इटावा लायन सफारी, जिसे अब इटावा सफारी पार्क के नाम से जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित एक अद्भुत वन्यजीव सफारी पार्क है। यह एशिया के सबसे बड़े सफारी पार्कों में से एक है, जो लगभग 350 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर्यटक शेरों, हिरणों, भालुओं और अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकते हैं। यह पार्क न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए बल्कि परिवारों और रोमांच पसंद करने वालों के लिए भी एक आदर्श जगह है। 2019 में जनता के लिए खोला गया यह पार्क अब पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है।
इतिहास
इटावा लायन सफारी की कल्पना तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मुलायन सिंह यादव जी द्वारा 2006 में की गई थी, और इसका निर्माण कार्य मई 2012 में शुरू हुआ। स्पेन की कंपनी आर्ट उर्बा ने इसका डिजाइन तैयार किया। शुरुआत में, 2014 में गुजरात से छह शेरों को यहां लाया गया। बाद में, 2015 में उस समय के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी द्वारा हिरण सफारी, एंटीलोप सफारी, भालू सफारी और तेंदुआ सफारी को जोड़ा गया, जिसके बाद पार्क का नाम इटावा सफारी पार्क रखा गया। हालांकि, पार्क को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे कि 2014 से 2025 तक 34 शेरों और शावकों की मौत, जो राजनीतिक विवाद का विषय भी बनी। फिर भी, पार्क ने खुद को मजबूत बनाया और अब यह उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।
सफारी पार्क की विशेषताएं
इटावा सफारी पार्क में विभिन्न प्रकार की सफारियां उपलब्ध हैं, जो इसे एक यादगार अनुभव बनाती हैं:
शेर सफारी: पार्क का मुख्य आकर्षण, जहां आप एशियाई शेरों को खुले में घूमते देख सकते हैं। वर्तमान में यहां लगभग 19 शेर हैं, और हाल ही में अप्रैल 2025 में शेरनी रूपा ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। जुलाई 2025 में, कुछ शावकों को उनकी मां द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद देखभालकर्ताओं द्वारा पाला जा रहा है।
हिरण और एंटीलोप सफारी: ब्लैकबक, चिंकारा और नीलगाय जैसे जानवरों को देखने का मौका।
भालू सफारी: भालुओं के प्राकृतिक व्यवहार को करीब से देखें।
तेंदुआ सफारी: दुर्लभ तेंदुओं को देखें, जो केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की मंजूरी के बाद उपलब्ध है।
अन्य सुविधाएं: 4डी थिएटर, इंटरप्रिटेशन सेंटर, और रेस्तरां जहां आप आराम कर सकते हैं। पार्क में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाता है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
हालिया अपडेट्स
2025 में पार्क में कई रोचक घटनाएं हुईं। मई 2025 में बर्ड फ्लू के कारण पार्क को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन अब यह पूरी तरह खुला है। 10 अगस्त 2025 को वर्ल्ड लायन डे मनाया गया, जहां प्रकृति व्याख्या केंद्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। शेरों की संख्या बढ़ रही है, हालांकि कुछ मौतें भी हुई हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।
समय और शुल्क
पार्क के खुलने का समय मौसम के अनुसार बदलता है:
1 अप्रैल से 30 सितंबर: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
1 अक्टूबर से 31 मार्च: सुबह 9:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक
सोमवार को बंद रहता है
शुल्क (प्रति व्यक्ति, रुपये में):
श्रेणी | भारतीय (12 वर्ष से ऊपर) | भारतीय (6-12 वर्ष) | विदेशी (12 वर्ष से ऊपर) | विदेशी (6-12 वर्ष) |
|---|---|---|---|---|
एंट्री/टूर (नॉन ए.सी.) | 250 | 65 | 625 | 500 |
एंट्री/टूर (ए.सी.) | 375 | 125 | 1250 | 1000 |
4डी थिएटर | 150 | 100 | 400 | 300 |
कॉम्बो (नॉन ए.सी.) | 300 | 120 | 800 | 600 |
कॉम्बो (ए.सी.) | 400 | 170 | 1300 | 1000 |
इंटरप्रिटेशन सेंटर | 40 | 10 | 100 | 40 |
6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सभी सुविधाएं मुफ्त हैं। अतिरिक्त: टाटा जेनॉन वाहन (8-सीटर) - 2000 रुपये प्रति ट्रिप।
टिकट ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं: etawahlionsafari.org
कैसे पहुंचें
इटावा दिल्ली से लगभग 300 किमी दूर है। आप ट्रेन से इटावा जंक्शन पहुंच सकते हैं, जो दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर है। सड़क मार्ग से यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है। निकटतम हवाई अड्डा कानपुर या आगरा है। पार्क शहर से 5 किमी दूर है, जहां से टैक्सी या ऑटो उपलब्ध हैं।
टिप्स
गर्मियों में सुबह जल्दी जाएं ताकि जानवर सक्रिय दिखें।
कैमरा साथ लाएं, लेकिन फ्लैश का उपयोग न करें।
पार्क में प्लास्टिक का उपयोग प्रतिबंधित है।
परिवार के साथ जाने के लिए आदर्श, लेकिन छोटे बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
निष्कर्ष
इटावा लायन सफारी उत्तर प्रदेश का एक छिपा हुआ रत्न है, जो प्रकृति और वन्यजीवों से जुड़ने का शानदार अवसर प्रदान करता है। अगर आप रोमांच की तलाश में हैं, तो यह जगह जरूर घूमें। यहां की सफारी आपको जंगल के राजा शेर के करीब ले जाएगी और जीवन भर की यादें देगी। योजना बनाएं और इस सफारी का मजा लें!


