आज हम 19 अगस्त 2025 के लिए एमसीएक्स नेचुरल गैस का प्री-मार्केट विश्लेषण देखेंगे। यह विश्लेषण 18 अगस्त के क्लोजिंग डेटा, ग्लोबल संकेतों, तकनीकी स्तरों और प्रमुख घटनाओं पर आधारित है। ध्यान दें कि कमोडिटी बाजार अस्थिर होता है, इसलिए यह केवल सूचनात्मक है और निवेश सलाह नहीं। आइए विस्तार से देखें:
1. पिछले दिन का प्रदर्शन (18 अगस्त 2025)
- एमसीएक्स नेचुरल गैस (अगस्त एक्सपायरी) ने हल्की तेजी दिखाई और बढ़त के साथ 254.90 रुपये प्रति एमएमबीटीयू पर बंद हुआ।
- दिन का हाई 255.40 और लो 244.90 रहा।
- यह बढ़त मुख्य रूप से ग्लोबल सप्लाई में स्थिरता और भारत में डिमांड के संकेतों से आई, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड बेयरिश रहा।
- हेनरी हब (यूएस) में भी कीमत 2.877 USD/MMBtu पर बंद हुई, जो -0.93% की गिरावट दिखाती है।
2. ओपनिंग की उम्मीदें और फ्यूचर्स
- प्री-मार्केट डेटा से संकेत मिलता है कि ओपनिंग फ्लैट से नेगेटिव हो सकती है, क्योंकि ग्लोबल प्राइस में गिरावट है। अगर 247 से ऊपर टिका रहता है, तो रिकवरी संभव, लेकिन बेयरिश मोमेंटम मजबूत।
- सितंबर कॉन्ट्रैक्ट भी 248-250 के आसपास ट्रेड कर रहा है। ओपन इंटरेस्ट में बढ़त से वोलेटिलिटी की उम्मीद।
3. तकनीकी स्तर
- सपोर्ट लेवल: 239-243.50 पर नजर)। अगर यह टूटा, तो गिरावट 230 तक जा सकती है।
- रेजिस्टेंस लेवल: 252-256 (मुख्य रेजिस्टेंस 285-288 पर)। ऊपर ब्रेकआउट पर 300 का लक्ष्य संभव, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेंड बेयरिश।
- पिवट पॉइंट 247.50 है। ईएमए और ट्रेंडलाइन से बेयरिश सिग्नल मिल रहा है।
4. ग्लोबल संकेत
- यूएस मार्केट: हेनरी हब फ्यूचर्स में गिरावट जारी, 2.89 USD/MMBtu पर ट्रेडिंग। ईआईए रिपोर्ट से प्रोडक्शन बढ़त (106.44 bcf/day) का अनुमान, जो बेयरिश है।
- एशियाई और भारतीय डिमांड: भारत में पहली छमाही में गैस डिमांड घटी, लेकिन 2025 में एलएनजी इंपोर्ट 4-10% बढ़ने की उम्मीद।
- कमोडिटी और करेंसी: क्रूड ऑयल में गिरावट से प्रेशर, USDINR 87.3950 पर। मौसम और इन्वेंटरी डेटा पर नजर।
5. प्रमुख घटनाएं और न्यूज इंपैक्ट
- इन्वेंटरी रिपोर्ट: ईआईए की वीकली रिपोर्ट (अगस्त अंत) से सप्लाई बढ़त की उम्मीद, जो कीमतों पर दबाव डालेगी।
- भारतीय पॉलिसी: भारत में एनर्जी डिमांड बढ़ रही है, लेकिन गैस प्रोडक्शन स्थिर। एलएनजी इंपोर्ट बढ़ने से लॉन्ग-टर्म सपोर्ट।
- अन्य न्यूज: ग्लोबल प्रोडक्शन बढ़त से बेयरिश सेंटिमेंट। मौसम में बदलाव (गर्मी कम) से डिमांड घटी।
6. ट्रेडिंग रेकमेंडेशंस
- शॉर्ट-टर्म: सेल ऑन राइज स्ट्रैटेजी अपनाएं, रेजिस्टेंस पर शॉर्ट पोजीशन। टारगेट 240-230, स्टॉप-लॉस 255।
- लॉन्ग-टर्म: 2025 में भारत की डिमांड बढ़त से बुलिश, लेकिन अभी सतर्क रहें।
- सेक्टर फोकस: एनर्जी और यूटिलिटी सेक्टरों पर असर, खासकर पावर जनरेशन में।
7. जोखिम और सलाह
- बाजार में वोलेटिलिटी हो सकती है, खासकर ग्लोबल इन्वेंटरी डेटा से। स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करें।
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अच्छा समय अगर डिप पर खरीदें, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सपोर्ट पर नजर रखें।
