंट सामान्य है। छोटे पोजिशन साइज रखें।
विशेषज्ञ राय: कई विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में बेयरिश टिल्ट है, लेकिन गिफ्ट निफ्टी से फ्लैट स्टार्ट संभव।
यह विश्लेषण उपलब्ध डेटा पर आधारित है और बाजार की स्थितियां बदल सकती हैं। लाइव अपडेट्स के लिए NSE वेबसाइट या विश्वसनीय ऐप्स चेक करें।
डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण सूचना के लिए है, निवेश सलाह नहीं। बाजार जोखिम भरा है, अपनी रिसर्च करें और प्रमाणित एडवाइजर से सलाह लें।
