रिलायंस ने Q2 में मजबूत प्रदर्शन दिया: O2C, जियो और रिटेल व्यवसायों की मजबूती पर आधारित
आज हम बात करेंगे भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के हालिया वित्तीय प्रदर्शन की। 18 अक्टूबर 2025 को, कंपनी ने अपने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के नतीजे घोषित किए, जो जुलाई से सितंबर 2025 की अवधि को कवर करते हैं। रिलायंस ने इस तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है, जो मुख्य रूप से उसके ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C), जियो प्लेटफॉर्म्स और रिटेल व्यवसायों की बदौलत है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, "रिलायंस ने Q2 FY26 में मजबूत प्रदर्शन दिया, जो O2C, जियो और रिटेल व्यवसायों के मजबूत योगदान से संचालित है।" आइए इस ब्लॉग में इन नतीजों की गहराई से पड़ताल करें और समझें कि कैसे रिलायंस अपनी विविधता और नवाचार के बल पर आगे बढ़ रही है।
सबसे पहले, समेकित वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालते हैं। रिलायंस की Q2 में ऑपरेशंस से राजस्व 10% बढ़कर 2.59 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 2.35 लाख करोड़ रुपये था। अगर हम ग्रॉस राजस्व की बात करें, तो यह 10% बढ़कर लगभग 2.84 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA (एबिट्डा) में 15% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 50,367 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, और एबिट्डा मार्जिन 80 आधार अंकों की बढ़ोतरी के साथ 17.8% हो गया। नेट प्रॉफिट के मामले में, कंपनी मालिकों को attributable नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर 18,165 करोड़ रुपये रहा, जबकि समेकित नेट प्रॉफिट 14.3% बढ़कर 22,092 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी ने ऊर्जा बाजार की अस्थिरता और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत आधार बनाए रखा है। हालांकि, फाइनेंस कॉस्ट में 13.5% की वृद्धि (6,827 करोड़ रुपये) और टैक्स खर्च में 17.6% की बढ़ोतरी (6,978 करोड़ रुपये) ने कुछ दबाव डाला, लेकिन कुल मिलाकर प्रदर्शन संतोषजनक रहा।
अब बात करते हैं O2C सेगमेंट की, जो रिलायंस की पारंपरिक ताकत रहा है। इस तिमाही में O2C का राजस्व 3.2% बढ़कर 1.60 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA में 20.9% की मजबूत वृद्धि दर्ज हुई, जो 15,008 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उत्पादन में 2.3% की बढ़ोतरी हुई, और कंपनी ने रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार का फायदा उठाया। जियो-बीपी फ्यूल रिटेल आउटलेट्स की संख्या बढ़कर 2,057 हो गई, जिसमें हाई-स्पीड डीजल (HSD) की बिक्री 34% और मोटर स्पिरिट (MS) की 32% बढ़ी। मुकेश अंबानी ने कहा कि O2C की वृद्धि ऊर्जा बाजार की अस्थिरता के बावजूद एकीकृत संपत्तियों और घरेलू बाजार पर फोकस के कारण संभव हुई। केमिकल ओवरकैपेसिटी के बावजूद, कंपनी ने फ्यूल क्रैक्स और घरेलू रिटेलिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी से लाभ कमाया। यह सेगमेंट रिलायंस की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भविष्य में नई ऊर्जा पहलों से जुड़ेगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस का डिजिटल आर्म, इस तिमाही में स्टार परफॉर्मर रहा। जियो का राजस्व 14.9% बढ़कर 42,652 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA 17.7% बढ़कर 18,757 करोड़ रुपये पहुंच गया, और मार्जिन 140 आधार अंकों की बढ़ोतरी के साथ सुधरा। सब्सक्राइबर बेस ने 500 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया, जो अब 506 मिलियन पर पहुंच गया है, जिसमें 8.3 मिलियन नए सब्सक्राइबर जुड़े। मासिक चर्न रेट स्थिर 1.9% रहा, और जियो ट्रू 5G यूजर्स 234 मिलियन हो गए, जो वायरलेस ट्रैफिक का लगभग 50% हैंडल कर रहे हैं। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) 8.4% बढ़कर 211.4 रुपये हो गया। जियो एयरफाइबर ने每月 1 मिलियन से अधिक नए घर जोड़े, कुल सब्सक्राइबर 9.5 मिलियन पहुंच गए। डेटा ट्रैफिक 29.8% बढ़कर 58 एक्साबाइट्स से अधिक हो गया। मुकेश अंबानी ने जियो की स्केलिंग को नेटवर्क लीडरशिप और डिजिटल सर्विसेज के रैंप-अप पर जोर देते हुए सराहा। जियोस्टार बिजनेस ने 7,232 करोड़ रुपये का राजस्व और 1,738 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड EBITDA दर्ज किया, जिसमें 830 मिलियन से अधिक व्यूअर्स और 60 बिलियन घंटे का वॉच टाइम शामिल है। यह दिखाता है कि जियो न केवल टेलीकॉम में बल्कि मीडिया और एंटरटेनमेंट में भी मजबूत पकड़ बना रहा है।
रिटेल सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जो रिलायंस की उपभोक्ता-केंद्रित रणनीति का प्रमाण है। रिलायंस रिटेल वेंचर्स का राजस्व 18% बढ़कर 90,018 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट राजस्व 19% बढ़कर 79,128 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 16.5% बढ़कर 6,816 करोड़ रुपये पहुंच गया, और मार्जिन 130 आधार अंकों की बढ़ोतरी के साथ 9.3% हो गया। नेट प्रॉफिट 21.9% बढ़कर 3,457 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 412 नए स्टोर्स जोड़े, कुल स्टोर्स 19,821 हो गए, जो 77.8 मिलियन स्क्वायर फीट क्षेत्र कवर करते हैं। रजिस्टर्ड कस्टमर्स 369 मिलियन पहुंच गए। ग्रॉसरी में 23%, फैशन में 22% और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में 18% की वृद्धि दर्ज हुई। क्विक हाइपरलोकल डिलीवरी में औसत दैनिक ऑर्डर्स 200% YoY बढ़े। मुकेश अंबानी ने रिटेल की गति को विभिन्न फॉर्मेट्स में मजबूत प्रदर्शन और कंज्यूमर ब्रांड्स के विकास पर जोर देते हुए सराहा। यह सेगमेंट रिलायंस को भारत के बढ़ते उपभोक्ता बाजार में अग्रणी बनाता है।
अन्य सेगमेंट्स में, ऑयल एंड गैस (एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन) का राजस्व 2.6% घटकर 6,058 करोड़ रुपये रहा, और EBITDA 5.4% गिरकर 5,002 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का आउटस्टैंडिंग डेब्ट 3.48 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि नेट डेब्ट 1.18 लाख करोड़ रुपये रहा। कैश एंड कैश इक्विवेलेंट्स 2.30 लाख करोड़ रुपये पर मजबूत बने रहे।
निष्कर्ष में, रिलायंस का Q2 प्रदर्शन उसकी विविधीकृत पोर्टफोलियो और नवाचार पर फोकस को दर्शाता है। O2C की स्थिरता, जियो की डिजिटल वृद्धि और रिटेल की उपभोक्ता पहुंच कंपनी को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। मुकेश अंबानी ने नई ऊर्जा, मीडिया और कंज्यूमर ब्रांड्स जैसे नए इंजनों पर जोर दिया, जो तकनीक और इनोवेशन से सस्ते उत्पाद उपलब्ध कराएंगे। निवेशकों के लिए यह सकारात्मक संकेत है, और कंपनी की शेयर कीमत में उछाल इसका प्रमाण है।