चक्रवात मोंथा लाइव मैप ट्रैकर: आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल की ओर बढ़ते तूफान की जियो-ट्रैकिंग, तीव्रता और अपडेट्स
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की चेतावनी ने पूरे पूर्वी तट को हिलाकर रख दिया है। चक्रवात 'मोंथा', जो बंगाल की खाड़ी में तेजी से विकसित हो रहा है, आंध्र प्रदेश के तट पर आज रात लैंडफॉल करने की कगार पर है। यह गंभीर चक्रवाती तूफान अब 85 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चला रहा है और काकीनाड़ा के पास 180 किलोमीटर दूर स्थित है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हाई अलर्ट जारी है, जबकि तटीय इलाकों में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू कर दिया है। इस ब्लॉग में हम आपको लाइव मैप ट्रैकर, वर्तमान लोकेशन, तीव्रता और सुरक्षा सलाह पर विस्तार से बताएंगे। अगर आप तटवर्ती क्षेत्रों में हैं, तो तुरंत अपडेट्स चेक करें!
लाइव मैप ट्रैकर: रीयल-टाइम लोकेशन और पाथ फोरकास्ट
चक्रवात मोंथा की ट्रैकिंग के लिए आईएमडी की वेबसाइट (https://mausam.imd.gov.in) सबसे विश्वसनीय स्रोत है, जहां इंटरएक्टिव ट्रैक मैप उपलब्ध है। यहां सैटेलाइट इमेजरी, रडार और फोरकास्ट पाथ दिखाया जाता है। वैकल्पिक रूप से, जूम अर्थ (https://zoom.earth/storms/montha-2025) पर लाइव ट्रैकर देखें, जो वर्तमान में तूफान को 14.7°N अक्षांश पर दिखा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस की लाइव मैप सर्विस (https://indianexpress.com/article/india/cyclone-montha-live-map-tracker) भी उपयोगी है, जहां जीआईएस-बेस्ड मैप पर तूफान की दिशा, स्पीड और प्रभावित जिलों को हाइलाइट किया गया है।
अभी के अपडेट्स के मुताबिक, तूफान दक्षिण-पूर्वी दिशा में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। लैंडफॉल के बाद यह ओडिशा की ओर मुड़ेगा, जिससे भुवनेश्वर और पुरी जैसे इलाकों में अतिरिक्त खतरा बढ़ेगा। ट्रैकर पर रेड अलर्ट जोन देखें: आंध्र के 19 जिले और ओडिशा के 5 जिले प्रभावित। अगर आपके पास मोबाइल ऐप है, तो 'Windy' या 'MyCyclone' डाउनलोड करें – ये रीयल-टाइम नोटिफिकेशन्स देते हैं।
वर्तमान लोकेशन और तीव्रता: खतरे का स्तर क्या है?
आईएमडी के लेटेस्ट बुलेटिन के अनुसार, सुबह 5:30 बजे चक्रवात मोंथा काकीनाड़ा से 180 किमी दक्षिण-पूर्व में था। दोपहर 1:30 बजे तक यह दूरी घटकर 150 किमी रह गई, और हवाओं की रफ्तार 85-95 किमी/घंटा हो चुकी है। तूफान की तीव्रता 'गंभीर चक्रवाती तूफान' (Severe Cyclonic Storm) की श्रेणी में है, जिसमें अधिकतम सतह हवा 100-110 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। केंद्रीय दबाव 980 hPa के आसपास है, जो तूफान की ताकत को दर्शाता है।
वर्तमान लोकेशन: लगभग 16.5°N, 83.5°E (बंगाल की खाड़ी में)। तूफान का आई (आंख) व्यास 40 किमी है, और इसके चारों ओर मॉनसून जैसी बारिश हो रही है। अगर आप लाइव सैटेलाइट इमेज देखें, तो तूफान का सर्कुलर पैटर्न साफ दिखेगा, जो लैंडफॉल से ठीक पहले तेज होता है। ओडिशा में पहले से ही भारी बारिश शुरू हो चुकी है, जहां 24 घंटों में 200 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई।
लैंडफॉल का अनुमान: कब और कहां टकराएगा तूफान?
आईएमडी के डायरेक्टर जनरल एम. मोहपात्रा के मुताबिक, चक्रवात मोंथा आज रात 8:00 से 11:00 बजे के बीच काकीनाड़ा और मछलीपट्टनम के बीच आंध्र तट पर लैंडफॉल करेगा। यह जगह पूर्व गोदावरी, पश्चिम गोदावरी और कृष्णा जिलों को सीधा प्रभावित करेगी। लैंडफॉल के समय हवाएं 105-115 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेंगी, जिससे 3-4 मीटर ऊंची लहरें और तटीय बाढ़ का खतरा है। इसके बाद तूफान कमजोर होकर ओडिशा की ओर बढ़ेगा, जहां 29-30 अक्टूबर को अतिरिक्त वर्षा की चेतावनी है।
तटीय आंध्र में 'रेड अलर्ट' जारी है, जबकि तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 'ऑरेंज अलर्ट'। चेन्नई और बंगालुरु में भी हल्की बारिश का असर दिख रहा है, जो तूफान के अप्रत्यक्ष प्रभाव से है। राजस्थान तक वर्षा पहुंच चुकी है, जो असामान्य है।
हाई अलर्ट और निकासी: प्रशासन की तैयारी
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हाई अलर्ट के बीच प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। आंध्र में 38,000 से अधिक लोगों को कम ऊंचाई वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कुल 50,000 निकासी का लक्ष्य है। काकीनाड़ा पोर्ट को हाईएस्ट अलर्ट पर रखा गया है, और 65 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। ओडिशा के 5 जिलों (जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बलासोर, मयूरभंज) में रेड अलर्ट है, जहां स्कूल-कॉलेज बंद हैं।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आपदा प्रबंधन टीमों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी गांव छूटे नहीं। एनडीआरएफ की 12 टीमें तैनात हैं, जो रेस्क्यू ऑपरेशन्स के लिए तैयार हैं। मछुआरों को समुद्र से लौटने की सलाह दी गई है, और तटीय गांवों में बिजली-पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ओडिशा सीएम नवीन पटनायक ने भी विशेष हेल्पलाइन (1077) जारी की है।
संभावित प्रभाव और सुरक्षा टिप्स
चक्रवात मोंथा से आंध्र-ओडिशा में 250-300 मिमी तक अत्यधिक भारी वर्षा, बाढ़ और तटीय क्षरण की आशंका है। बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें, बिजली लाइनें और फसलें प्रभावित होंगी। पिछले चक्रवातों (जैसे फानी) की यादें ताजा हैं, इसलिए सतर्क रहें।
सुरक्षा टिप्स:
- घर से बाहर न निकलें; रेडियो/टीवी पर अपडेट्स सुनें।
- आपातकालीन किट तैयार रखें: पानी, दवा, टॉर्च, सूखा राशन।
- कमजोर भवनों से दूर रहें; ऊंचे स्थानों पर जाएं।
- हेल्पलाइन: आंध्र-1077, ओडिशा-155335।
- ट्रैकर ऐप्स से दूरी मॉनिटर करें।
निष्कर्ष: सतर्कता ही सुरक्षा है
चक्रवात मोंथा एक याद दिलाता है कि प्रकृति की मार से निपटने के लिए तैयारी जरूरी है। आईएमडी और स्थानीय प्रशासन की मेहनत से जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकता है। लाइव ट्रैकर चेक करते रहें और अपनों की खबर लें। अगर आप प्रभावित क्षेत्रों में हैं, तो सुरक्षित रहें। अपडेट्स के लिए हमें फॉलो करें। जय हिंद!
(स्रोत: आईएमडी, एनडीटीवी, इंडियन एक्सप्रेस। यह जानकारी 28 अक्टूबर 2025 दोपहर ४ बजे तक की है।)