Nifty 50 Post Market Analysis: निफ्टी 50 पोस्ट मार्केट विश्लेषण (4 सितंबर 2025)

Rajeev
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बाजार अवलोकन

4 सितंबर 2025 को निफ्टी 50 सूचकांक ने सकारात्मक रुझान दिखाया, जो 24,734.30 पर बंद हुआ, जो पिछले 24 घंटों में 0.08% की वृद्धि दर्शाता है। दिन की शुरुआत स्थिर रही, सूचकांक 24,980.75 के करीब खुला, जिसमें 265.70 अंकों वृद्धि देखी गई। दिन के दौरान, निफ्टी ने 24,930 के स्तर को पुनः प्राप्त किया, जो धातु और बैंकिंग शेयरों के मजबूत प्रदर्शन से समर्थित था। हालांकि, विदेशी फंडों के लगातार बहिर्वाह ने बाजार की गति को कुछ हद तक प्रभावित किया।

  • प्रतिरोध क्षेत्र:

    • तात्कालिक प्रतिरोध: 24,700–24,800 (मजबूत ऑर्डर ब्लॉक)

    • अगला प्रतिरोध: 25,000–25,250 (यदि 24,700 से ऊपर टिकता है)

  • समर्थन क्षेत्र:

    • तात्कालिक समर्थन: 24,400

    • प्रमुख समर्थन: 24,300–24,200 (डिस्काउंट जोन/फेयर वैल्यू गैप)

    • गहरा समर्थन: 24,000 (यदि नीचे की ओर टूटता है)

तकनीकी विश्लेषण

  • संकेतक:

    • RSI (14): 46.89 (न्यूट्रल, न तो ओवरबॉट और न ही ओवरसोल्ड)

    • MACD (12,26,9): -214.45 (मंदी का रुझान)

    • Stochastic (20,3): 43.41 (न्यूट्रल)

    • ROC (20): -0.63 (हल्का मंदी)

    • CCI (20): -39.85 (न्यूट्रल)

    • ADX (14): 26.13 (मध्यम प्रवृत्ति शक्ति)

  • शीर्ष क्षेत्र:

    • निफ्टी मेटल: धातु शेयरों ने दिन का नेतृत्व किया, जो मजबूत रिबाउंड और उच्च ट्रेडिंग वॉल्यूम से प्रेरित था।

    • निफ्टी फार्मा: फार्मास्युटिकल शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जो स्थिर मांग और Factors: 1. मजबूत क्षेत्रीय प्रदर्शन: धातु और बैंकिंग क्षेत्रों ने बाजार की रिकवरी का नेतृत्व किया। विशेष रूप से, स्टील शेयरों में उछाल देखा गया।

  1. उपभोक्ता वस्तुएं: जीएसटी कटौती की उम्मीदों ने ऑटो और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक भावना को बढ़ाया।

  • अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन:

    • श्री सीमेंट्स: 2.03% की वृद्धि, 150-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर बंद हुआ।

    • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स: 2.24% की वृद्धि, 150-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर।

    • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन: 2.15% की वृद्धि, 150-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर।

बाजार की गतिशीलता

  • FII/DII गतिविधि:

    • विदेशी संस्थागत निवेशक (FII): 1,159.48 करोड़ रुपये की शुद्ध बिक्री।

    • घरेलू संस्थागत निवेशक (DII): 2,549.51 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी, जो बाजार को समर्थन प्रदान कर रही है।

  • वैश्विक संकेत: वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ रही है, विशेष रूप से अमेरिका, यूके और फ्रांस में बॉन्ड बाजारों पर दबाव के कारण। हालांकि, भारत-केंद्रित FPI और ETF में कुछ रुचि बनी हुई है।

  • जीएसटी परिषद की बैठक: जीएसटी दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों ने ऑटो और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक भावना को बढ़ावा दिया।

ट्रेडिंग रणनीति

  • खरीदारी के अवसर:

    • 24,700 के ऊपर खरीदें: लक्ष्य: 24,785, 24,900, 25,065; स्टॉप-लॉस: 24,430

    • डिप पर खरीद रणनीति लंबी अवधि के लिए उपयुक्त मानी जा रही है, क्योंकि बाजार आकर्षक मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है।

  • बिक्री के अवसर:

    • 24,405 के नीचे बेचें: लक्ष्य: 24,350, 24,240, 24,040; स्टॉप-लॉस: 24,470

    • यदि सूचकांक 24,400 से नीचे टूटता है, तो और मंदी की संभावना बढ़ सकती है।

  • लंबी अवधि का दृष्टिकोण: 25,000 के स्तर से ऊपर टिकने से तेजी का रुझान बना रहेगा। 23,930 से नीचे गिरावट मंदी को बढ़ा सकती है।

जोखिम और अस्वीकरण

वित्तीय उपकरणों और डेरिवेटिव में ट्रेडिंग में उच्च जोखिम शामिल है। निवेशकों को अपने निवेश उद्देश्यों, अनुभव के स्तर और जोखिम की भूख को ध्यान में रखकर सावधानीपूर्वक निवेश करना चाहिए। डेटा वास्तविक समय में सटीक नहीं हो सकता है और व्यापारिक उद्देश्यों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता।

निष्कर्ष

निफ्टी 50 ने 4 सितंबर 2025 को एक स्थिर प्रदर्शन दिखाया, जो धातु और बैंकिंग क्षेत्रों के समर्थन से 24,700 के स्तर को पुनः प्राप्त करने में सफल रहा। तकनीकी संकेतक मिश्रित संकेत दे रहे हैं, जिसमें अल्पकालिक समय सीमाओं में खरीदारी का रुझान और दैनिक चार्ट पर मंदी का संकेत शामिल है। जीएसटी परिषद की बैठक और FII बहिर्वाह पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि ये कारक निकट अवधि में बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण सूचना मात्र है, निवेश सलाह नहीं। बाजार जोखिमपूर्ण है, एसईबीआई(SEBI) पंजीकृत सलाहकार से परामर्श लें।

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