रेड फोर्ट के पास विस्फोट: कांग्रेस ने की गहन जांच की मांग
नई दिल्ली, 10 नवंबर 2025 – दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट के बाहर सोमवार शाम को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हाई-इंटेंसिटी विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट एक धीमी गति से चल रही कार में हुआ, जो रेड फोर्ट के बाहर रुक गई थी। यह घटना एक हाई-सिक्योरिटी जोन में होने के कारण और भी गंभीर हो जाती है, जहां आमतौर पर भारी भीड़ रहती है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार से इस घटना की "तेज और गहन जांच" सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने एक बयान में कहा, "इस दुख की घड़ी में, हमारे विचार और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।" श्री खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, "सरकार को इस विस्फोट की त्वरित और पूरी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, जो एक हाई-सिक्योरिटी जोन में हुआ है, जहां अक्सर भीड़ रहती है, ताकि इस लापरवाही और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना को "दिल दहला देने वाला और चिंताजनक" बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "कई लोगों की जान जाने का दर्द विशेष रूप से पीड़ादायक है, और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। इस कठिन क्षण में पूरा देश एकजुट है।" उन्होंने सरकार से अपील की कि इस घटना की जल्द से जल्द जांच की जाए और जो कुछ हुआ है, उसके बारे में और जानकारी सार्वजनिक की जाए।
घटना का विवरण
सोमवार शाम को रेड फोर्ट के बाहर एक कार में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। कार धीमी गति से चल रही थी और अचानक रुक गई, जिसके तुरंत बाद विस्फोट हो गया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मृतकों में आम नागरिक शामिल हैं, और घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यह क्षेत्र दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और हाई-सिक्योरिटी जोन में आता है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस ने इस घटना को सुरक्षा चूक का मामला बताते हुए केंद्र सरकार के पर कटाक्ष किया है। पार्टी का कहना है कि हाई-सिक्योरिटी जोन में ऐसी घटना होना सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। खड़गे और अन्य नेताओं ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आगे की राह
यह घटना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए एक झटका है। जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और फॉरेंसिक टीम सबूत इकट्ठा कर रही है। क्या यह आतंकवादी हमला था या कोई तकनीकी खराबी? इन सवालों के जवाब जल्द सामने आने की उम्मीद है।
हम सभी की प्रार्थना है कि घायल जल्द ठीक हों और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले। देश ऐसी त्रासदियों से उबरने में सक्षम है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
यह ब्लॉग घटना की नवीनतम जानकारी पर आधारित है। और अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों का अनुसरण करें।