Why the Taliban Foreign Minister Planned to Visit Deoband in UP, India: यूपी के देवबंद का तालिबान के विदेश मंत्री के भारत दौरे पर होना क्यों ज़रूरी था!

Rajeev
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यूपी के देवबंद का तालिबान के विदेश मंत्री के भारत दौरे पर होना क्यों ज़रूरी था: दारुल उलूम देवबंद का तालिबान के लिए खास महत्व है।

तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत में हैं। वो यहां सात दिन तक रहेंगे और भारत के साथ कई मुद्दों पर बात करेंगे। मुत्ताकी शनिवार को उत्तर प्रदेश के देवबंद में दारुल उलूम भी गए।

वो सुबह 10:30 बजे इस्लामिक स्कूल पहुंचेंगे और लगभग पांच घंटे वहां रहेंगे। अफगानिस्तान में सरकार बदलने के बाद यह पहला मौका है जब कोई बड़ा तालिबानी नेता दारुल उलूम देवबंद आ रहा है।

वहां मुत्ताकी कई बड़े इस्लामिक विद्वानों से मिलेंगे, जिनमें दारुल उलूम के हेड मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी शामिल हैं। वो कैंपस भी देखेंगे और वहां के टीचरों और लीडरों से बात करेंगे।

तालिबान के लिए दारुल उलूम देवबंद का काफी महत्व है। तालिबान के कई बड़े कमांडरों ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दारुल उलूम हक्कानिया में पढ़ाई की है। यह स्कूल देवबंद के जैसा ही है।

हक्कानिया के संस्थापक मौलाना अब्दुल हक ने बंटवारे से पहले देवबंद में पढ़ाई और पढ़ाया था। बाद में उनके बेटे सामी-उल-हक को तालिबान का जनक कहा गया क्योंकि उनके स्कूल ने तालिबान को बनाने में मदद की थी।

12 अक्टूबर को मुत्ताकी आगरा में ताजमहल देखने जाएंगे। फिर अगले दिन दिल्ली में बिजनेस लीडर्स के साथ मीटिंग करेंगे।

मुत्ताकी का दौरा पहले होने वाला था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से परमिशन नहीं मिलने के कारण यह टल गया था। पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय ने बताया कि UNSC ने अब परमिशन दे दी है, इसलिए दौरा हो सकता है।

हाल ही में भारत और तालिबान के बीच बातचीत हुई थी। इस साल की शुरुआत में विदेश सचिव विक्रम मिस्री काबुल में मुत्ताकी से मिले थे।

पिछले महीने अफगानिस्तान के उप स्वास्थ्य मंत्री हमदुल्ला जाहिद भी एक हेल्थकेयर प्रदर्शनी में भाग लेने भारत आए थे।

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने पहले तालिबान का समर्थन करने के लिए उनकी पार्टी के नेता शफीकुर रहमान बर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन अब तालिबान के मंत्री को पूरी सुरक्षा देगी।

उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि जब भारत सरकार खुद तालिबान के मंत्री मुत्ताकी को बुला रही है, तो कोई सवाल नहीं उठा रहा है। लेकिन जब सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने तालिबान के बारे में बयान दिया, तो योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए और पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

उन्होंने आगे कहा कि अब वही तालिबान मंत्री आगरा में ताजमहल और देवबंद जाएंगे और योगी सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा देगी। यह दोहरा रवैया क्यों? अब किसे शर्म आनी चाहिए और किसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए?

मुत्ताकी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे और छह दिन के दौरे पर हैं।

2021 में अमेरिका के जाने के बाद तालिबान के सत्ता में आने के बाद वह पहले बड़े तालिबानी नेता हैं जो भारत आए हैं।

उत्तर प्रदेश में मुत्ताकी ने शनिवार को सहारनपुर जिले के दारुल उलूम देवबंद इस्लामिक स्कूल का दौरा किया। रविवार को वह आगरा में ताजमहल देखने जाएंगे।

तालिबान पर बर्क का बयान और विवाद

अगस्त 2021 में सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे की तुलना भारत के स्वतंत्रता संग्राम से करके विवाद खड़ा कर दिया था। अब उनका निधन हो चुका है।

जिया उर रहमान के दादा शफीकुर रहमान ने कहा था कि तालिबान ने रूस और अमेरिका को अफगानिस्तान में जमने नहीं दिया।

भाजपा नेता राजेश सिंघल की शिकायत पर उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। उन पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के भी आरोप लगे थे। उनका निधन फरवरी 2024 में हो गया था।

योगी आदित्यनाथ ने भी बर्क की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि वह तालिबान का समर्थन कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि वह उनके बर्बर कृत्यों का समर्थन कर रहे हैं।

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