किसान सम्मान दिवस 2025: सीएम योगी ने किसानों को ट्रैक्टर का तोहफा दिया, जानें उत्तर प्रदेश की टॉप किसान हितैषी योजनाएं जो बदल रही हैं किसानों की किस्मत!
नई दिल्ली/लखनऊ, 23 दिसंबर 2025 – किसान सम्मान दिवस हर साल 23 दिसंबर को मनाया जाता है, जो पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के रूप में समर्पित है। इस खास दिन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की मेहनत को नमन करते हुए उनके उत्साह और आत्मसम्मान की सराहना की। विधान भवन परिसर में आयोजित समारोह में सीएम योगी ने किसान समृद्धि योजना के तहत सैकड़ों किसानों को ट्रैक्टर की चाबियां सौंपीं। उनके चेहरों पर चमकती मुस्कान देखकर सीएम ने कहा, "यह खुशी हमारी सरकार की नीतियों की असली सफलता का प्रमाण है।"
यदि आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं या कृषि क्षेत्र में रुचि रखते हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए है। हम यहां न केवल आज के कार्यक्रम की पूरी कवरेज देंगे, बल्कि किसान सम्मान दिवस 2025, सीएम योगी की किसान योजनाएं, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और एमएसपी गारंटी जैसी प्रमुख स्कीम्स की गहराई से चर्चा करेंगे। ये कीवर्ड्स न केवल सर्च इंजन पर टॉप रैंकिंग दिलाते हैं, बल्कि आपको वास्तविक लाभ भी पहुंचाते हैं। चलिए, शुरू करते हैं इस प्रेरणादायक यात्रा को!
किसान सम्मान दिवस का महत्व: चौधरी चरण सिंह की विरासत और किसानों की आवाज
किसान सम्मान दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के अन्नदाताओं के सम्मान का प्रतीक है। 23 दिसंबर को जन्मे चौधरी चरण सिंह, जिन्हें 'किसानों के मसीहा' कहा जाता है, ने भूमि सुधार और किसान कल्याण के लिए जीवन समर्पित किया। 1970 के दशक में उन्होंने जमींदारी उन्मूलन और भू-राजस्व सुधार जैसे कदम उठाए, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
आज के दौर में, जब जलवायु परिवर्तन और बाजार की अस्थिरता किसानों को चुनौतियां दे रही हैं, यह दिन याद दिलाता है कि किसान ही देश की रीढ़ हैं। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, "किसान जब ऊर्जा का प्रवाह करता है, तो धरती सोना उगलती है।" यह शब्द न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए दिशा-निर्देश भी।
उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे बड़ा कृषि उत्पादक राज्य है, यहां 2.3 करोड़ से अधिक किसान परिवार हैं। किसान सम्मान दिवस 2025 पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों किसानों ने भाग लिया, जहां सीएम ने उनकी कहानियां सुनीं। यह दिन हमें सिखाता है कि सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं में होता है। आगे हम देखेंगे कैसे योगी सरकार ने इन योजनाओं को अमल में लाकर किसानों की जिंदगी बदली है।
श्रद्धांजलि और ट्रैक्टर वितरण: किसान समृद्धि योजना का जादू
कार्यक्रम की शुरुआत विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने से हुई। सीएम योगी ने भावुक होकर कहा, "चौधरी साहब के सपनों को साकार करने का समय आ गया है।" इसके बाद का नजारा देखने लायक था – किसान समृद्धि योजना के तहत चयनित 500 से अधिक किसानों को ब्रांड न्यू ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी गईं।
किसान समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप स्कीम है, जो 2017 से चल रही है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी उत्पादकता बढ़े और लागत घटे। योजना के तहत:
- ट्रैक्टर वितरण: 50% सब्सिडी पर 40-50 एचपी ट्रैक्टर।
- लाभार्थी चयन: भूमि रिकॉर्ड और आय के आधार पर पारदर्शी लॉटरी सिस्टम।
- अतिरिक्त लाभ: बीज, खाद और ड्रिप इरिगेशन पर 30-50% छूट।
एक किसान रामस्वरूप सिंह (मेरठ से) ने कहा, "यह ट्रैक्टर मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट है। पहले बैलों पर निर्भर था, अब समय बचेगा और फसल बढ़ेगी।" ऐसे व्यक्तिगत किस्से ही योजना की सफलता की कहानी कहते हैं। 2025 तक, इस योजना से 1 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
यह वितरण न केवल उपकरण देता है, बल्कि आत्मविश्वास भी। सीएम ने जोर देकर कहा कि "किसानों के चेहरे की खुशी ही हमारी नीतियों का आईना है।"
2014 के बाद की क्रांति: किसानों को प्राथमिकता का नया दौर
सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "2014 के बाद किसानों को पहली बार शासन के एजेंडे में प्राथमिकता मिली।" केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त कोशिशों से किसान कल्याण का नया अध्याय लिखा गया। पहले किसान मजबूरी में उधार लेते थे, आज वे सम्मान के साथ कमाई कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सात सालों में कृषि बजट दोगुना हो गया है – 2025-26 के लिए 50,000 करोड़ रुपये आवंटित। यह बदलाव कैसे आया? आइए देखें प्रमुख केंद्रित योजनाओं को।
पीएम किसान सम्मान निधि: हर साल 6,000 रुपये की सीधी मदद
पीएम किसान सम्मान निधि योजना 2019 से चल रही है, जो छोटे किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उत्तर प्रदेश में यह सबसे ज्यादा लाभ पहुंचाने वाली स्कीम है – राज्य के 2.5 करोड़ किसान परिवार इससे जुड़े हैं।
योजना के मुख्य लाभ:
- वार्षिक सहायता: 6,000 रुपये (तीन किश्तों में 2,000-2,000 रुपये)।
- पात्रता: 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले छोटे किसान (आयकर दाता 제외)।
- 2025 अपडेट: 22वीं किश्त दिसंबर में जारी, कुल 21 किश्तें वितरित।
उदाहरण के लिए, गाजीाबाद के एक किसान को यह राशि खरीफ और रबी फसल के लिए खाद-बीज खरीदने में मदद करती है। योजना का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सिस्टम पारदर्शी है – pmkisan.gov.in पर स्टेटस चेक करें। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक लाभार्थी होने से राज्य नंबर वन है।
फसल बीमा और सिंचाई: जोखिम से सुरक्षा का कवच
किसानी में अनिश्चितताएं सबसे बड़ी समस्या हैं – सूखा, बाढ़ या कीट। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) ने इसे हल किया। उत्तर प्रदेश में 2025 तक 1.5 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र कवर हो चुका है। प्रीमियम का 90% केंद्र-राज्य वहन करते हैं, किसान को केवल 2% देना पड़ता है।
सिंचाई योजनाओं का योगदान:
- पीएम कृषि सिंचाई योजना: ड्रिप और स्प्रिंकलर पर 55% सब्सिडी।
- हर खेत को पानी: नहरों का विस्तार, 80% क्षेत्र सिंचित।
- जल जीवन मिशन: ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन से पानी।
इनसे गेहूं का उत्पादन 20% बढ़ा, और लागत 15% घटी। सीएम ने कहा, "सिंचाई से किसान की फसल सुरक्षित, परिवार खुशहाल।"
एमएसपी गारंटी: उपज का सही मूल्य, बिचौलियों का अंत
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) अब गारंटीड है। उत्तर प्रदेश में 2025 से किसान सीधे क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे, बिचौलियों की मनमानी खत्म। गन्ने का मूल्य 340 रुपये प्रति क्विंटल किया गया, जो पहले 320 था।
MSP के फायदे:
- गेहूं: 2,275 रुपये/क्विंटल, 10% वृद्धि।
- दालें: अरहर पर 6,000 रुपये, उत्पादन दोगुना।
- भुगतान: 48 घंटे में खाते में ट्रांसफर।
इससे किसानों की आय 25% बढ़ी। सीएम ने दावा किया, "उपज का सही मूल्य मिल रहा है, यूपी समृद्ध हो रहा है।"
उत्तर प्रदेश में कृषि क्रांति: उत्पादन में नंबर वन, लागत में कमी
योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश कृषि का हब बन गया। गेहूं उत्पादन: 3.5 करोड़ टन (देश में 35%)। गन्ना: 20 करोड़ टन, चीनी मिलें चालू। दलहन: 25 लाख टन, आयात पर निर्भरता घटी। फल-सब्जी में नंबर वन, निर्यात 50% बढ़ा।
उपलब्धियां तालिका:
| फसल | 2017 उत्पादन (लाख टन) | 2025 उत्पादन (लाख टन) | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| गेहूं | 250 | 350 | 40 |
| गन्ना | 1500 | 2000 | 33 |
| दलहन | 15 | 25 | 67 |
| फल-सब्जी | 200 | 300 | 50 |
लागत घटने से किसान की बचत 20-30% हुई। नई सीड पार्क लखनऊ में स्थापित, उच्च गुणवत्ता बीज उपलब्ध।
नई घोषणाएं: 6% ब्याज पर ऋण, लघु किसानों को सौगात
किसान सम्मान दिवस 2025 पर सीएम ने बड़ा ऐलान किया – लघु और सीमांत किसानों को मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत 6% ब्याज पर ऋण। पहले 11.5% था, अब 3.5% सब्सिडी। 3-15 साल की अवधि, 10 लाख तक बिना गारंटी।
यह तोहफा नए साल से लागू, 50 लाख किसानों को फायदा। एम-पैक्स को 10 लाख ब्याज मुक्त ऋण भी।
निष्कर्ष: किसान समृद्ध, तो उत्तर प्रदेश समृद्ध
किसान सम्मान दिवस 2025 ने साबित कर दिया कि योगी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। ट्रैक्टर वितरण से लेकर कम ब्याज ऋण तक, हर कदम समृद्धि की ओर। चौधरी चरण सिंह के सपने साकार हो रहे हैं – किसान ऊर्जावान, धरती उपजाऊ।
यदि आप लाभ लेना चाहते हैं, तो upagriculture.com या pmkisan.gov.in विजिट करें। कमेंट में अपनी कहानी शेयर करें – क्या आपकी जिंदगी बदली? किसान हितैषी योजनाएं वास्तविक बदलाव के लिए हैं। जय जवान, जय किसान!
( स्रोत: आधिकारिक वेबसाइट्स और समाचार। पीएम किसान पोर्टल, | योगी सरकार की कृषि पॉलिसी।)