चक्रवाती तूफान मोंथा: केरल में झमाझम बारिश का कहर, 28 अक्टूबर को सात जिलों में येलो अलर्ट
27 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली – बंगाल की खाड़ी में जन्मा चक्रवाती तूफान 'मोंथा' अब केरल के लिए मुसीबत बन गया है। रविवार रात को चक्रवाती तूफान का रूप धारण करने के बाद यह तेजी से अपनी तीव्रता बढ़ा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तूफान ने केरल में भारी बारिश को ट्रिगर कर दिया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित हो गया है। 28 अक्टूबर को सात जिलों – अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम और वायनाड – के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट अलग-थलग भारी वर्षा की चेतावनी देता है, जो 64.5 मिमी से अधिक बारिश का संकेत है। आइए, इस तूफान के पूरे परिदृश्य पर नजर डालें और समझें कि केरलवासी कैसे इस आपदा से निपट सकते हैं।
चक्रवाती तूफान मोंथा का जन्म बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में हुआ। आईएमडी के रडार और सैटेलाइट इमेजरी से पता चलता है कि यह तूफान चेन्नई के पूर्व-दक्षिण-पूर्व में लगभग 640 किलोमीटर दूर स्थित है। वर्तमान में इसकी गति 12 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। सोमवार सुबह तक यह गंभीर चक्रवाती तूफान (सिवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म) में बदल सकता है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी, और झोंकों के साथ 110 किलोमीटर प्रति घंटा। तूफान का केंद्र मचिलीपट्नम और कलिंगपट्नम के बीच आंध्र प्रदेश तट पर 28 अक्टूबर की शाम या रात को लैंडफॉल करेगा। लैंडफॉल के बाद यह तूफान कमजोर पड़ते हुए आंध्र प्रदेश के आंतरिक इलाकों में चला जाएगा।
केरल पर इसका प्रभाव पहले से ही दिखाई दे रहा है। रविवार से ही राज्य के उत्तरी और मध्य जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड में ऑरेंज अलर्ट जारी है, जो बहुत भारी वर्षा (115.6 मिमी से 204.4 मिमी) की चेतावनी देता है। इन जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद करने के आदेश दिए गए हैं, और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर बाकी जिलों में येलो अलर्ट है, लेकिन विशेष रूप से सात जिलों पर फोकस है जहां वर्षा की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। अलप्पुझा के तटीय इलाकों में समुद्री लहरें ऊंची उठ रही हैं, जबकि एर्नाकुलम और इडुक्की के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। त्रिशूर और पलक्कड़ में नदियां उफान पर हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। मलप्पुरम और वायनाड जैसे संवेदनशील जिलों में पहले से ही कुछ सड़कें बंद हो चुकी हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार को केरल में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहेगी, लेकिन मंगलवार के बाद तूफान के लैंडफॉल के कारण यह कम हो जाएगी। कुल मिलाकर, अगले 48 घंटों में राज्य को 100-150 मिमी औसत वर्षा का सामना करना पड़ सकता है। यह तूफान न केवल केरल बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी प्रभावित कर रहा है। तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा में भी भारी बारिश की चेतावनी है। आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट है, जहां तटीय जिलों को 28 अक्टूबर को तूफान का सीधा सामना करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बात की है और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात करने के निर्देश दिए हैं। केरल सरकार ने भी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) को सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने जिला कलेक्टरों को सतर्क रहने और राहत शिविर तैयार करने का आदेश दिया है।
इस तूफान के कारण केरल की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। फसलें, खासकर नारियल और रबड़ के बागान, क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। पर्यटन क्षेत्र, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा हैं, प्रभावित होंगे क्योंकि हिल स्टेशन जैसे मुन्नार और वायनाड में यात्रा जोखिम भरी हो गई है। 2021 के तौकते तूफान की यादें ताजा हो गई हैं, जब केरल में भारी तबाही हुई थी। लेकिन इस बार तैयारी बेहतर है। आईएमडी ने डोर-टू-डोर चेतावनी अभियान चलाया है, और मोबाइल ऐप्स के जरिए अपडेट भेजे जा रहे हैं।
नागरिकों के लिए सलाह स्पष्ट है: घर से बाहर न निकलें, बाढ़ग्रस्त इलाकों से दूर रहें, और इमरजेंसी नंबर 1077 पर संपर्क करें। मछुआरों को विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में ऐसे तूफान बढ़ रहे हैं, जो हमें प्रकृति के प्रकोप से लड़ने की क्षमता मजबूत करने की याद दिलाते हैं। केरल की हरियाली और उसकी लचीलापन हमेशा चमत्कारिक रहा है, लेकिन सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
तूफान मोंथा हमें सिखाता है कि प्रकृति की मार से बचाव केवल पूर्वानुमान और तैयारी से संभव है। आशा है कि यह जल्द शांत हो जाएगा और केरल फिर अपनी चमक बिखेरेगा। अपडेट्स के लिए आईएमडी की वेबसाइट चेक करें। सुरक्षित रहें, और बारिश का मजा लें – लेकिन सावधानी से!