Piramal Finance Shares Hit 5% Upper Circuit After Listing at 12% Premium Post-Merger with Piramal Enterprises
मर्जर का बैकग्राउंड: एक स्ट्रैटेजिक स्टेप
पिरामल ग्रुप ने हाल ही में अपनी सब्सिडियरी पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस को पिरामल एंटरप्राइजेज के साथ मर्ज करने का फैसला किया था। यह मर्जर 23 अक्टूबर 2025 को पूरा हुआ, जिसमें पिरामल एंटरप्राइजेज (PEL) के शेयरधारकों को हर एक शेयर के बदले पिरामल फाइनेंस का एक इक्विटी शेयर मिला। इसका उद्देश्य ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विसेज को और मजबूत बनाना था, खासकर हाउसिंग फाइनेंस और NBFC सेगमेंट में।
मर्जर के बाद पिरामल फाइनेंस ने IPO के बिना ही डायरेक्ट लिस्टिंग का रास्ता चुना, जो बाजार के लिए एक अनोखा कदम था। डिस्कवर्ड प्राइस ₹1,124.20 तय किया गया था, लेकिन निवेशकों का जोश देखिए – शेयरों ने इससे कहीं ज्यादा वैल्यू क्रिएट की।
लिस्टिंग डे का धमाका: 12% प्रीमियम और 5% सर्किट
7 नवंबर 2025 को एनएसई पर लिस्टिंग हुई, और शेयरों ने ₹1,260 प्रति शेयर के भाव पर डेब्यू किया – यानी डिस्कवर्ड प्राइस से पूरे 12% ऊपर! यह प्रीमियम निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है। लिस्टिंग के तुरंत बाद खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया, और शेयरों ने 5% की तेजी पकड़ ली। अंत में, यह ₹1,323 के स्तर पर ऊपरी सर्किट हिट कर गया, जहां ट्रेडिंग रुक गई।
बीएसई पर भी वैल्यूअशन लगभग वैसी ही रही, जहां शेयर ₹1,300 के आसपास ट्रेड कर रहे थे। कंपनी की मार्केट कैप जल्द ही ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंच गई, जो फाइनेंशियल सेक्टर में एक बड़ा माइलस्टोन है। एनएचबी (NBFC) सेक्टर में यह लिस्टिंग एक बूस्टर शॉट की तरह काम कर रही है, खासकर जब RBI की पॉलिसी और ग्लोबल इकोनॉमी के बीच बाजार सतर्क है।
बाजार की प्रतिक्रिया: क्यों इतना जोश?
- सकारात्मक फैक्टर्स: मर्जर से पिरामल ग्रुप की बैलेंस शीट मजबूत हुई है। हाउसिंग लोन और कमर्शियल फाइनेंस में ग्रोथ पोटेंशियल हाई है। हाल के क्वार्टरली रिजल्ट्स में भी PEL ने मजबूत परफॉर्मेंस दिखाई, जो निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
- सेक्टरल ट्रेंड: फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में आज 0.76% की तेजी आई, और पिरामल फाइनेंस इसकी अगुवाई कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह लिस्टिंग NBFC स्पेस में नए निवेश को आकर्षित करेगी।
- चुनौतियां: हालांकि, ऊपरी सर्किट के बाद प्रॉफिट-बुकिंग का दबाव आ सकता है। RBI की अगली MPC मीटिंग पर नजरें टिकी हैं, जहां रेट कट की उम्मीदें हैं।
निवेशकों ने सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा की, जहां #PiramalFinance ट्रेंड कर रहा है। कई एनालिस्ट्स ने ₹1,250 का न्यूट्रल टारगेट दिया है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में 20-25% अपसाइड की संभावना जताई जा रही है।
आगे का आउटलुक: निवेश का मौका या वेट एंड वॉच?
यह लिस्टिंग पिरामल ग्रुप के लिए एक नई शुरुआत है, जो भारत के बढ़ते हाउसिंग मार्केट को टारगेट कर रही है। अगर इकोनॉमी रिकवर होती रही, तो शेयर ₹1,500 के पार जा सकता है। लेकिन, सलाह यही है – डाइवर्सिफाई करें और फंडामेंटल्स पर फोकस रखें। क्या आपने आज ट्रेडिंग की? कमेंट्स में शेयर करें!