Delhi Blast Live Updates; Massive Explosion Rocks City, Police Launch Investigation: "षड्यंत्र की जड़ तक पहुँचेंगे"; भूटान से पीएम मोदी का दिल्ली 10/11 धमाके पर संदेश!

Rajeev
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Delhi Blast Live | Latest Explosion News, Location, Injuries, and Police Statement

"षड्यंत्र की जड़ तक पहुँचेंगे": भूटान से पीएम मोदी का दिल्ली 10/11 धमाके पर संदेश

नई दिल्ली। दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर दिया है। 10 नवंबर की शाम, जब राजधानी दिल्ली का चहल-पहल भरा इलाका लाल किले के पास ट्रैफिक सिग्नल पर रेंग रहा था, तभी एक धमाके ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। एक सफेद हुंडई i20 कार में हुए इस विस्फोट ने नौ निर्दोष लोगों की जान ले ली और 20 से अधिक लोगों को गंभीर चोटें पहुँचा दीं। यह घटना न सिर्फ दिल्ली की हृदयस्थली को प्रभावित करने वाली थी, बल्कि पूरे राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर गई। लेकिन इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान से दिया गया संदेश उम्मीद की किरण बन गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी एजेंसियाँ इस साजिश की जड़ तक पहुँचेंगी।"

धमाके की भयावहता: लाल किले के पास खौफ का पर्याय

10 नवंबर की शाम लगभग 7 बजे, लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास के व्यस्त चौराहे पर एक धीमी गति से चल रही कार में विस्फोट हो गया। यह धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की कई गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस हादसे में नौ लोग मारे गए, जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे, जबकि 20 से अधिक घायल हुए। बचाव कार्य में दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन क्षति इतनी भयानक थी कि घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा।

स्रोतों के अनुसार, इस कार के मालिक उमर मोहम्मद थे, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के निवासी हैं। एक डॉक्टर होने के बावजूद, उमर पर रेडिकल डॉक्टर्स ग्रुप से जुड़ाव का आरोप है, जो टेलीग्राम पर समन्वय करता था और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़ा हुआ था। धमाके से ठीक पहले, हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस ने 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। इसमें अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे खतरनाक रसायन शामिल थे। ये सामग्री दो किराए के कमरों से मिली, जिनके मालिक कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील और आदिल अहमद राथे थे।

'व्हाइट-कॉलर टेरर' का खुलासा: कश्मीर से दिल्ली तक का नेटवर्क

यह धमाका अकेला नहीं था। जांच एजेंसियों ने इसे एक बड़े 'व्हाइट-कॉलर टेरर' मॉड्यूल से जोड़ा है, जो कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था। इस मॉड्यूल में जेईएम और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे संगठनों का हाथ माना जा रहा है। आठ संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है, और उमर मोहम्मद भी इसी नेटवर्क का हिस्सा था। ये 'डॉक्टर्स' बाहरी तौर पर सम्मानजनक जीवन जीते थे, लेकिन अंदर से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। यह खुलासा न सिर्फ चिंताजनक है, बल्कि यह दर्शाता है कि आतंकवाद अब पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर 'सॉफ्ट टारगेट्स' और 'स्लीपर सेल्स' पर निर्भर हो गया है।

भूटान से पीएम मोदी का दर्दभरा संदेश: राष्ट्र एकजुट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो दो दिवसीय भूटान यात्रा पर थे, ने थिम्पू में बोलते हुए इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। "आज मैं भारी मन से यहाँ आया हूँ। कल शाम दिल्ली में हुई भयानक घटना ने सबको दुखी कर दिया है। प्रभावित परिवारों का दर्द मैं समझता हूँ। आज पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा है," उन्होंने कहा। पीएम ने बताया कि वे रात भर जांच एजेंसियों के संपर्क में थे। उनका संदेश साफ था: "हमारी एजेंसियाँ इस साजिश की जड़ तक पहुँचेंगी। इसके पीछे के षड्यंत्रकारी बख्शे नहीं जाएँगे। सभी जिम्मेदारों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।"

यह संदेश सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक ठोस प्रतिबद्धता है। पीएम मोदी ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उठाया, जो भूटान जैसे निकट सहयोगी देश के साथ भारत की मजबूत साझेदारी को दर्शाता है।

'ऑपरेशन सिंदूर' जारी: आतंक के खिलाफ युद्ध

सरकारी स्रोतों के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी जोर-शोर से चल रहा है। यह ऑपरेशन 7 मई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। जांच में सीमा-पार लिंक मिलने पर भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी कैंपों पर हमला किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले का जवाब देते हुए भारत ने उनके एयरफील्ड्स को निशाना बनाया। 10 मई को युद्धविराम की घोषणा हुई, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर की गति धीमी नहीं पड़ी।

स्रोतों ने कहा, "किसी भी आतंकी कृत्य को भारत के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर जारी है।" यह बयान दिल्ली धमाके के संदर्भ में और भी प्रासंगिक हो जाता है, क्योंकि इसमें भी पाकिस्तान-आधारित संगठनों का हाथ दिख रहा है।

पहलगाम हमले के बाद का वादा: इतिहास खुद को दोहरा रहा

पीएम मोदी का यह रुख पहली बार नहीं है। पहलगाम हमले के दो दिन बाद बिहार में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदी से अंग्रेजी में स्विच करते हुए दुनिया को चेतावनी दी थी: "बिहार की मिट्टी से मैं दुनिया को बता रहा हूँ कि भारत हर आतंकवादी और उसके पीछे के लोगों को पहचानेगा और सजा देगा। हम उन्हें दुनिया के अंत तक खोजेंगे... भारत की भावना कभी टूटेगी नहीं, और आतंकवाद बिना सजा के नहीं जाएगा। न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर प्रयास किया जाएगा। पूरा राष्ट्र इस संकल्प में दृढ़ है, और मानवता में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है।"

उन्होंने कहा था, "मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूँ... इन आतंकवादियों और इस हमले के षड्यंत्रकारियों को ऐसी सजा मिलेगी जो वे कल्पना भी नहीं कर सकते।" दिल्ली धमाके पर उनका भूटान से दिया संदेश उसी संकल्प का प्रतिबिंब है।

निष्कर्ष: आतंक के खिलाफ अटल संकल्प

दिल्ली का यह धमाका दुखद है, लेकिन यह भारत की एकजुटता को परखने का अवसर भी है। पीएम मोदी का संदेश न सिर्फ पीड़ित परिवारों के लिए सांत्वना है, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक आह्वान भी। हमारी खुफिया एजेंसियाँ, सेनाएँ और कानून व्यवस्था इस चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन भारत का इरादा भी अटल है। आइए, हम सब मिलकर इस लड़ाई में साथ दें – क्योंकि एक मजबूत भारत ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी उन नौ निर्दोषों को।

टिप्पणी: यह घटना राष्ट्र की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। क्या आपका कोई विचार है? कमेंट्स में साझा करें। जय हिंद!

(यह ब्लॉग पोस्ट उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। कोई भी अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों का सहारा लें।)

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