Adani Green Energy shares rally 14%, Here are key things to know from Q2 earnings: अडानी ग्रीन एनर्जी शेयरों में 14% की तेजी, Q2 आय से जानने योग्य प्रमुख बातें

Rajeev
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अडानी ग्रीन एनर्जी शेयरों में 14% की तेजी: Q2 आय से जानने योग्य प्रमुख बातें

29 अक्टूबर 2025 – भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के शेयरों ने मंगलवार को जबरदस्त उछाल मारा। कंपनी की Q2 FY26 आय रिपोर्ट जारी होने के बाद शेयरों में 14% की तेजी आई और यह ₹1,145 के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले चार सप्ताह का उच्चतम स्तर है। यह रैली निवेशकों के बीच कंपनी की मजबूत परिचालन क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग को लेकर उत्साह का संकेत है। लेकिन क्या यह तेजी सिर्फ अस्थायी है या लंबे समय तक बनी रह सकती है? आइए, Q2 आय के प्रमुख आंकड़ों और अंतर्दृष्टियों पर गहराई से नजर डालें।

Q2 FY26 की वित्तीय हाइलाइट्स: लाभ में उछाल, लेकिन आय में उतार-चढ़ाव

अडानी ग्रीन एनर्जी ने 28 अक्टूबर 2025 को अपनी अनऑडिटेड वित्तीय परिणाम जारी किए, जो जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY26) के लिए हैं। कंपनी की समेकित कुल आय Q2 में ₹3,249 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹3,996 करोड़ से 4.3% घटी। हालांकि, संचालन से राजस्व (रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस) ₹3,008 करोड़ पर स्थिर रहा, जिसमें पावर सप्लाई से ₹2,776 करोड़ की कमाई प्रमुख रही। अन्य आय ₹241 करोड़ रही, जो मुख्य रूप से ब्याज और लाभांश से आई।

सबसे उत्साहजनक खबर लाभ की है। समेकित लाभ बाद कर (PAT) Q2 में ₹644 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के ₹276 करोड़ से 111% की छलांग है। आधे वर्ष (H1 FY26) के लिए PAT ₹1,468 करोड़ रहा। EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिशिएशन एंड अमोर्टाइजेशन) H1 में ₹5,651 करोड़ पर पहुंचा, जो YoY 25% ऊपर है, और पावर सप्लाई से मार्जिन 91.8% रही। यह वृद्धि ऊर्जा बिक्री में तेजी और परिचालन दक्षता से संभव हुई।

कैश प्रॉफिट H1 में ₹3,094 करोड़ रहा, जो 17% YoY बढ़ा। हालांकि, असाधारण मदों में ₹83 करोड़ का खर्च दिखा, जो मुख्य रूप से उधारों के रिफाइनेंसिंग, प्रोजेक्ट राइट-ऑफ और कानूनी शुल्क से जुड़ा। कुल मिलाकर, ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी लागत नियंत्रण और राजस्व विविधीकरण में सफल रही है।

ऊर्जा उत्पादन और क्षमता विस्तार: नवीकरणीय ऊर्जा का मजबूत आधार

अडानी ग्रीन का कोर स्ट्रेंथ उसकी क्षमता वृद्धि में है। Q2 के अंत तक कंपनी की परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा (RE) क्षमता 16,680 मेगावाट (MW) हो गई, जो YoY 49% की वृद्धि है। H1 में 2,437 MW की ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ी गई, जिसमें सोलर (4,200 MW), विंड (491 MW) और हाइब्रिड (805 MW) प्रोजेक्ट शामिल हैं। यह FY25 की कुल वृद्धि का 74% है।

ऊर्जा बिक्री में भी 39% YoY उछाल आया, H1 में 19,569 मिलियन यूनिट्स (MU) बिकीं। पावर सप्लाई राजस्व H1 में ₹6,088 करोड़ पहुंचा, जो 26% ऊपर है। गुजरात के खावड़ा में 30 GW RE प्लांट पर काम तेजी से चल रहा है, जहां 7.1 GW पहले से परिचालन में है। 2029 तक 30 GW का लक्ष्य हासिल करने की योजना है, जो कंपनी को भारत के नेट-जीरो लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका देगी।

प्रबंधन की टिप्पणियां: चुनौतियां और अवसर

अडानी ग्रीन के प्रबंधन ने कहा कि यह क्षमता वृद्धि कंपनी की 'ग्रोथ विद गुडनेस' रणनीति का हिस्सा है। CEO विनीत एस जैन ने बताया, "हमारी H1 वृद्धि न केवल मात्रा में बल्कि गुणवत्ता में भी है, जिसमें उच्च मार्जिन वाले हाइब्रिड प्रोजेक्ट शामिल हैं।" हालांकि, अमेरिकी DOJ और SEC द्वारा कुछ निदेशकों पर लगाए गए आरोपों का जिक्र किया गया, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया कि इससे परिणामों पर कोई मटेरियल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

चुनौतियां भी हैं – कुल आय में गिरावट मुख्य रूप से उपकरण बिक्री में कमी से आई, जो H1 में ₹1,167 करोड़ रही। वैश्विक सप्लाई चेन मुद्दे और ब्याज दरों का दबाव भी बरकरार है। फिर भी, कंपनी ने FY26 के लिए 20-25% ऊर्जा बिक्री वृद्धि का अनुमान लगाया है।

बाजार की प्रतिक्रिया: निवेशकों का भरोसा क्यों बढ़ा?

शेयरों की 14% रैली से BSE सेंसेक्स में भी योगदान मिला। विश्लेषकों का मानना है कि लाभ दोगुना होना और क्षमता वृद्धि निवेशकों को आकर्षित कर रही है। ब्रोकरेज फर्म्स जैसे मोटिलाल ओसवाल ने टारगेट प्राइस ₹1,200 रखा है, जबकि कुछ ने 'बाय' रेटिंग दी। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी समर्थन, जैसे PLI स्कीम और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, AGEL को फायदा पहुंचा रहे हैं।

भविष्य की संभावनाएं: सस्टेनेबल ग्रोथ का रोडमैप

अडानी ग्रीन 2030 तक 45 GW क्षमता का लक्ष्य रख रही है, जिसमें सोलर, विंड और हाइड्रोजन पर फोकस है। वैश्विक जलवायु परिवर्तन समझौतों से मांग बढ़ेगी। हालांकि, प्रतिस्पर्धा (जैसे टाटा पावर, रिलायंस) और नियामक जोखिम बने रहेंगे। निवेशकों को सलाह है कि लंबी अवधि के लिए होल्ड करें, लेकिन शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी का ध्यान रखें।

निष्कर्ष: हरित ऊर्जा की चमकदार कहानी

अडानी ग्रीन की Q2 आय न केवल वित्तीय मजबूती दिखाती है बल्कि भारत की हरित क्रांति में उसकी भूमिका को रेखांकित करती है। 14% की शेयर रैली इसकी पुष्टि है। लेकिन स्मार्ट निवेश के लिए आंकड़ों के साथ जोखिमों का आकलन जरूरी। क्या आप AGEL में निवेश पर विचार कर रहे हैं? कमेंट्स में अपनी राय साझा करें!

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