आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसे ऐप की जो कभी भारत में युवाओं की जान था, लेकिन अचानक से गायब हो गया। जी हां, हम बात कर रहे हैं टिकटॉक की। पिछले 5 साल से टिकटॉक भारत में बंद था, और अब 5 साल के बाद इसके वापस आने की अफवाहें जोरों पर हैं। क्या सच में टिकटॉक भारत में वापस आ गया है? आइए इस ब्लॉग में विस्तार से जानते हैं टिकटॉक की कहानी, उसके बंद होने के कारण, प्रभाव और हालिया घटनाक्रम।
टिकटॉक की शुरुआत और लोकप्रियता
टिकटॉक, जो मूल रूप से चीनी कंपनी बाइटडांस का ऐप है, ने 2016 में लॉन्च होने के बाद दुनिया भर में धूम मचा दी। भारत में यह 2017 में आया और जल्दी ही करोड़ों यूजर्स का पसंदीदा बन गया। छोटे-छोटे वीडियो, डांस, कॉमेडी, एजुकेशनल कंटेंट – सब कुछ एक जगह। 2020 तक भारत में टिकटॉक के 20 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स थे। युवा पीढ़ी इसे क्रिएटिविटी का प्लेटफॉर्म मानती थी, जहां से कई लोग फेमस हुए और कमाई भी की। लेकिन अच्छे दिन ज्यादा नहीं चले।
बंद होने का कारण: भारत-चीन तनाव
जून 2020 में, भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी के आधार पर 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें टिकटॉक शामिल था। सरकार का कहना था कि ये ऐप्स यूजर्स का डेटा चीनी सर्वर्स पर भेज रहे थे, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा था। इसके बाद कई दौर की सुनवाई हुई, लेकिन प्रतिबंध बना रहा। टिकटॉक ने कोर्ट में अपील की, लेकिन सफल नहीं हुआ। इस फैसले से टिकटॉक के अलावा अलीएक्सप्रेस जैसे अन्य ऐप्स भी प्रभावित हुए।
बंद होने का प्रभाव
टिकटॉक के बंद होने से भारत में एक बड़ा बदलाव आया। लाखों क्रिएटर्स बेरोजगार हो गए, कई ने इंस्टाग्राम रील्स या यूट्यूब शॉर्ट्स की ओर रुख किया। भारतीय कंपनियों को फायदा हुआ – जैसे मोज, चिंगारी, एमएक्स टाकाटाक आदि ऐप्स लॉन्च हुए, लेकिन कोई भी टिकटॉक जितना पॉपुलर नहीं हो पाया। अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा; अनुमान है कि बाइटडांस को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ। लेकिन सकारात्मक पक्ष यह था कि डेटा सुरक्षा पर ध्यान बढ़ा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम उठे। पिछले 5 सालों में, भारत ने कई घरेलू ऐप्स विकसित किए, जो अब ग्लोबल स्तर पर कंपटीशन दे रहे हैं।
अब 5 साल बाद वापसी की अफवाहें
अब बात करते हैं हालिया घटनाक्रम की। 23 अगस्त 2025 को, सोशल मीडिया पर खबरें वायरल हुईं कि टिकटॉक की वेबसाइट भारत में एक्सेसिबल हो गई है। कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर किए कि tiktok.com खुल रही है, जो पिछले 5 साल से ब्लॉक थी। इससे लोगों में उत्साह फैल गया – क्या टिकटॉक वापस आ रहा है? कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वेबसाइट पार्शियल रूप से ओपन है, लेकिन ऐप अभी भी अनअवेलेबल है। हालांकि, ये अफवाहें जल्दी ही खारिज हो गईं। टिकटॉक के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने भारत में एक्सेस रिस्टोर नहीं किया है और वे सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। भारत सरकार के सूत्रों ने भी कहा कि कोई अनब्लॉकिंग ऑर्डर जारी नहीं किया गया है, और ऐसी खबरें गलत हैं। यानी, टिकटॉक अभी भी बंद है, और वापसी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
यह घटना भारत-चीन संबंधों में सुधार के बीच हुई है। हाल में दोनों देशों के बीच व्यापारिक बातचीत हुई है, लेकिन टिकटॉक जैसे ऐप्स पर प्रतिबंध अभी भी लागू है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वापसी होती भी है, तो सख्त नियमों के साथ – जैसे लोकल डेटा स्टोरेज और सेंसरशिप।
निष्कर्ष: क्या उम्मीद करें?
टिकटॉक के वापस आने की अफवाहों ने पुरानी यादें ताजा कर दीं, लेकिन वास्तविकता यह है कि अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है। पिछले 5 सालों ने हमें सिखाया कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा सबसे ऊपर है। अगर टिकटॉक वापस आता है, तो यह क्रिएटर्स के लिए अच्छा होगा, लेकिन सरकार की प्राथमिकता यूजर्स की प्राइवेसी रहेगी। तब तक, भारतीय ऐप्स का इस्तेमाल करें और क्रिएटिव रहें!
क्या आपको लगता है टिकटॉक वापस आना चाहिए? कमेंट में बताएं। अगर यह ब्लॉग पसंद आया, तो शेयर करें। धन्यवाद!
