Trump-Putin meeting: ट्रम्प-पुतिन मुलाकात कोई समझौता नहीं, कोई सवाल नहीं, बस दिखावा ज्‍यादा रहा।

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अमरीकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प और रूसी नेता व्‍लादिमीर पुतिन की बहुप्रतीक्षित मुलाकात की शुरुआत तो अलास्‍का में एक अमरीकी सैन्‍य अड्डे पर गर्मजोशी से स्‍वागत और जेट विमानों के प्रदर्शन के साथ हुई, लेकिन शुक्रवार (15 अगस्‍त, 2025) को यह मुलाकात ठंडी पड़ गई। दोनों नेताओं ने मान लिया कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्‍म करने के तरीकों पर वे किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए।

एंकरेज के ज्‍वाइंट बेस एल्‍म एंडॉर्फ रिचर्डसन में लगभग ढाई घंटे तक बातचीत करने के बाद, दोनों नेता पत्रकारों के सामने आए। इसे एक संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस बताया गया था, लेकिन उन्‍होंने कोई सवाल नहीं लिया। ट्रम्‍प ने कहा, ''हमारी मुलाकात बहुत अच्‍छी रही और कई मुद्दों पर सहमति बनी, बस कुछ ही मुद्दे बचे हैं।'' हम वहां तक नहीं पहुंचे, लेकिन वहां तक पहुंचने की हमारी संभावना बहुत ज्‍यादा है।

यूक्रेन पर हमला करने का आदेश देने के कारण 2022 की शुरुआत से पश्चिमी देशों के सहयोगियों द्वारा नजरअंदाज किए जाने के बाद पहली बार अमरीका में स्‍वागत किए गए पुतिन ने बैठक की मेजबानी के लिए ट्रम्‍प को धन्‍यवाद दिया और मुस्‍कुराते हुए कहा कि अगली बार जब दोनों बैठेंगे तो वह जगह मॉस्‍को हो सकती है। पुतिन का लाल कालीन बिछाकर स्‍वागत किया गया और वे हवाई अड्डे से शिखर बैठक स्‍थल तक ट्रम्‍प की राष्‍ट्रपति लिमोसिन में गए। वहां, दोनों के साथ उनके शीर्ष सहायक भी थे, ट्रम्‍प की ओर से विदेश मंत्री और राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो और विशेष दूत स्‍टीव विटकोफ और पुतिन की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यूरी उशाकोव। बैठक के बाद सबसे पहले बोलने वाले पुतिन ने अमरीका, रूस और पूर्व सोवियत संघ के बीच ऐतिहासिक रिश्‍ते की सराहना की और द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान दोनों देशों द्वारा किए गए संयुक्‍त अभियानों को याद किया।

उन्‍होंने कहा कि अमरीका और रूस के साझा मूल्‍य हैं, रूसी अधिकारियों की ओर से ट्रम्‍प और उनके सहायकों को रिझाने की कोशिश करते समय यह एक आम बात है। पुतिन ने यह भी बताया कि ट्रम्‍प ने अक्‍सर कहा है कि अगर वह 2020 का चुनाव जीत जाते तो यूक्रेन युद्ध नहीं होता।रूसी नेता ने कहा, मुझे लगता है कि ऐसा ही होता, यह टिप्‍पणी ट्रम्‍प को खुश करने वाली थी।

हालांकि, इस बात का कोई संकेत नहीं है और यह साबित करने का कोई तरीका नहीं है कि अगर डेमोक्रेट जो बाइडेन निर्वाचित नहीं होते तो मॉस्‍को ने यूक्रेन के प्रति अलग तरह से व्‍यवहार किया होता। ट्रम्‍प इस बैठक में पुतिन से यूक्रेन के साथ युद्धविराम के लिए सहमत होने या कम से कम रूस से युद्धविराम तक पहुंचने के लिए बातचीत में शामिल होने की वचनबद्धता हासिल करने की उम्‍मीद लेकर गए थे।

इसके बजाय, ट्रम्‍प ने स्‍वीकार किया कि ''हम अभी तक वहां नहीं पहुंचे हैं'' और कहा कि वह आगे के कदमों के बारे में यूक्रेनी राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्‍की और नाटो नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे।

ट्रम्‍प ने कहा कि उन्‍होंने और पुतिन ने संघर्ष को खत्‍म करने के लक्ष्‍य की दिशा में कुछ महत्‍वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन उन्‍होंने इसका कोई विवरण नहीं दिया कि इसमें क्‍या शामिल है और उन्‍हें यह स्‍वीकार करना पड़ा कि वे महत्‍वपूर्ण कमियों को दूर करने में असमर्थ रहे हैं। युद्ध को खत्‍म करने के राजनयिक प्रयासों के बीच, समय पुतिन के पक्ष में है। इससे रूसी सेना को फायदा होता दिख रहा है, जिसने अपने बड़ी संख्‍या बल का प्रयोग करते हुए पूर्वी यूक्रेन में साढ़े तीन साल से चल रहे संघर्ष में धीरे-धीरे रक्षापंक्ति को कमजोर कर दिया है।

पुतिन को अमरीकी धरती पर स्‍वतंत्र विश्‍व के नेता से सुखद सत्कार मिला और कुछ घंटों बाद वे बिना यह बताए चले गए कि उन्‍होंने किस बारे में चर्चा की, क्‍या युद्धविराम हकीकत के करीब था या आगे क्‍या कदम उठाए जाएंगे।

पुतिन ने ट्रम्‍प द्वारा बातचीत के ''दोस्‍ताना'' लहजे के लिए उनकी प्रशंसा की - ट्रम्‍प ने मॉस्‍को के हमलों में यूक्रेनी नागरिकों की हत्‍या के बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा - और ''यह समझने के लिए कि रूस के अपने राष्‍ट्रीय हित हैं। पुतिन ने कहा कि मॉस्‍को और वाशिंगटन को ''पन्‍ना पलट देना चाहिए,'' शीत युद्ध के बाद से संबंध सबसे निचले स्‍तर पर पहुंच गए हैं।

10 वर्षों में पहली बार अमरीका में पुतिन की उपस्थिति को इस संकेत के रूप में मनाया गया कि मॉस्‍को अब वैश्विक स्‍तर पर बहिष्‍कृत नहीं है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्‍ता मारिया ज़खारोवा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट में अपने फॉलोअर्स से कहा कि पश्चिमी प्रेस ''अपना आपा खोने के कगार'' पर होगा।

उन्‍होंने कहा, ''तीन साल तक उन्‍होंने रूस के अलग-थलग रहने के बारे में बात की और आज उन्‍होंने देखा कि अमरीका में रूसी राष्‍ट्रपति के स्‍वागत के लिए लाल कालीन बिछाया जा रहा है।''

प्रेस कांफ्रेंस 15 मिनट से भी कम समय में समाप्‍त हो गई, जो काफी हद तक मानक राजनयिक टिप्‍पणियां थीं - और इससे यह संकेत नहीं मिला कि कोई ठोस परिणाम हासिल हुआ है - और यूक्रेन में युद्ध पर उनकी पिछली टिप्‍पणियों से थोड़ा ही अलग थी। ट्रम्‍प ने विश्‍व नेताओं के सामने संवाददाताओं के सवालों को टालना अपने दूसरे कार्यकाल की एक विशेषता बना ली है, लेकिन अपनी निराशा के सबसे स्‍पष्‍ट संकेत में राष्‍ट्रपति ने अचानक सवालों के जवाब देने की अपनी योजनाओं को रद्द कर दिया।

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