भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टी20 सीरीज: रोमांचक सफर और पांचवें मैच का निराशाजनक अंत
क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा एक खास जगह रखने वाली भारत-ऑस्ट्रेलिया जंग इस बार टी20 फॉर्मेट में फिर से गरज उठी। 2025 की यह पांच मैचों की टी20 सीरीज, जो ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर खेली गई, न केवल बल्लेबाजी के दमदार प्रदर्शनों का गवाह बनी, बल्कि मौसम की मार से भी प्रभावित रही। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने अंततः 2-1 से सीरीज पर कब्जा जमाया, जो टी20 विश्व कप से पहले एक बड़ा आत्मविश्वास बढ़ाने वाला कदम साबित हुआ। लेकिन पांचवें और निर्णायक टी20 मैच का बारिश से धुल जाना क्रिकेट के उतार-चढ़ाव का प्रतीक बन गया। आइए, इस सीरीज की पूरी कहानी को करीब से देखें।
सीरीज की शुरुआत 29 अक्टूबर को कैनबरा में हुई, लेकिन यह एक निराशाजनक नोट पर खत्म हो गई। भारी बारिश के कारण मैच शुरू ही न हो सका और इसे 'नो रिजल्ट' घोषित कर दिया गया। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला, लेकिन यह सीरीज के लिए एक तरह का पूर्वाभास था कि मौसम इस बार बड़ा फैक्टर बनेगा। भारत की नजरें ऑस्ट्रेलिया को हराने पर थीं, जो पिछले कुछ वर्षों से टी20 में मजबूत चुनौती पेश कर रहा था। सूर्यकुमार की कप्तानी में टीम में युवा ऊर्जा का मिश्रण था – अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल जैसे ओपनरों से लेकर अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर जैसे स्पिनरों तक। वहीं, मिशेल मार्श की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में ग्लेन मैक्सवेल, टिम डेविड जैसे विस्फोटक बल्लेबाज थे।
दूसरा मैच 1 नवंबर को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में खेला गया, जहां 82,000 दर्शकों की मौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट से जीत हासिल की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 का सम्मानजनक स्कोर बनाया, जिसमें शुभमन गिल ने 46 रन की उपयोगी पारी खेली। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जोश हेजलवुड ने अपनी घातक गति से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया। चेज में मैथ्यू शॉर्ट और मार्श ने आक्रामक शुरुआत की, जबकि टिम डेविड ने फिनिशिंग टच दिया। यह जीत ऑस्ट्रेलिया के लिए सीरीज में बढ़त लेने का मौका थी, लेकिन भारतीय टीम हार मानने वालों में से नहीं थी।
तीसरा मैच 3 नवंबर को होबार्ट के बेलरिव ओवल में हुआ, जहां भारत ने शानदार वापसी की। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और 186/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टिम डेविड ने 74 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 5 छक्के शामिल थे, जबकि मार्कस स्टोइनिस ने 64 रनों का साथ दिया। लेकिन भारतीय गेंदबाज अरशदीप सिंह ने कमाल कर दिया – उन्होंने 3/35 के आंकड़े के साथ मार्श, मैक्सवेल और स्टोइनिस जैसे विकेट लिए। चेज में भारत को 188 का लक्ष्य मिला, जो मुश्किल लग रहा था। लेकिन वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 49 रनों की मैच-विनिंग पारी खेली, जिसमें 4 छक्के लगाए। भारत ने 18.3 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। नाथन एलिस ने 3/36 लिया, लेकिन सुंदर की कलाईयों ने मैच पलट दिया। यह जीत सीरीज को 1-1 से बराबर करने वाली थी।
चौथा मैच 6 नवंबर को कैरारा (गोल्ड कोस्ट) में खेला गया, जो भारत की स्पिन जादूगरी का मंच बना। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 167/8 बनाए, जिसमें गिल ने फिर 46 रन जोड़े। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एडम जांपा ने 3/45 के साथ संघर्ष किया, लेकिन भारत ने लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को 119 पर रोक दिया। अक्षर पटेल ने 2/20 के साथ शानदार गेंदबाजी की, जबकि शिवम दुबे ने 2 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। वॉशिंगटन सुंदर ने 3/3 के आंकड़े से ऑस्ट्रेलिया को ध्वस्त कर दिया। मार्श ने 30 रन बनाए, लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ा गया। भारत ने 48 रनों से जीतकर 2-1 की अटल बढ़त हासिल कर ली। यह मैच धीमी पिच पर भारत के स्पिनरों की श्रेष्ठता का प्रमाण था, जो टी20 विश्व कप के लिए शुभ संकेत था।
अब आते हैं पांचवें और अंतिम मैच पर, जो 8 नवंबर को ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में खेला जाना था। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारतीय ओपनरों ने धमाकेदार शुरुआत की – अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने 4.5 ओवर में 52/0 का स्कोर खड़ा कर दिया। गिल ने 16 गेंदों पर 29 रन (4 चौके) बनाए, जबकि अभिषेक ने 13 गेंदों पर 23 रन ठोके। लेकिन बिजली चमकने और बारिश शुरू होने से खेल रुक गया। लगभग तीन घंटे इंतजार के बाद मैच को रद्द घोषित कर दिया गया। यह सीरीज का दूसरा 'नो रिजल्ट' था, जिससे भारत को 2-1 से सीरीज जीत मिल गई।
अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया, जिन्होंने 163 रन बनाए (औसत 40.75)। वे टी20आई में 1000 रन सबसे तेज (528 गेंदों) बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। सूर्यकुमार ने कहा, "यह जीत टीम के युवाओं का कमाल है। स्पिनरों ने स्लो पिचों पर कमाल किया।" मार्श ने स्वीकार किया कि स्पिन के खिलाफ संघर्ष रहा। यह सीरीज भारत की 18वीं लगातार द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीत थी।
यह सीरीज न केवल भारत की ताकत दिखाती है, बल्कि टी20 विश्व कप 2026 के लिए तैयारी का आईना भी। युवा खिलाड़ियों का उभार, स्पिन का दबदबा – सब कुछ सकारात्मक। लेकिन बारिश ने रोमांच छीन लिया। क्रिकेट के दीवानों को उम्मीद है कि अगली भिड़ंत और भी रोमांचक होगी। भारत लौटकर दक्षिण अफ्रीका सीरीज की तैयारी करेगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया एशेज पर फोकस करेगा। जय हिंद, जय भारत!