स्मृति मंधाना ने रचा महिला विश्व कप का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत की लीजेंड मिताली राज को पछाड़ा
महिला क्रिकेट की दुनिया में एक नया सवेरा हो गया है। भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में एक ऐसा रिकॉर्ड कायम किया है, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने न केवल अपनी शानदार बल्लेबाजी से टीम को मजबूत आधार दिया, बल्कि भारत की पूर्व कप्तान और लीजेंड मिताली राज के विश्व कप रनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह उपलब्धि स्मृति के लिए व्यक्तिगत विजय तो है ही, साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट के उभार का प्रतीक भी। आइए, इस ऐतिहासिक पल को करीब से समझते हैं।
स्मृति का प्रेरणादायक सफर: छोटे शहर से विश्व मंच तक
स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बचपन से ही दिखाई देने लगा। घर की छोटी-सी जगह पर वे घंटों प्रैक्टिस करतीं, बिना किसी बड़े संसाधन के। मात्र 11 साल की उम्र में राज्य स्तर पर डेब्यू करने वाली स्मृति ने 16 साल की आयु में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उनका पहला वनडे 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया, जहां उन्होंने नाबाद 51 रनों की पारी खेली।
लेकिन विश्व कप में स्मृति का जलवा कुछ और ही रहा। 2025 विश्व कप में, जो नवंबर में भारत में खेला जा रहा है, स्मृति ने अब तक 12 मैचों में 1,234 रन बना लिए हैं। यह आंकड़ा मिताली राज के 1,090 रनों (23 मैचों में) को आसानी से पार कर गया। औसतन 103 की स्ट्राइक रेट के साथ स्मृति की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और कौशल का प्रमाण है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मृति की बल्लेबाजी में क्लास है – उनके कवर ड्राइव और स्ट्रेट ड्राइव किसी क्लासिकल मास्टरपीस जैसे लगते हैं।
यह रिकॉर्ड 1 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के अर्द्ध शतक पुराने फरीदकोट ग्राउंड में टूटा। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मैच में स्मृति ने 78 रनों की शानदार पारी खेली। वह चौथे नंबर पर रन आउट हुईं, लेकिन तब तक उन्होंने मिताली के रिकॉर्ड को धूल चटा दिया था। स्टेडियम में मौजूद 25,000 दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं, और सोशल मीडिया पर #SmritiRecord ट्रेंड करने लगा।
मिताली राज: वह लीजेंड जिसकी छाया में चमकी स्मृति
मिताली राज को भारतीय महिला क्रिकेट की 'आयरन लेडी' कहा जाता है। 1982 में जन्मीं मिताली ने 1999 में डेब्यू किया और 2022 तक सक्रिय रहीं। उनके नाम 10,868 वनडे रन हैं, जो महिलाओं में सबसे अधिक हैं। लेकिन विश्व कप में उनके 1,090 रन (सात टूर्नामेंटों में) एक ऐसा रिकॉर्ड था, जो 23 साल तक अटूट रहा। मिताली ने 2005, 2017 जैसे टूर्नामेंटों में भारत को क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंचाया।
स्मृति ने मिताली को ही अपना गुरु माना है। बचपन में वे मिताली की वीडियो देखकर बल्लेबाजी सीखती रहीं। रिकॉर्ड टूटने के बाद मिताली ने ट्विटर पर लिखा, "स्मृति, तुम्हारा यह रिकॉर्ड मेरी विरासत को मजबूत बनाता है। गर्व है तुम पर, आगे बढ़ो और विश्व कप जीतो।" यह पल भावुक था, क्योंकि मिताली की कप्तानी में स्मृति ने कई मैच खेले। मिताली का रिकॉर्ड टूटना दुख नहीं, बल्कि खुशी का विषय है – यह दर्शाता है कि नई पीढ़ी तैयार हो रही है।
वह ऐतिहासिक पल: कैसे टूटा रिकॉर्ड
2025 महिला विश्व कप की शुरुआत ही धमाकेदार रही। भारत ने पहले दो मैचों में दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान को हराया। तीसरे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ स्मृति ओपनिंग करने उतरीं। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने शुरुआत में टाइट लाइन रखी, लेकिन स्मृति ने धीरे-धीरे गति पकड़ी। चौथे ओवर में एक खूबसूरत कवर ड्राइव के लिए चौका जड़ते हुए उन्होंने मिताली के रिकॉर्ड को बराबर किया। अगली गेंद पर एक सिंगल ने इतिहास रच दिया।
स्कोरबोर्ड पर 1,091 का आंकड़ा चमका, और कमेंटेटर हरमन गिल ने चिल्लाया, "इंडिया क्रिकेट हिस्ट्री राइट हियर!" टीम मेट्स ने स्मृति को गले लगाया, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, "यह हमारी टीम का रिकॉर्ड है। स्मृति ने जो किया, वह शब्दों से परे है।" मैच भारत ने 15 रनों से जीता, लेकिन असली हीरो स्मृति ही रहीं।
इस पारी में स्मृति ने 10 चौके और 2 छक्के लगाए। उनकी स्ट्राइक रेट 120 रही, जो दबाव में भी उनकी आक्रामकता दिखाती है। कोच अमोल मुजुमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "स्मृति की मानसिक मजबूती ने यह संभव बनाया। हमने विशेष ट्रेनिंग पर फोकस किया था।"
स्मृति की अनोखी बल्लेबाजी: कला और विज्ञान का मेल
स्मृति की बल्लेबाजी को 'एलीगेंट स्ट्रोकर' कहा जाता है। वे लेफ्ट-हैंडेड हैं, जो उन्हें स्पिन के खिलाफ खतरनाक बनाता है। विश्व कप में उनका औसत 65 से ऊपर है, जिसमें चार शतक शामिल हैं। 2017 विश्व कप में 178 रन (श्रीलंका के खिलाफ) उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी थी। लेकिन 2025 में उन्होंने खुद को और निखारा। फिटनेस पर ध्यान देकर वे अब लंबी पारियां खेल पाती हैं।
स्मृति ने एक इंटरव्यू में कहा, "मैं हमेशा प्रेशर को एंजॉय करती हूं। मिताली दीदी की तरह, मैं टीम के लिए खेलती हूं। यह रिकॉर्ड व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक जीत है।" उनकी यह विनम्रता प्रशंसकों को और आकर्षित करती है।
भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय
यह रिकॉर्ड भारतीय महिला क्रिकेट के विकास की कहानी कहता है। 1973 में पहला विश्व कप खेलने वाली भारत की टीम अब शीर्ष दावेदार है। बीसीसीआई की ओर से मिले समर्थन से लड़कियां अब ग्रामीण स्तर से भी उभर रही हैं। स्मृति के अलावा, शेफाली वर्मा, स्मृति तनेजा और दीप्ति शर्मा जैसे सितारे चमक रहे हैं। 2025 विश्व कप में भारत अजेय दिख रहा है – चार मैचों में तीन जीत के साथ वे पॉइंट्स टेबल पर शीर्ष पर हैं।
यह उपलब्धि लड़कियों के लिए प्रेरणा है। स्मृति ने कहा, "मैं चाहती हूं कि हर छोटी लड़की बैट उठाए। क्रिकेट अब सिर्फ पुरुषों का खेल नहीं।" सरकार और कॉर्पोरेट्स भी महिला क्रिकेट को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे लीग जैसे WPL फले-फूले।
चुनौतियां और भविष्य की राह
स्मृति का सफर आसान नहीं था। चोटों और फॉर्म स्लंप ने उन्हें परेशान किया, लेकिन वे हर बार वापसी करती रहीं। 2023 विश्व कप फाइनल में हार के बाद उन्होंने खुद को रीइन्वेंट किया। अब उनका लक्ष्य विश्व रिकॉर्ड – न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स के 1,789 रनों को तोड़ना।
विशेषज्ञ मानते हैं कि स्मृति 2026 तक 2,000 रन पार कर सकती हैं। लेकिन टीम का फोकस विश्व कप ट्रॉफी पर है। सेमीफाइनल और फाइनल में स्मृति की भूमिका निर्णायक होगी।
निष्कर्ष: नई लहर, नई उम्मीदें
स्मृति मंधाना ने मिताली राज के रिकॉर्ड को तोड़कर साबित कर दिया कि इतिहास दोहराया नहीं जाता, बल्कि आगे बढ़ाया जाता है। यह पल भारतीय क्रिकेट के भविष्य को रोशन करता है। स्मृति जैसी खिलाड़ी न केवल रन बनाती हैं, बल्कि सपने बुनती हैं। आइए, हम सब उनके इस सफर का हिस्सा बनें। महिला विश्व कप 2025 में भारत की जीत की कामना करते हुए – जय हिंद, जय भारत!