29 Sep 2025 Nifty 50 Intraday Post Market Analysis: निफ्टी 50 की पोस्ट मार्केट विस्तृत विश्लेषण!

Rajeev
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निफ्टी 50: 29 सितंबर 2025 की पोस्ट मार्केट विस्तृत विश्लेषण

आज का अवलोकन:
29 सितंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरी ट्रेडिंग रही, जो आरबीआई की ब्याज दर निर्णय की प्रत्याशा में सतर्कता से प्रभावित रही। निफ्टी 50 इंडेक्स ने सपाट से नकारात्मक बंदी की, लगातार सातवें सत्र में गिरावट दर्ज की। इंडेक्स 24,634.90 के स्तर पर 19.80 अंकों या 0.08% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.08% या 59.87 अंकों की गिरावट के साथ 82,102.10 पर सेटल हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक व्यापार चिंताओं ने बाजार को दबाव में रखा।

इंट्राडे मूवमेंट:

  • ओपन: 24,675.15 (सुबह के शुरुआती सत्र में 0.08% या 20.45 अंकों की बढ़त के साथ खुला)।
  • हाई: 24,705.70 (दोपहर के सत्र में चयनात्मक खरीदारी पर पहुंचा, जो लगभग 0.20% की बढ़त दर्शाता है)।
  • लो: 24,634.90 (दोपहर बाद की कमजोरी में टच किया, जो दिन की निचली सीमा थी)।
  • क्लोज: 24,634.90।

दिन की शुरुआत सकारात्मक रही, जहां निफ्टी ने सुबह के घंटों में हरे निशान में ट्रेड किया। दोपहर तक यह उच्च स्तर पर पहुंचा, लेकिन बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टरों में बिकवाली के दबाव से दोपहर बाद गिरावट शुरू हो गई। कुल मिलाकर, वॉल्यूम सामान्य रहा (लगभग 394 मिलियन शेयर्स), लेकिन FII की नेट बिकवाली ₹2,500 करोड़ से अधिक रही, जो बाजार की सतर्कता को दर्शाती है। दिन भर में इंडेक्स ने 70 अंकों का रेंज बनाया, जो अस्थिरता का संकेत देता है।

तकनीकी विश्लेषण:
निफ्टी 50 वर्तमान में 24,600-24,800 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के पास ट्रेड कर रहा है। आज की गिरावट ने इसे 50-दिन के मूविंग एवरेज (DMA) के नीचे धकेल दिया, जो शॉर्ट-टर्म बियरिश सिग्नल देता है।

  • सपोर्ट लेवल: 24,600 (तत्काल), 24,500 (मजबूत), 24,300 (गहन)।
  • रेजिस्टेंस लेवल: 24,700 (तत्काल), 24,800 (मध्यम), 25,000 (मनोवैज्ञानिक)। आरएसआई (14-पीरियड) 45 के आसपास है, जो ओवरसोल्ड की ओर इशारा करता है, जबकि MACD ने बियरिश क्रॉसओवर दिखाया। यदि कल 24,600 के नीचे ब्रेक होता है, तो 24,300 तक की गिरावट संभव; ऊपर की ओर, 24,800 ब्रेकआउट पर 25,000 का लक्ष्य बन सकता है। वॉलेटाइल ट्रेडिंग के बीच, ट्रेडर्स को RBI पॉलिसी पर नजर रखनी चाहिए।

सेक्टर परफॉर्मेंस:
बाजार मिश्रित रहा, जहां कुछ सेक्टरों में चयनात्मक खरीदारी हुई जबकि बैंकिंग और एफएमसीजी पर दबाव पड़ा। नीचे टेबल में मुख्य सेक्टरों की झलक:

सेक्टरपरिवर्तन (%)मुख्य प्रभाव
बैंकिंग-0.85एक्सिस बैंक (-1.60%) और आईसीआईसीआई बैंक की कमजोरी से दबाव; क्रेडिट ग्रोथ चिंताएं।
एफएमसीजी-1.20HUL (-2.67%) और नेस्ले (-1.03%) की गिरावट; ग्रामीण मांग की चिंता।
मेटल+1.15टाटा स्टील (+1.08%) और JSW स्टील (+0.86%) की मजबूती; ग्लोबल कमोडिटी रिकवरी।
डिफेंस/कंज्यूमर+1.50BEL (+2.29%) और टाइटन (+1.16%) लीड; सरकारी ऑर्डर और फेस्टिव सीजन बूस्ट।
ऑटो-0.45मारुति (-0.80%) की कमजोरी; EV शिफ्ट और सेमीकंडक्टर चिंताएं।
आईटी-0.30मिश्रित; इंफोसिस फ्लैट, लेकिन US वीजा फीस बढ़ोतरी का डर।


कुल 50 स्टॉक्स में से 44 लाल निशान में बंद हुए, जो ब्रॉड-बेस्ड सेलिंग दर्शाता है।

टॉप गेनर्स और लूजर्स (निफ्टी 50 से):
टॉप गेनर्स:

  • BEL: +2.29% (डिफेंस सेक्टर बूम)
  • Eternal: +2.02% (कंज्यूमर गुड्स रिकवरी)
  • टाइटन: +1.16% (ज्वेलरी डिमांड)
  • टाटा स्टील: +1.08% (मेटल रैली)
  • JSW स्टील: +0.86% (इंफ्रास्ट्रक्चर पुश)

टॉप लूजर्स:

  • HUL: -2.67% (एफएमसीजी स्लंप)
  • एक्सिस बैंक: -1.60% (बैंकिंग प्रेशर)
  • नेस्ले इंडिया: -1.03% (कंज्यूमर स्लोडाउन)
  • मारुति: -0.80% (ऑटो सेल्स चिंता)
  • L&T: -0.53% (इंफ्रा कॉस्ट बढ़ोतरी)

वैश्विक संकेत और प्रमुख समाचार:

  • ग्लोबल क्यूज: US मार्केट्स मिश्रित बंद; नैस्डैक +0.2%, लेकिन H-1B वीजा फीस बढ़ोतरी और फार्मा पर टैरिफ की चिंता से IT/फार्मा स्टॉक्स पर दबाव। एशियाई बाजार लाल (निक्केई -0.4%), यूरोपीय इंडेक्स फ्लैट।
  • घरेलू फैक्टर्स: RBI की MPC मीटिंग कल (30 सितंबर) से बाजार सतर्क; रेट कट की उम्मीद 25 bps। FII ने ₹2,500 करोड़ की बिकवाली की, जबकि DII ने ₹1,800 करोड़ की खरीदारी। मूडीज ने भारत की सॉवरेन रेटिंग 'Baa3' को स्टेबल आउटलुक के साथ बरकरार रखा।
  • अन्य: रुपया 88.79/USD पर ऑल-टाइम लो पर बंद, जो इम्पोर्ट-हैवी सेक्टर्स को प्रभावित करेगा। गोल्ड ₹78,500/10g और सिल्वर ₹1,02,000/kg पर रिकॉर्ड हाई; फेड रेट कट उम्मीद। क्रूड ऑयल $72/बैरल पर नीचे, OPEC+ उत्पादन बढ़ोतरी से। जागुआर लैंड रोवर ने साइबर अटैक के बाद प्रोडक्शन रिज्यूम किया।

कल का आउटलुक:
आरबीआई पॉलिसी के फैसले पर नजर रहेगी। यदि रेट कट होता है, तो बैंकिंग और रियल्टी में बाउंस संभव; अन्यथा, 24,500 तक टेस्ट हो सकता है। ट्रेडर्स को 24,600 के सपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए—ब्रेक पर शॉर्ट पोजीशन, जबकि होल्ड पर लॉन्ग। समग्र रूप से, सतर्क रहें; फेस्टिव सीजन से लॉन्ग-टर्म बुलिश बायस बरकरार। निवेशक डिप्स पर ब्लू-चिप्स में खरीदारी पर विचार करें।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण केवल सूचना के उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और एसईबीआई(SEBI) पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

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