Pankaj Dheer's Death: वयोवृद्ध अभिनेता पंकज धीर का निधन; कर्ण की अमर छवि हमेशा बनी रहेगी!

Rajeev
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वयोवृद्ध अभिनेता पंकज धीर का निधन: कर्ण की अमर छवि हमेशा बनी रहेगी

मुंबई, 16 अक्टूबर 2025 – हिंदी टेलीविजन और सिनेमा जगत को एक बड़ा झटका लगा है। 'महाभारत' धारावाहिक में कर्ण की भूमिका निभाने वाले दिग्गज अभिनेता पंकज धीर का निधन हो गया। वे मात्र 68 वर्ष के थे। लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे पंकज धीर ने 15 अक्टूबर 2025 को अंतिम सांस ली। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिन्टा) ने आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। उनका अंतिम संस्कार 15 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे विले पार्ले (पश्चिम), मुंबई में पवन हंस के पास किया गया।

पंकज धीर का जन्म पंजाब में हुआ था। वे प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सीएल धीर के पुत्र थे, जिन्होंने गीता बाली अभिनीत फिल्में 'बहू बेटी' और 'जिंदगी' का निर्देशन किया था। पंकज ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की, लेकिन टेलीविजन ने उन्हें घर-घर में पहचान दी। 1988 में प्रसारित बीआर चोपड़ा के महाभारत ने उन्हें अमर बना दिया। कर्ण की उस भूमिका में उन्होंने एक दुखी योद्धा की पीड़ा, वीरता और निष्ठा को इतनी गहराई से निभाया कि दर्शक आज भी उनकी डायलॉग्स 'सूतपुत्र कर्ण बोल रहा हूं' को याद करते हैं। महाभारत के सेट पर कई हादसे भी हुए, जैसे एक बार रथ की दौड़ के दौरान रथ टूट गया और घोड़े बेकाबू हो गए। पंकज को कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी। एक अन्य दृश्य में तीर उनके आंख के पास लग गया, जिसके लिए सर्जरी करानी पड़ी। इन जोखिमों के बावजूद, उन्होंने कभी शिकायत नहीं की।

महाभारत के अलावा पंकज धीर ने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। 1994 में प्रसारित 'चंद्रकांता' में उन्होंने राजा शिवदत्त की भूमिका अदा की, जो देवकीनंदन खत्री के उपन्यास पर आधारित थी। इस सीरियल ने उन्हें फैंटेसी दुनिया का राजा बना दिया। 'द ग्रेट मराठा', 'युग', 'बधाई बहू', 'जेड हॉरर शो', 'कानून' और हाल ही में 'ससुराल सिमर का' जैसी धारावाहिकों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। सिनेमा में भी वे छोटी-मोटी भूमिकाओं में नजर आए, जैसे 'सड़क', 'सोल्जर', 'आंदाज', 'बादशाह' और 'तुमको न भूल पाएंगे'। अभिनय के अलावा, उन्होंने 2006 में अपने भाई सतलुज धीर के साथ मुंबई के जोगेश्वरी में 'विजेज स्टूडियोज' नामक शूटिंग स्टूडियो स्थापित किया। 2010 में उन्होंने आकांक्षी अभिनेताओं के लिए 'अभिनय एक्टिंग एकेडमी' की नींव रखी। वे सिन्टा के पूर्व महासचिव और ट्रस्ट के चेयरमैन भी रहे, जो उद्योग के लिए उनकी समर्पण को दर्शाता है।

पंकज धीर के निधन की खबर सुनते ही सह-कलाकारों और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। महाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने वाले फिरोज खान ने कहा, "यह खबर बेहद दुखद है। पंकज भाई एक शानदार कलाकार थे।" अमित बेहल ने एएनआई को बताया, "तीन साल पहले वे बीमार पड़े थे, लेकिन ठीक हो गए थे। चार महीने पहले उनसे बात हुई थी, सब ठीक लग रहा था। यह स्तब्ध करने वाला है।" उनके बेटे निकितिन धीर, जो 'चेन्नई एक्सप्रेस', 'जोधा अकबर' और 'सूर्यवंशी' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं, ने इंस्टाग्राम पर शोक संदेश साझा किया: "जो आए, उसे आने दो। जो रहे, उसे रहने दो। जो जाए, उसे जाने दो। शिव भक्त के रूप में 'शिवार्पणम' कहकर आगे बढ़ो।" निकितिन की पत्नी क्रतिका सेंगर, जो 'झांसी की रानी' से प्रसिद्ध हैं, ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। पंकज की पत्नी अनीता धीर, जो कॉस्ट्यूम डिजाइनर हैं, के साथ उनका परिवार इस दुख की घड़ी में अकेला महसूस कर रहा है।

सोशल मीडिया पर प्रशंसक उनकी पुरानी क्लिप्स शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "कर्ण की तरह पंकज सर भी वीर थे। उनकी स्मृति हमेशा जीवित रहेगी।" महाभारत की सफलता ने भारतीय टेलीविजन को नई ऊंचाइयां दीं, और पंकज धीर उसका अभिन्न अंग थे। आज के दौर में जहां ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का बोलबाला है, ऐसे में उनके जैसे वर्सटाइल अभिनेता की कमी खलेगी।

पंकज धीर का जाना हिंदी मनोरंजन जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। वे न केवल एक अभिनेता थे, बल्कि एक प्रेरणा स्रोत भी। उनकी विरासत उनके बेटे निकितिन और पोती देविका (2022 में जन्मी) के माध्यम से जीवित रहेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। ओम शांति।

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