CBDT Extends Deadlines For Filing Of Income Tax Return In Audit Cases For A.Y. 2025-26: ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई!

Rajeev
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CBDT ने AY 2025-26 के लिए ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई

नमस्कार पाठकों! यदि आप एक व्यवसायी, प्रोफेशनल या कंपनी के मालिक हैं, तो आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय सीमाओं को लेकर आपकी चिंता हमेशा बनी रहती है। विशेष रूप से उन मामलों में जहां अकाउंट्स की ऑडिटिंग अनिवार्य होती है, वहां समय की कमी एक बड़ी समस्या बन जाती है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। 29 अक्टूबर 2025 को जारी प्रेस रिलीज के माध्यम से CBDT ने आकलन वर्ष (AY) 2025-26 के लिए ऑडिट मामलों में टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ITR दाखिल करने की डेडलाइन को बढ़ा दिया है। आइए इस बदलाव को विस्तार से समझते हैं।

यह विस्तार क्यों महत्वपूर्ण है?

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत, सामान्य व्यक्तियों के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई होती है, लेकिन जिन करदाताओं के अकाउंट्स की ऑडिटिंग आवश्यक है (जैसे कंपनियां, फर्म्स, प्रोप्राइटरशिप आदि), उनके लिए यह तिथि मूल रूप से 31 अक्टूबर 2025 थी। इसी तरह, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (फॉर्म 3CA/3CB) की डेडलाइन 30 सितंबर 2025 से पहले ही 31 अक्टूबर तक बढ़ाई जा चुकी थी। लेकिन कई प्रोफेशनल एसोसिएशंस (जैसे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के संगठन) की ओर से प्राप्त प्रतिनिधित्वों के आधार पर, CBDT ने और राहत दी है।

यह विस्तार बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तकनीकी चुनौतियों और व्यस्त समय-सारिणी के कारण उत्पन्न कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। CBDT की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल स्थिर और पूर्ण रूप से कार्यशील है, लेकिन यह कदम करदाताओं को अधिक समय देकर अनुपालन को आसान बनाता है।

नई समय सीमाएं क्या हैं?

CBDT के इस फैसले से निम्नलिखित बदलाव हुए हैं:

विवरणमूल तिथिनई तिथि
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि (धारा 44AB के तहत)31 अक्टूबर 202510 नवंबर 2025
ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि (ऑडिट मामलों में, धारा 139(1) के स्पष्टीकरण 2(क) के तहत)31 अक्टूबर 202510 दिसंबर 2025

ध्यान दें: यह विस्तार केवल उन करदाताओं के लिए है जो धारा 139(1) के स्पष्टीकरण 2(क) के अंतर्गत आते हैं, यानी जिनके अकाउंट्स आयकर अधिनियम या किसी अन्य कानून के तहत ऑडिटेड होने आवश्यक हैं। ट्रांसफर प्राइसिंग प्रावधानों (फॉर्म 3CEB) वाले मामलों में ITR की डेडलाइन अभी भी 30 नवंबर 2025 ही रहेगी।

किसे लाभ मिलेगा?

यह राहत मुख्य रूप से निम्न श्रेणियों के करदाताओं को मिलेगी:

  • व्यवसायी: जिनका टर्नओवर 1 करोड़ रुपये से अधिक हो।
  • प्रोफेशनल: जिनकी सकल प्राप्तियां 50 लाख रुपये से अधिक हों।
  • कंपनियां और फर्म्स: सभी प्रकार की कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म्स और वर्किंग पार्टनर्स।
  • अन्य: जिन्हें किसी अन्य कानून (जैसे कंपनीज एक्ट) के तहत ऑडिट कराना पड़ता हो।

इससे करदाता और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने और ITR फाइल करने के बीच एक महीने का अतिरिक्त अंतराल मिलेगा, जो कार्य को सुव्यवस्थित बनाएगा।

क्या करें अब?

यदि आप प्रभावित करदाता हैं, तो तुरंत तैयारी शुरू करें:

  1. ऑडिट रिपोर्ट तैयार करें: 10 नवंबर 2025 तक फॉर्म 3CA/3CB के माध्यम से सबमिट करें। ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपलोड करें।
  2. ITR फॉर्म चुनें: अपनी स्थिति के अनुसार ITR-3, ITR-5 या अन्य फॉर्म का चयन करें।
  3. दस्तावेज इकट्ठा करें: सभी फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, बही-खाते और प्रमाण-पत्र तैयार रखें।
  4. पेनल्टी से बचें: विलंबित दाखिले पर 50 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी लग सकती है, इसलिए समय पर फाइल करें।
  5. सहायता लें: यदि आवश्यक हो, तो किसी योग्य CA से संपर्क करें।

CBDT जल्द ही इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी करेगा, जिसका पालन अनिवार्य होगा।

निष्कर्ष

CBDT का यह कदम करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत है, जो अनुपालन को अधिक लचीला और तनाव-मुक्त बनाता है। AY 2025-26 (FY 2024-25) के लिए यह विस्तार न केवल समय बचाएगा, बल्कि सटीक फाइलिंग को भी प्रोत्साहित करेगा। यदि आपके पास कोई प्रश्न है, तो कमेंट्स में पूछें या आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त करें।

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