AUS vs IND, 2nd ODI: Gritty Rohit Sharma 73 in vain as India lose series in Adelaide
नमस्कार क्रिकेट प्रेमियों! आज हम बात कर रहे हैं भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में खेले गए दूसरे वनडे मैच की, जहां रोहित शर्मा की जुझारू 73 रनों की पारी व्यर्थ चली गई और भारत को 2 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत ने तीन मैचों की सीरीज गंवा दी, क्योंकि पहला मैच भी ऑस्ट्रेलिया ने जीता था। 23 अक्टूबर 2025 को खेला गया यह डे-नाइट मैच भारत के लिए निराशाजनक रहा, जहां टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 264/9 का स्कोर बनाया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इसे 46.2 ओवरों में 265/8 बनाकर हासिल कर लिया। आइए इस मैच का विस्तृत विश्लेषण करें।
मैच की शुरुआत टॉस से हुई, जहां भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। एडिलेड की धूप भरी पिच पर यह फैसला सही लग रहा था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों ने शुरुआत में ही भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। भारत की प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं था, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने नाथन एलिस की जगह जेवियर बार्टलेट को और जोश फिलिप की जगह एलेक्स कैरी को शामिल किया।
भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो ओपनर रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने सतर्क शुरुआत की, लेकिन सातवें ओवर में ही बार्टलेट ने दोहरी मार की। पहले गिल 9 रन बनाकर आउट हुए, फिर विराट कोहली चार गेंदों पर शून्य पर lbw हो गए। यह कोहली का लगातार दूसरा वनडे डक था, जो उनके करियर में पहली बार हुआ। रोहित ने शुरुआत में जोश हेजलवुड की गेंदों पर संघर्ष किया, लेकिन धीरे-धीरे लय पकड़ी। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 118 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जो भारत की पारी का आधार बनी। रोहित ने 97 गेंदों पर 73 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। इस पारी के दौरान उन्होंने सौरव गांगुली को पीछे छोड़कर भारत के लिए वनडे में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। अय्यर ने 61 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन 30वें ओवर में मिशेल स्टार्क की शॉर्ट गेंद पर रोहित आउट हो गए।
इसके बाद भारत का मध्यक्रम लड़खड़ा गया। केएल राहुल और अन्य बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए, और स्कोर 174/5 हो गया। अक्षर पटेल ने नंबर 5 पर 41 गेंदों पर 44 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसने भारत को 264 तक पहुंचाया। लेकिन कुल मिलाकर, भारत की बल्लेबाजी में गहराई की कमी नजर आई। गिल की कप्तानी में यह उनका दूसरा मैच था, और उनके 9 रन निराशाजनक रहे।
ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी शानदार रही। एडम जम्पा, जो पहले मैच में पितृत्व अवकाश पर थे, ने वापसी करते हुए 4/60 लिए और मैन ऑफ द मैच बने। उन्होंने अय्यर और राहुल को आउट किया। बार्टलेट ने 3/39 के साथ प्रभावित किया, खासकर कोहली को इनस्विंगर पर lbw करने वाला गेंद। हेजलवुड ने 10 ओवरों में सिर्फ 29 रन दिए, हालांकि उन्हें विकेट नहीं मिला। स्टार्क ने 1 विकेट लिया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने पिच से मिल रही सीम मूवमेंट का फायदा उठाया और भारत को बड़े स्कोर से रोका।
अब बात लक्ष्य का पीछा करने की। ऑस्ट्रेलिया को 265 रनों का लक्ष्य मिला, जो लाइट्स के नीचे चुनौतीपूर्ण था। ओपनर मिशेल मार्श 11 रन बनाकर अर्शदीप सिंह की गेंद पर निक हो गए। ट्रेविस हेड भी हर्षित राणा की गेंद पर आउट हुए। मैट रेंशॉ 30 रन बनाकर अक्षर पटेल की गेंद पर बोल्ड हो गए, और एलेक्स कैरी वाशिंगटन सुंदर की गेंद पर आउट। स्कोर 132/4 होने पर ऑस्ट्रेलिया मुश्किल में लग रही थी, लेकिन मैथ्यू शॉर्ट और कूपर कोनोली ने मोर्चा संभाला। शॉर्ट ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 74 रनों की पारी खेली (78 गेंदें), जबकि कोनोली ने 53 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाए। डेब्यूटेंट मिशेल ओवेन ने 23 गेंदों पर 36 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। अंत में तीन विकेट जल्दी गिरे, लेकिन कोनोली की शांतचित्तता से ऑस्ट्रेलिया ने 22 गेंदें बाकी रहते जीत हासिल की।
भारत की गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 2/41 लिए, लेकिन फील्डिंग में गलतियां महंगी पड़ीं। शॉर्ट को दो मौके मिले - एक ड्रॉप कैच और एक रनआउट चांस। हर्षित राणा की शॉर्ट पिच स्ट्रैटजी बैकफायर कर गई, क्योंकि ओवेन और कोनोली ने बड़े शॉट्स लगाए। अक्षर और सुंदर ने एक-एक विकेट लिया, लेकिन कुल मिलाकर भारत के गेंदबाज दबाव नहीं बना सके।
इस मैच का विश्लेषण करें तो भारत की हार के पीछे टॉप ऑर्डर का फेल होना और मध्यक्रम की कमजोरी मुख्य कारण रही। रोहित की पारी जुझारू थी, लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने साथ नहीं दिया। गिल की कप्तानी में टीम 2027 विश्व कप की तैयारी कर रही है, लेकिन यह शुरुआत अच्छी नहीं रही। कोहली का फॉर्म चिंता का विषय है, हालांकि एडिलेड में उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह जीत गहराई दिखाती है, जहां युवा खिलाड़ी जैसे शॉर्ट, कोनोली और ओवेन चमके। जम्पा की स्पिन और बार्टलेट की तेज गेंदबाजी ने मैच बदला।
निष्कर्ष में, यह मैच भारत के लिए सबक है कि वनडे में संतुलन जरूरी है। सीरीज हारने के बाद तीसरा मैच सिडनी में डेड रबर होगा, लेकिन भारत को सम्मान बचाने के लिए जीतना होगा। रोहित की पारी याद रहेगी, लेकिन टीम को सामूहिक प्रयास की जरूरत है।