बाजार का अवलोकन
8 सितंबर 2025 को निफ्टी 50 इंडेक्स 24,773.15 पर बंद हुआ, जिसमें 32.15 अंकों (0.13%) की बढ़त दर्ज की गई। आज, 9 सितंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार के लिए प्री-मार्केट संकेत मिश्रित हैं। वैश्विक संकेतों, घरेलू आर्थिक आंकड़ों, और तकनीकी स्तरों के आधार पर बाजार में अस्थिरता की संभावना है। GIFT निफ्टी फ्यूचर्स 24,888 पर कारोबार कर रहे हैं, जो पिछले बंद से लगभग 36 अंक ऊपर है, यह दर्शाता है कि बाजार सकारात्मक शुरुआत कर सकता है।
मुख्य प्रभावित करने वाले कारक
वैश्विक संकेत:
अमेरिकी बाजार: पिछले सत्र में डाउ जोंस और S&P 500 में मामूली गिरावट देखी गई, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों पर चिंताओं को दर्शाता है।
एशियाई बाजार: निक्केई और हैंग सेंग जैसे प्रमुख एशियाई इंडेक्स में कमजोरी देखी जा रही है, जो भारतीय बाजार पर दबाव डाल सकता है।
कमोडिटी: कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन सोने की कीमतों में बढ़ोतरी (लगभग $3,545/oz) वैश्विक अनिश्चितता को दर्शाती है।
घरेलू कारक:
FPI और DII गतिविधि: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) पिछले सत्र में नेट सेलर रहे, जिन्होंने 106.34 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) 2,233.09 करोड़ रुपये के नेट बायर रहे। यह मिश्रित गतिविधि बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
आर्थिक डेटा: इस सप्ताह CPI इन्फ्लेशन और IIP डेटा की घोषणा हो सकती है, जो बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित करेगा।
GIFT निफ्टी: GIFT निफ्टी 24,888 पर ट्रेड कर रहा है, जो सकारात्मक ओपनिंग का संकेत देता है।
तकनीकी विश्लेषण
पिछला प्रदर्शन: निफ्टी ने 8 सितंबर को 24,708.20 (निम्न) से 24,980.75 (उच्च) तक का रेंज देखा और 24,773.15 पर बंद हुआ।
सपोर्ट लेवल: 24,750-24,800 मजबूत सपोर्ट जोन है। यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो 24,600 अगला सपोर्ट हो सकता है।
रेजिस्टेंस लेवल: 25,000-25,100 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है। इस स्तर को तोड़ने पर निफ्टी 25,250-25,400 की ओर बढ़ सकता है।
तकनीकी संकेतक:
RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स): RSI 58 के आसपास है, जो न तो ओवरबॉट और न ही ओवरसोल्ड जोन को दर्शाता है, यह एक साइडवेज से बुलिश ट्रेंड का संकेत देता है।
MACD: MACD लाइन सिग्नल लाइन के ऊपर है, जो शॉर्ट-टर्म में सकारात्मक मोमेंटम को दर्शाता है।
मूविंग एवरेज: निफ्टी 50-डे मूविंग एवरेज (24,600) से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो बुलिश सेंटीमेंट को सपोर्ट करता है।
अनुमानित रेंज और ट्रेंड
अनुमानित रेंज: आज निफ्टी 24,850-25,250 के बीच ट्रेड कर सकता है।
बायस: साइडवेज से बुलिश। यदि निफ्टी 25,000 के ऊपर ब्रेकआउट करता है, तो तेजी की गति बढ़ सकती है। हालांकि, 24,750 से नीचे गिरावट पर मंदी का दबाव बन सकता है।
प्री-मार्केट भविष्यवाणी: विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी 24,767 के आसपास खुल सकता है, जिसमें 24,500 (निम्न) से 25,250 (उच्च) का संभावित रेंज है।
सेक्टर और स्टॉक फोकस
मजबूत सेक्टर:
बैंकिंग: HDFC बैंक, ICICI बैंक, और Axis बैंक जैसे स्टॉक्स मजबूत प्रदर्शन दिखा सकते हैं। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 0.68% की बढ़त देखी गई थी।
ऑटोमोबाइल: आयशर मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, और मारुति सुजुकी में सकारात्मक गति बनी रह सकती है।
आईटी: TCS और Infosys जैसे स्टॉक्स वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेंगे, लेकिन शॉर्ट-टर्म में स्थिर रह सकते हैं।
कमजोर सेक्टर:
एनर्जी: रिलायंस इंडस्ट्रीज और ONGC जैसे स्टॉक्स में कमजोरी देखी जा सकती है।
मेटल्स: टाटा स्टील और JSW स्टील में मुनाफावसूली का दबाव रह सकता है।
इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीति
बाय सेटअप:
लेवल: 24,785 के ऊपर खरीदें
टारगेट: 24,900, 25,065, 25,150
स्टॉप लॉस: 24,580
सेल सेटअप:
लेवल: 24,520 के नीचे बेचें
टारगेट: 24,420, 24,240, 24,040
स्टॉप लॉस: 24,600
सुझाव: सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखें। 25,000 के ऊपर ब्रेकआउट पर तेजी की पोजीशन लें, और 24,750 से नीचे गिरावट पर सतर्क रहें। ऑप्शन ट्रेडर्स कॉल और पुट ऑप्शंस में 24,800-25,000 स्ट्राइक प्राइस पर फोकस कर सकते हैं।
प्रमुख निगरानी बिंदु
वॉल्यूम: उच्च ट्रेडिंग वॉल्यूम ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन की पुष्टि करेगा।
वैश्विक संकेत: अमेरिकी और एशियाई बाजारों के शुरुआती रुझान पर नजर रखें।
FPI/DII गतिविधि: FPI की बिकवाली और DII की खरीदारी बाजार की दिशा को प्रभावित करेगी।
आर्थिक डेटा: CPI और IIP डेटा की घोषणा से पहले सतर्कता बरतें।
निष्कर्ष
9 सितंबर 2025 के लिए निफ्टी 50 का प्री-मार्केट विश्लेषण साइडवेज से बुलिश बायस दर्शाता है, जिसमें 24,850-25,250 का ट्रेडिंग रेंज संभावित है। बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में मजबूती की उम्मीद है, जबकि एनर्जी और मेटल्स में सावधानी की जरूरत है। ट्रेडर्स को 24,750 (सपोर्ट) और 25,000 (रेजिस्टेंस) पर नजर रखनी चाहिए। सख्त स्टॉप लॉस और जोखिम प्रबंधन का पालन करें।
डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। निवेश निर्णय लेने से पहले SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
