नयी दिल्ली: भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोशेट ने पाकिस्तान के बल्लेबाज साहिबजादा फरहान के अर्धशतक बनाने के बाद बंदूक चलाने वाले अंदाज में जश्न मनाने के मुद्दे पर बात की। डोशेट ने कहा कि भारत सिर्फ अपने खेल पर ध्यान रखना चाहता है।
यह घटना 21 सितंबर 2025 को हुई, जब भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप का सुपर फोर मैच खेला गया। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और फरहान ने शानदार शुरुआत दी। तीसरे ओवर में हार्दिक पांड्या ने फखर जमान को सस्ते में आउट कर दिया, लेकिन फरहान ने सईम अयूब के साथ मिलकर साझेदारी निभाई। दसवें ओवर में अक्षर पटेल की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने मिडविकेट के ऊपर जबरदस्त सिक्स लगाया, जो उनकी अर्धशतक पूरी करने वाला शॉट था। 45 गेंदों पर 58 रन बनाकर वे शानदार फॉर्म में थे, लेकिन जश्न ने सब कुछ बदल दिया।
फरहान ने डगआउट की ओर इशारा करते हुए बल्ले को बंदूक की तरह पकड़ा और ट्रिगर दबाने का अभिनय किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। भारतीय प्रशंसकों ने इसे अपमानजनक बताया। एक यूजर ने लिखा, "यह तो हमारे सैनिकों का अपमान है। AK-47 का इशारा करके क्या संदेश देना चाहते हैं?" कुछ ने इसे पहलगाम हमले से जोड़ दिया, जहां हाल ही में 26 निर्दोषों की हत्या हुई थी। पाकिस्तानी प्रशंसकों ने इसे जश्न का हिस्सा बताया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। हरिस रऊफ का फाइटर जेट सल्यूट भी चर्चा में आ गया, जिसने राजनीतिक बहस को हवा दी। कुछ राजनेताओं ने तो पाकिस्तान के खिलाफ बॉयकॉट की मांग तक कर दी।
फरहान ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई दी। उन्होंने कहा, "यह तो बस उसी पल की बात थी। मैं जश्न के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। लोगों को जो लगे, लगे, मुझे परवाह नहीं। हम आक्रामक क्रिकेट खेलते हैं, चाहे कोई भी टीम हो।" उनका यह बयान और विवाद को बढ़ावा दे गया। कुछ ने इसे एमएस धोनी के 2006 के पुराने जश्न से तुलना की, लेकिन संदर्भ अलग था। धोनी का जश्न खेलप्रिय था, जबकि फरहान का संवेदनशील लग रहा। पाकिस्तान ने 171 रन बनाए, लेकिन भारत ने 7 गेंद शेष रहते 6 विकेट से जीत हासिल कर ली। अभिषेक शर्मा और हार्दिक पांड्या की पारी ने पाकिस्तान को पटखनी दी।
अब टीम इंडिया की प्रतिक्रिया ने सुकून दिया। 23 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेयान टेन डोशेट ने कहा, "हमने अच्छी शुरुआत देखी, लेकिन हमने कमबैक किया। यह जश्न हमारे खिलाफ नहीं चलेगा। हम अपनी भावनाओं को कंट्रोल करेंगे और क्रिकेट खेलेंगे। जीत हमारा लक्ष्य है।" कप्तान रोहित शर्मा ने भी अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि ऐसे जश्न खेल की भावना के खिलाफ हैं। यह प्रतिक्रिया प्रशंसकों को पसंद आई, क्योंकि यह परिपक्वता दिखाती है।
यह विवाद क्रिकेट को राजनीति से जोड़ने का एक और उदाहरण है। भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा भावुक होते हैं, लेकिन खिलाड़ियों को सतर्क रहना चाहिए। फरहान की प्रतिभा शानदार है, लेकिन जश्न ने उनकी पारी को ढक दिया। टीम इंडिया की प्रतिक्रिया से साफ है कि वे खेल पर फोकस रखेंगे। एशिया कप में आगे पाकिस्तान को श्रीलंका से भिड़ना है, और अगर वे फाइनल में पहुंचे, तो तीसरा मुकाबला और रोमांचक होगा। लेकिन उम्मीद है कि अगली बार जश्न सिर्फ बल्ले और गेंद तक सीमित रहें। क्रिकेट को शांति का मैदान बनाना चाहिए, न कि विवादों का।
