रिलायंस इंडस्ट्रीज तीसरी तिमाही(Reliance Industries Q3) FY26 रिजल्ट्स | राजस्व 10% बढ़ा, जियो और O2C में ग्रोथ

Rajeev
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रिलायंस इंडस्ट्रीज Q3(Reliance Industries Q3) FY26 वित्तीय परिणाम: राजस्व में 10% की वृद्धि, डिजिटल और O2C सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन

रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q3 FY26 फाइनेंशियल रिजल्ट्स में राजस्व 2.94 लाख करोड़ रुपये पहुंचा। जियो प्लेटफॉर्म्स, रिटेल और O2C बिजनेस में मजबूत प्रदर्शन। मुकेश अंबानी के बयान और डिटेल्स पढ़ें।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय परिणामों की घोषणा की है, जो कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल रेजिलिएंस और विविध बिजनेस सेगमेंट्स में ग्रोथ को दर्शाते हैं। दिसंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड राजस्व साल-दर-साल 10% बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से डिजिटल सर्विसेज, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और रिटेल बिजनेस की बदौलत हुई, जबकि अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस सेगमेंट में चुनौतियां रहीं। नेट प्रॉफिट (प्री-माइनॉरिटी) 1.6% बढ़कर 22,290 करोड़ रुपये रहा, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 3.7% की वृद्धि के साथ 29,697 करोड़ रुपये पर पहुंचा।

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, रिलायंस की Q3 FY26 कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस बिजनेसेज में लगातार फाइनेंशियल डिलीवरी और ऑपरेशनल रेजिलिएंस को रिफ्लेक्ट करती है।" यह पोस्ट रिलायंस इंडस्ट्रीज के इन रिजल्ट्स को विस्तार से कवर करेगी, जिसमें प्रत्येक सेगमेंट की डिटेल्स यूजर-फ्रेंडली भाषा है। यदि आप रिलायंस इंडस्ट्रीज के पिछले क्वार्टर्स के बारे में जानना चाहते हैं, तो रिलायंस Q2 FY26 रिजल्ट्स पर क्लिक करें। बाहरी लिंक के लिए, मनीकंट्रोल की ऑफिशियल रिपोर्ट देखें।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का ओवरऑल फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

रिलायंस इंडस्ट्रीज Q3 FY26 रिजल्ट्स में कंसोलिडेटेड EBITDA 6.1% बढ़कर 50,932 करोड़ रुपये रहा। यह ग्रोथ डिजिटल सर्विसेज और O2C सेगमेंट की कमाई से सपोर्टेड थी, जो अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस बिजनेस की कमजोरी को ऑफसेट करने में सफल रही। कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी रही, जिसमें नेट डेब्ट सीक्वेंशियली घटकर 1.17 लाख करोड़ रुपये हो गया। कैपिटल एक्सपेंडिचर 33,826 करोड़ रुपये रहा, जो कैश प्रॉफिट्स (41,303 करोड़ रुपये) से पूरी तरह कवर हुआ।

यह परफॉर्मेंस भारत की इकोनॉमी में रिलायंस की भूमिका को मजबूत करती है, खासकर जब ग्लोबल चैलेंजेस जैसे हाई फीडस्टॉक फ्रेट रेट्स और वीक डाउनस्ट्रीम मार्जिन्स मौजूद हैं। यदि आप रिलायंस इंडस्ट्रीज स्टॉक प्राइस ट्रेंड्स जानना चाहते हैं, तो स्टॉक मार्केट एनालिसिस चेक करें।

ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस: फ्यूल मार्जिन्स में उछाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज O2C बिजनेस Q3 FY26 में राजस्व 8.4% बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA 15% की वृद्धि के साथ 16,507 करोड़ रुपये रहा। यह ग्रोथ ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक्स में 62-106% की तेज वृद्धि से आई, जो डिमांड-सप्लाई डायनामिक्स और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी से सपोर्टेड थी। हालांकि, लोअर डाउनस्ट्रीम केमिकल मार्जिन्स और हाई फीडस्टॉक फ्रेट रेट्स ने कुछ प्रभाव डाला।

जियो-बीपी फ्यूल रिटेलिंग बिजनेस ने मोमेंटम बनाए रखा, जिसमें फ्यूल वॉल्यूम्स 24% बढ़े। गैसोलीन और हाई-स्पीड डीजल सेल्स में मजबूत ग्रोथ देखी गई। नेटवर्क एक्सपेंशन के साथ, जियो-बीपी के आउटलेट्स दिसंबर अंत तक 2,125 हो गए, जो साल-दर-साल 14% की वृद्धि है। मुकेश अंबानी ने कहा, "O2C बिजनेस में रॉबस्ट ग्रोथ फ्यूल मार्जिन्स की बदौलत हुई, साथ ही फ्यूल रिटेलिंग नेटवर्क का एक्सपेंशन जारी रहा।"

O2C सेगमेंट में रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फ्यूल रिटेलिंग, एविएशन फ्यूल सेल्स और बल्क होलसेल मार्केटिंग शामिल हैं। कंपनी के COO (रिफाइनिंग) श्रीनिवासन टी ने बताया कि सैंक्शंस के कारण VLCCs की उपलब्धता कम होने से फ्रेट रेट्स बढ़े, लेकिन डोमेस्टिक मार्केट फोकस और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स से आउटपरफॉर्मेंस जारी रहा। प्रोडक्शन फॉर सेल 1.7% YoY बढ़ा।

डिजिटल सर्विसेज: जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत ग्रोथ

जियो प्लेटफॉर्म्स Q3 FY26 रिजल्ट्स में राजस्व 12.7% बढ़कर 43,683 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA 16.4% की वृद्धि के साथ 19,303 करोड़ रुपये रहा। मार्जिन्स में 170 बेसिस पॉइंट्स का एक्सपेंशन हुआ। जियो का सब्सक्राइबर बेस 515.3 मिलियन पहुंच गया, जिसमें 5G यूजर्स 250 मिलियन से ज्यादा हो गए। होम कनेक्ट्स 25 मिलियन पार हुए, और जियोएयरफाइबर ने ग्लोबली पहली फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सर्विस के रूप में 11.5 मिलियन यूजर्स हासिल किए। ARPU 5.1% बढ़कर 213.7 रुपये प्रति यूजर प्रति मंथ हो गया।

मुकेश अंबानी ने कहा, "जियो ने अट्रैक्टिव प्रपोजिशंस और इंडीजेनस टेक्नोलॉजी स्टैक से सब्सक्राइबर बेस बढ़ाया, जिससे EBITDA में 16.4% ग्रोथ हुई।" जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश एम अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की भूमिका पर जोर दिया, जो भारत को AI-एम्पावर्ड बनाने में मदद करेगा। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अंशुमन ठाकुर ने बताया कि 5G एक्सपेंशन से 65% 5G सब्सक्राइबर्स भारत में जियो के पास हैं, और 50% से ज्यादा ट्रैफिक 5G पर शिफ्ट हो चुका है।

यदि आप जियो 5G प्लान्स के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, तो जियो ऑफिशियल वेबसाइट विजिट करें।

ऑयल एंड गैस बिजनेस: चुनौतियां लेकिन मजबूत डिमांड आउटलुक

रिलायंस इंडस्ट्रीज ऑयल एंड गैस Q3 FY26 में EBITDA 13% घटकर 4,857 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व 8.4% गिरकर 5,833 करोड़ रुपये हो गया। यह डिक्लाइन KG-D6 ब्लॉक में नेचुरल डिक्लाइन, लोअर प्राइस रियलाइजेशन और हाई ऑपरेटिंग कॉस्ट्स से हुई। KG-D6 गैस का एवरेज प्राइस 9.65

प्रेसिडेंट (E&P) संजय रॉय ने कहा कि इंडियन गैस मार्केट डिमांड रॉबस्ट है, खासकर CGD सेक्टर से। रिलायंस भारत की डोमेस्टिक प्रोडक्शन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। ग्लोबल ट्रेंड्स में नॉर्थ अमेरिका से LNG एक्सपोर्ट्स बढ़ रहे हैं।

रिलायंस रिटेल: स्टोर एक्सपेंशन और कस्टमर ग्रोथ

रिलायंस रिटेल Q3 FY26 में राजस्व 8.1% बढ़कर 97,605 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA 6,915 करोड़ रुपये रहा। फेस्टिव डिमांड का डिस्ट्रीब्यूशन, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) का डिमर्जर और GST रेट रेशनलाइजेशन ने ग्रोथ को प्रभावित किया। स्टोर्स की संख्या 19,979 पहुंच गई, ऑपरेशनल एरिया 78.1 मिलियन sq ft। रजिस्टर्ड कस्टमर बेस 378 मिलियन हो गया। हाइपर-लोकल डिलीवरी ऑर्डर्स में लगभग 5 गुना वृद्धि हुई।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा एम अंबानी ने कहा, "रिलायंस रिटेल ने ट्रेंड-फोकस्ड असोर्टमेंट्स और ओम्नी-चैनल एक्सपीरियंस से कस्टमर एंगेजमेंट बढ़ाया।" CFO दिनेश तलुजा ने बताया कि फेस्टिव ऑफर्स, हाइपर लोकल इन्वेस्टमेंट्स और न्यू लेबर कोड ने EBITDA मार्जिन प्रभावित किया। जियोमार्ट ने 5.9 मिलियन नए कस्टमर्स जोड़े, डिजिटल फैशन बिजनेस Ajio में एवरेज बिल वैल्यू 20% बढ़ी। Shein ऐप इंस्टॉल्स 6.5 मिलियन पार हुए। ज्वेलरी बिजनेस में गोल्ड प्राइसेज से एवरेज बिल वैल्यू 73% बढ़ी।

RCPL (FMCG) अब RIL की डायरेक्ट सब्सिडियरी है। COO केतन मोदी ने बताया कि बेवरेजेस और स्नैक्स में मोमेंटम है, कैपेसिटी डबलिंग और फूड पार्क्स पर काम जारी। ग्लोबल ब्रैंड्स जैसे Brylcreem, Tony & Guy, Badedas और Matey अधिग्रहित किए गए।

जियोस्टार: मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस

जियोस्टार Q3 FY26 में राजस्व 8,010 करोड़ रुपये रहा, EBITDA (इनक्लूडिंग अदर इनकम) 1,303 करोड़ रुपये। जियोहॉटस्टार के MAUs 450 मिलियन पहुंचे, 13% QoQ ग्रोथ। टीवी नेटवर्क ने 830 मिलियन व्यूअर्स पहुंचाए, 60 बिलियन घंटे वॉच टाइम। इंडस्ट्री लीडिंग टीवी एंटरटेनमेंट व्यूअरशिप शेयर 34.6% रहा।

निष्कर्ष: रिलायंस की फ्यूचर ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स

रिलायंस इंडस्ट्रीज Q3 FY26 रिजल्ट्स कंपनी की डाइवर्सिफाइड स्ट्रैटेजी और इनोवेशन को हाइलाइट करते हैं। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, रिटेल एक्सपेंशन और O2C ऑप्टिमाइजेशन से फ्यूचर ग्रोथ सुनिश्चित है। निवेशकों के लिए, यह रिजल्ट्स स्टॉक पर पॉजिटिव सिग्नल देते हैं। अधिक डिटेल्स के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ऑफिशियल वेबसाइट विजिट करें। यदि आप रिलायंस से जुड़े अन्य टॉपिक्स पर पोस्ट पढ़ना चाहते हैं, तो कमेंट्स में बताएं!

डिस्क्लेमर: यह जानकारी मनीकंट्रोल से ली गई है। निवेश सलाह के लिए प्रोफेशनल एडवाइजर से संपर्क करें।

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