Midwest's shares did okay in their first day on the stock market, closing about 7% higher than their initial price: मिडवेस्ट के शेयरों ने शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत की, लिस्टिंग के दिन आईपीओ मूल्य से 7% प्रीमियम पर बंद हुए!

Rajeev
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मिडवेस्ट शेयर्स का शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत की, आईपीओ मूल्य से 7% प्रीमियम पर बंद

नमस्कार, पाठकों! आज हम बात करेंगे एक ऐसी कंपनी की जिसने हाल ही में शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की है और निवेशकों को एक सकारात्मक संकेत दिया है। मिडवेस्ट लिमिटेड, जो प्राकृतिक पत्थरों के खनन और निर्यात में एक प्रमुख खिलाड़ी है, ने 24 अक्टूबर 2025 को एनएसई और बीएसई पर अपनी लिस्टिंग की। कंपनी के शेयर्स ने आईपीओ मूल्य से 9.4% प्रीमियम पर ओपनिंग की, लेकिन दिन के अंत में 7% प्रीमियम पर बंद हुए। यह डेब्यू भले ही धमाकेदार न हो, लेकिन बाजार की मौजूदा स्थितियों में यह एक अच्छी प्रदर्शन माना जा सकता है। इस ब्लॉग में हम कंपनी की पृष्ठभूमि, आईपीओ की डिटेल्स, लिस्टिंग डे का प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

कंपनी की पृष्ठभूमि

मिडवेस्ट लिमिटेड की स्थापना 1981 में 'मिडवेस्ट ग्रेनाइट प्राइवेट लिमिटेड' के रूप में हुई थी। बाद में इसका नाम बदलकर 'मिडवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड' कर दिया गया और 2024 में यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी। कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में है और यह प्राकृतिक पत्थरों जैसे ग्रेनाइट के अन्वेषण, खनन, प्रसंस्करण, विपणन, वितरण और निर्यात में संलग्न है। मिडवेस्ट ब्लैक गैलेक्सी और एब्सोल्यूट ब्लैक ग्रेनाइट का भारत का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।

कंपनी तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 16 ग्रेनाइट खानों का संचालन करती है और दो आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाएं चलाती है जहां बड़े पैमाने पर कटिंग, पॉलिशिंग और फिनिशिंग होती है। इसके अलावा, कंपनी ने क्वार्ट्ज ग्रिट और हैवी मिनरल सैंड्स जैसे उच्च मूल्य वाले सामग्रियों में विविधीकरण किया है। मिडवेस्ट का एक मजबूत संसाधन पाइपलाइन है, जिसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में 25 खनन स्थल शामिल हैं। कंपनी 17 देशों में निर्यात करती है, जिनमें चीन, इटली और थाईलैंड प्रमुख हैं। इसका उत्पाद पोर्टफोलियो निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य उद्योगों में फैला हुआ है।

कंपनी की ताकत उसकी विविधता और वैश्विक पहुंच में है, लेकिन चुनौतियां भी हैं जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक मांग में परिवर्तन और प्राकृतिक पत्थर क्षेत्र में तीव्र प्रतिस्पर्धा।

आईपीओ की डिटेल्स

मिडवेस्ट का आईपीओ 15 से 17 अक्टूबर 2025 तक खुला रहा। यह 451.1 करोड़ रुपये का आईपीओ था, जिसमें 250.1 करोड़ रुपये की फ्रेश इश्यू (2.3 मिलियन शेयर्स) और 201 करोड़ रुपये की ऑफर फॉर सेल (1.9 मिलियन शेयर्स) शामिल थी। प्राइस बैंड 1,014 से 1,065 रुपये प्रति शेयर था।

आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कुल मिलाकर यह 87.9 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) ने 168.07 गुना, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) ने 139.87 गुना और रिटेल इन्वेस्टर्स ने 24.26 गुना सब्सक्रिप्शन किया। अलॉटमेंट 20 अक्टूबर को फाइनल हुआ। फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग मिडवेस्ट नियوستोन (इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी) में फेज II कैपेक्स के लिए, इलेक्ट्रिक डंप ट्रक्स की खरीद, सोलर इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स और कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। केफिन टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार थी, जबकि डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स, इंटेंसिव फिस्कल सर्विसेज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लीड मैनेजर्स थे।

ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) लिस्टिंग से पहले 10-14% के आसपास था, जो निवेशकों की रुचि दर्शाता था।

लिस्टिंग डे का प्रदर्शन

24 अक्टूबर 2025 को लिस्टिंग डे पर, मिडवेस्ट के शेयर्स ने एनएसई पर 1,165 रुपये (9.4% प्रीमियम) और बीएसई पर 1,165.10 रुपये पर ओपनिंग की। दिन की शुरुआत मजबूत रही, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, शेयर्स में थोड़ी गिरावट आई। एनएसई पर यह 1,163.50 तक गिरा, जबकि बीएसई पर 1,166.95 तक चढ़ा। अंत में, एनएसई पर शेयर्स 1,144.10 रुपये पर बंद हुए, जो आईपीओ मूल्य 1,065 से 7.43% प्रीमियम है, और बीएसई पर 1,141.10 रुपये पर, जो 7.15% प्रीमियम है।

ट्रेडिंग वॉल्यूम मजबूत रहा, एनएसई और बीएसई पर कुल 4.34 मिलियन शेयर्स का कारोबार हुआ, जिसकी वैल्यू 504.67 करोड़ रुपये थी। दिन के दौरान शेयर 1,190 के हाई तक पहुंचा, लेकिन बंद होने पर लगभग 2% नीचे था ओपनिंग से। यह प्रदर्शन ग्रे मार्केट की उम्मीदों से थोड़ा कम था, लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सभ्य माना जा सकता है।

विश्लेषण और भविष्य की संभावनाएं

मिडवेस्ट का डेब्यू बाजार की मौजूदा स्थितियों में सकारात्मक है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, जैसे कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और निर्यात बाजारों में मंदी, ने निवेशकों को सतर्क बनाया। फिर भी, कंपनी की मजबूत ऑपरेटिंग मेट्रिक्स और ब्लैक गैलेक्सी ग्रेनाइट में लीडरशिप ने निवेशकों को आकर्षित किया। विश्लेषक हरशल दासानी ने कहा कि कंपनी का विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और क्वार्ट्ज सेगमेंट में विस्तार सकारात्मक है, लेकिन निर्यात पर निर्भरता और प्रतिस्पर्धा जोखिम हैं।

भविष्य में, मिडवेस्ट की 25 खनन साइट्स की पाइपलाइन विकास को बढ़ावा देगी। आईपीओ फंड्स से कैपेक्स और डेब्ट रिडक्शन से बैलेंस शीट मजबूत होगी। प्राकृतिक पत्थर बाजार में वृद्धि की संभावना है, खासकर निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा में। हालांकि, निवेशकों को लॉन्ग-टर्म होल्डिंग पर विचार करना चाहिए, क्योंकि शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी रह सकती है।

निष्कर्ष

मिडवेस्ट लिमिटेड का शेयर बाजार डेब्यू एक संतुलित शुरुआत है, जो कंपनी की मजबूती को दर्शाता है। 7% प्रीमियम पर बंद होना निवेशकों के लिए प्रोत्साहन है, लेकिन बाजार की निगरानी जरूरी है। यदि आप स्टॉक में निवेश कर रहे हैं, तो कंपनी की फंडामेंटल्स और मार्केट ट्रेंड्स पर ध्यान दें। क्या आपने मिडवेस्ट आईपीओ में आवेदन किया था? अपनी राय कमेंट्स में शेयर करें!

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण केवल सूचना के उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और एसईबीआई(SEBI) पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

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