दुबई एयर शो हादसे(Dubai Air Show Tragedy) के बाद तेजस फाइटर जेट(Tejas Fighter Jet Crashed) के पहले क्रैश पर नजर: 2024 राजस्थान हादसा और स्वदेशी विमान की सुरक्षा पर सवाल!

Rajeev
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दुबई एयर शो हादसे(Dubai Air Show Tragedy) के बाद तेजस फाइटर जेट(Tejas Fighter Jet Crashed) के पहले क्रैश पर नजर: 2024 राजस्थान हादसा और स्वदेशी विमान की सुरक्षा पर सवाल

भारतीय वायुसेना(Indian Airforce) का गौरव, स्वदेशी तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) दुबई एयर शो 2025 में एक भयानक हादसे का शिकार हो गया। प्रदर्शन उड़ान के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट की मौत हो गई। यह तेजस के 24 वर्षों के इतिहास में पहली घातक दुर्घटना है, जो 2001 में उसके पहले टेस्ट फ्लाइट के बाद से चली आ रही है। इससे पहले, मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में तेजस का पहला क्रैश हुआ था, जहां पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया था। आज के हादसे ने न केवल भारतीय रक्षा क्षेत्र को झकझोर दिया है, बल्कि तेजस प्रोग्राम की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। इस लेख में हम दुबई हादसे के बाद 2024 के पहले क्रैश पर गहराई से नजर डालेंगे, तेजस की यात्रा को समझेंगे और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। अगर आप भारतीय वायुसेना, स्वदेशी रक्षा तकनीक या एयर शो दुर्घटनाओं में रुचि रखते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

दुबई एयर शो 2025: तेजस का घातक प्रदर्शन और पायलट की शहादत

दुबई एयर शो दुनिया का सबसे बड़ा विमानन प्रदर्शनी मेला है, जहां 2025 में 140 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और लाखों दर्शक जुटे थे। 21 नवंबर को दोपहर करीब 2:10 बजे (स्थानीय समय), भारतीय वायुसेना का तेजस विमान एक कम ऊंचाई वाले रोल मैन्यूवर के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास लगभग 1.6 किलोमीटर दूर जाकर धधक उठा, और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। दुखद यह कि पायलट इजेक्ट करने में नाकाम रहा और हादसे में उसकी जान चली गई।

भारतीय वायुसेना ने तुरंत बयान जारी कर हादसे की पुष्टि की। "एक आईएएफ तेजस विमान दुबई एयर शो के दौरान प्रदर्शन उड़ान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट को गंभीर चोटें आईं, जो घातक साबित हुईं। हम शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं और हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की जा रही है," वायुसेना के आधिकारिक ट्वीट में कहा गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विमान का अंतिम मिनट दिखा, जहां यह लोअर रोल के बाद नियंत्रण खोता नजर आया। दर्शकों में हड़कंप मच गया, लेकिन ग्राउंड पर कोई अन्य हताहत नहीं हुआ।

यह हादसा तेजस के लिए बड़ा झटका है, खासकर जब यह दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल को प्रदर्शित करने आया था। एयर शो के आयोजकों ने शेष प्रदर्शनों को रद्द कर दिया, और भारतीय दूतावास ने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम साफ था, इसलिए तकनीकी खराबी या पायलट एरर की जांच फोकस रहेगी।

2024 का पहला तेजस क्रैश: जैसलमेर में ट्रेनिंग सॉर्टी का दर्दनाक अंत

तेजस का इतिहास ज्यादातर सफलताओं से भरा है, लेकिन मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में इसका पहला क्रैश हुआ। 12 मार्च 2024 को दोपहर करीब 2 बजे, एक तेजस ट्रेनर वेरिएंट ने ट्रेनिंग सॉर्टी के लिए टेकऑफ किया। कुछ ही मिनटों बाद, विमान लक्ष्मी चंद स्वरूप कोलोनी के पास एक छात्रावास के मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जोरदार धमाका हुआ, और मलबा आग की लपटों में लिपट गया। सौभाग्य से, पायलट ने तुरंत इजेक्ट कर लिया, और पैराशूट खुलते ही वह सुरक्षित जमीन पर उतर गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "मैंने पैराशूट खुलते देखा, पायलट ठीक लग रहे थे।"

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने हादसे का जायजा दिया। इसमें अनमैनेड जेट कम ऊंचाई पर ग्लाइड करता दिखा, लैंडिंग गियर खुला हुआ, और दाएं से बाएं की ओर मुड़ते हुए क्रैश हो गया। वायुसेना ने पुष्टि की कि पायलट को कोई चोट नहीं आई, और ग्राउंड पर भी कोई हताहत नहीं हुआ। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने बाद में कारण बताया: इंजन सीजर, जो ऑयल पंप की खराबी से हुआ। यह हादसा त्रि-सेवा अभ्यास के ठीक बाद हुआ, जिसने सैन्य विमानन सर्कल में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दीं।

हालांकि, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने इन चिंताओं को खारिज कर दिया। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड बेदाग है। पिछले ऑर्डर के 40 विमानों की फ्लाइंग स्टेटस बिल्कुल ठीक है। यह विमान बिल्कुल सुरक्षित है।" HAL ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए, और कोई अन्य विमान ग्राउंडेड नहीं किया गया।

तेजस का सफर: स्वदेशी गौरव से दुर्घटनाओं तक

तेजस भारतीय रक्षा उद्योग का प्रतीक है। 2001 में पहली टेस्ट फ्लाइट के बाद, इसे 2016 में नंबर 45 स्क्वाड्रन ('फ्लाइंग डैगर्स') में शामिल किया गया। 2020 में नंबर 18 स्क्वाड्रन ने इसे अपनाया। यह मल्टी-रोल फाइटर है, जो आक्रामक हवाई समर्थन और ग्राउंड ऑपरेशंस के लिए डिजाइन किया गया। अपनी क्लास में सबसे छोटा और हल्का, तेजस का वजन कम्पोजिट स्ट्रक्चर से आता है, जो इसे एजाइल बनाता है।

  • कुंजी फीचर्स: GE F404 इंजन, डेल्टा विंग, एयर-टू-एयर मिसाइलें, और उन्नत एवियोनिक्स।
  • उपलब्धियां: 40+ विमान डिलीवर, 83 नए ऑर्डर, और निर्यात की संभावना (जैसे अर्जेंटीना डील)।
  • चुनौतियां: देरी, इंजन मुद्दे, लेकिन 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत मजबूत हो रहा।

दुबई हादसे ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। ट्विटर पर #TejasCrash ट्रेंड कर रहा, जहां लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "हमारे बहादुर पायलट को सलाम। तेजस मजबूत बनेगा।" पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी संवेदनाएं आईं, जो मानवीयता का प्रतीक है।

सुरक्षा चिंताओं का विश्लेषण: क्या तेजस को नया इंजन चाहिए?

दोनों क्रैशेस से साफ है कि इंजन संबंधी समस्या प्रमुख है। 2024 के हादसे में ऑयल पंप फेलियर, जबकि दुबई में अभी कारण स्पष्ट नहीं। विशेषज्ञ रिटायर्ड एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने एनडीटीवी से कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन तेजस की डिजाइन मजबूत है। जांच से सब साफ होगा।" HAL और DRDO को GE F414 इंजन पर फोकस करना चाहिए, जो MK2 वेरिएंट के लिए है।

सुरक्षा के लिए:

  • ट्रेनिंग बढ़ाएं: पायलट सिमुलेटर पर ज्यादा समय।
  • मेंटेनेंस: रेगुलर चेक, AI-बेस्ड मॉनिटरिंग।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: दुबई हादसे से सबक लें।

भविष्य की दिशा: तेजस प्रोग्राम मजबूत, लेकिन सतर्कता जरूरी

तेजस भारत की रक्षा स्वावलंबन की कहानी है। 83 विमानों का नया ऑर्डर और निर्यात संभावनाएं इसे चमकाएंगी। दुबई हादसा दुखद है, लेकिन 2024 के क्रैश से हमने सीखा। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के नतीजे आने पर सुधार होंगे। भारतीय वायुसेना ने कहा, "हम हादसे से टूटते नहीं, मजबूत होते हैं।"

शहीद पायलट को कोटि-कोटि श्रद्धांजलि। उनके परिवार के प्रति संवेदना। तेजस उड़ान भरे, लेकिन सुरक्षा पहले। क्या आप मानते हैं कि स्वदेशी विमानों को और मजबूत बनाने की जरूरत है? कमेंट्स में बताएं।

(स्रोत: NDTV, Reuters, IAF आधिकारिक।)

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