निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए 08 सितंबर 2025 का प्री-मार्केट विश्लेषण निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित है, जिसमें पिछले कारोबारी सत्र के डेटा, वैश्विक संकेत, तकनीकी स्तर, और ऑप्शन चेन डेटा शामिल हैं। यह विश्लेषण इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए उपयोगी हो सकता है। कृपया ध्यान दें कि यह विश्लेषण केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है, और ट्रेडिंग से पहले SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।
1. पिछले सत्र का प्रदर्शन (05 सितंबर 2025)
- क्लोजिंग मूल्य: निफ्टी 50 इंडेक्स 05 सितंबर 2025 को 24,741.00 पर बंद हुआ, जिसमें 6.70 अंकों (+0.03%) की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
- दिन का रेंज:
- उच्चतम: 24,832
- न्यूनतम: 24,632
- ओपन: 24,818
- प्रीवियस क्लोज: 24,734.30
- प्रदर्शन: बाजार में अंतिम घंटे में खरीदारी देखी गई, जिसके कारण मामूली रिकवरी हुई। ऑटोमोटिव (+1.25%) और मेटल (+0.71%) सेक्टर में मजबूती रही, जबकि आईटी (-1.44%) और FMCG (-1.22%) सेक्टर में गिरावट देखी गई।
2. वैश्विक संकेत (Global Cues)
- SGX निफ्टी: SGX निफ्टी, जो भारतीय बाजार के लिए प्री-मार्केट संकेत देता है, 08 सितंबर को सुबह मामूली सकारात्मक रुझान दिखा रहा है। यह निफ्टी के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे सकता है।
- एशियाई बाजार: जापान (निक्केई), हांगकांग (हैंग सेंग), और अन्य एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान देखा जा रहा है। यदि एशियाई बाजार सकारात्मक रहते हैं, तो निफ्टी में शुरुआती तेजी संभव है।
- अमेरिकी बाजार: पिछले सत्र में डाउ जोन्स और नैस्डैक में हल्की गिरावट देखी गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियां, भारतीय बाजार पर प्रभाव डाल सकती हैं।
- FII/DII गतिविधि: अगस्त 2025 में FII ने -46,902.92 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि DII ने 94,828.55 करोड़ रुपये की खरीदारी की। यह ट्रेंड बाजार में अस्थिरता का संकेत देता है।
3. तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis)
- प्रमुख सपोर्ट स्तर:
- तात्कालिक सपोर्ट: 24,600 - 24,750
- अगला सपोर्ट: 24,500
- प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर:
- तात्कालिक रेजिस्टेंस: 24,900 - 25,000
- अगला रेजिस्टेंस: 25,100 - 25,250
- मूविंग एवरेज:
- निफ्टी वर्तमान में अपने 5-दिवसीय मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर कारोबार कर रहा है, जो सकारात्मक संकेत है। हालांकि, 200-दिवसीय EMA (लगभग 23,680) के पास मजबूत रेजिस्टेंस देखा जा सकता है।
- तकनीकी संकेतक:
- RSI (Relative Strength Index): RSI 50-55 के बीच है, जो न तो ओवरबॉट है और न ही ओवरसोल्ड। यह तटस्थ से सकारात्मक रुझान दर्शाता है।
- MACD: MACD में सकारात्मक क्रॉसओवर देखा गया है, जो इंट्राडे में खरीदारी के संकेत देता है।
- चार्ट पैटर्न: निफ्टी में निचले शीर्ष और निचले तल का पैटर्न बरकरार है, जो लंबी अवधि में मंदी का संकेत दे सकता है। हालांकि, इंट्राडे में काउंटर ट्रेंड रैली संभव है।
4. ऑप्शन चेन विश्लेषण (Option Chain Data)
- कॉल और पुट OI (Open Interest):
- अधिकतम कॉल OI: 25,000 और 25,200 स्ट्राइक पर, जो मजबूत रेजिस्टेंस का संकेत देता है।
- अधिकतम पुट OI: 24,500 और 24,600 स्ट्राइक पर, जो मजबूत सपोर्ट का संकेत देता है।
- PCR (Put-Call Ratio): यदि PCR 1 से अधिक है, तो यह खरीदारी की मजबूती दर्शाता है। वर्तमान में PCR तटस्थ स्तर पर है।
- इंट्राडे रणनीति:
- यदि निफ्टी 24,900 के ऊपर टिकता है, तो कॉल खरीदारी (25,000 CE) पर विचार किया जा सकता है।
- यदि निफ्टी 24,600 से नीचे टूटता है, तो पुट खरीदारी (24,500 PE) पर विचार करें।
5. इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीति
- बुलिश रणनीति:
- यदि निफ्टी 24,900 को तोड़ता है, तो 25,000-25,100 की ओर तेजी संभव है। खरीदारी के लिए 24,850-24,900 के बीच का स्तर उपयुक्त हो सकता है, स्टॉप लॉस 24,750 के साथ।
- बेयरिश रणनीति:
- यदि निफ्टी 24,600 के नीचे टूटता है, तो 24,500-24,400 की ओर गिरावट संभव है। बिकवाली के लिए 24,600-24,650 के बीच का स्तर उपयुक्त हो सकता है, स्टॉप लॉस 24,800 के साथ।
- रेंज-बाउंड ट्रेडिंग:
- यदि बाजार 24,600-24,900 के बीच रहता है, तो रेंज-बाउंड रणनीति अपनाएं। दोनों सिरों पर खरीदारी/बिकवाली करें।
6. प्रमुख स्टॉक पर नजर
- टॉप गेनर्स: M&M (+5.95%), बजाज फाइनेंस (+4.29%), अपोलो हॉस्पिटल (+2.12%)। इन स्टॉक्स में इंट्राडे खरीदारी के अवसर हो सकते हैं।
- टॉप लूजर्स: टाटा कंज्यूमर (-3.02%), HDFC लाइफ (-2.86%), मारुति (-1.78%)। इनमें बिकवाली का दबाव रह सकता है।
- सेक्टर फोकस: ऑटो, मेटल, और बैंकिंग सेक्टर में सकारात्मक रुझान संभव है, जबकि आईटी और FMCG में कमजोरी रह सकती है।
7. संभावित रेंज और रुझान
- संभावित रेंज: निफ्टी 24,600 से 25,000 के बीच कारोबार कर सकता है।
- रुझान: साइडवेज से बुलिश। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं और 24,900 का स्तर टूटता है, तो तेजी की संभावना बढ़ेगी।
- प्रमुख ट्रिगर:
- वैश्विक बाजारों की चाल (विशेष रूप से अमेरिकी और एशियाई बाजार)।
- रुपये की स्थिति: डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी बाजार पर दबाव डाल सकती है।
- FII गतिविधि: यदि FII बिकवाली कम करते हैं, तो बाजार में स्थिरता आ सकती है।
8. सावधानी और अस्वीकरण
- शेयर बाजार में ट्रेडिंग जोखिम भरा है। इंट्राडे ट्रेडिंग में तेज उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए सख्त स्टॉप लॉस का उपयोग करें।
डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण सूचना मात्र है, निवेश सलाह नहीं। बाजार जोखिमपूर्ण है, एसईबीआई(SEBI) पंजीकृत सलाहकार से परामर्श लें।
