बजाज फाइनेंस के शेयर गिरकर 640 रुपये तक पहुंच सकते हैं? बर्नस्टीन, जेफरीज और अन्य ब्रोकरेज की भविष्यवाणियां
नमस्कार दोस्तों! वित्तीय बाजारों की दुनिया में कभी-कभी ऐसा होता है जब कंपनियां शानदार नतीजे दिखाती हैं, लेकिन फिर भी उनके शेयरों की कीमतें धड़ाम से गिर जाती हैं। ठीक ऐसा ही कुछ कल, 11 नवंबर 2025 को बाजाज फाइनेंस के साथ हुआ। कंपनी ने Q2FY26 (सितंबर 2025 तिमाही) के लिए समेकित शुद्ध लाभ में 22% सालाना की बढ़ोतरी की रिपोर्ट की, लेकिन इसके बावजूद शेयरों में 6.9% की गिरावट आ गई। BSE पर इंट्राडे लो 1,010.25 रुपये तक पहुंच गया। आखिर क्या कारण रहा इस गिरावट का? क्या वाकई शेयर 640 रुपये तक लुढ़क सकते हैं, जैसा कि बर्नस्टीन जैसी ब्रोकरेज ने कहा है? आइए इस ब्लॉग में हम इसकी गहराई से पड़ताल करते हैं। हम देखेंगे कंपनी के नतीजों का विश्लेषण, एसेट क्वालिटी की चिंताएं, और प्रमुख ब्रोकरेज हाउसेज की राय। अगर आप निवेशक हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए खासतौर पर उपयोगी साबित होगी।
Q2FY26 के नतीजे: लाभ बढ़ा, लेकिन चिंताएं भी बरकरार
सबसे पहले बात करते हैं कंपनी के प्रदर्शन की। बाजाज फाइनेंस, भारत की सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) में से एक, ने 30 सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए समेकित शुद्ध लाभ 4,948 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 4,061 करोड़ रुपये से 22% ज्यादा है। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी जबरदस्त 24% की सालाना ग्रोथ देखी गई, जो मुख्य रूप से सिक्योर्ड लोन सेगमेंट में तेजी से आई। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) स्थिर रही, जबकि फीस और अन्य आय उम्मीदों से थोड़ी बेहतर साबित हुई।
लेकिन खुशियां ज्यादा देर न रहीं। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर कुछ खटपट साफ दिखी। लोन लॉसेस और प्रोविजनिंग 19% बढ़कर 2,269 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल के 1,909 करोड़ से ज्यादा है। एनुअलाइज्ड लोन लॉसेस एंड प्रोविजन टू एवरेज एसेट्स 2.05% पर पहुंच गया। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.24% हो गया, जो पिछले साल के 1.06% से ऊपर है। नेट NPA भी 0.60% पर पहुंच गया, पहले के 0.46% से बढ़कर। स्टेज 3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 52% रहा। क्रेडिट कॉस्ट्स में भी 3 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई, जो 2% पर पहुंच गई।
मैनेजमेंट ने फुल ईयर क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस 1.85-1.95% पर बरकरार रखी, लेकिन AUM ग्रोथ के लिए आउटलुक को 200 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 22-23% कर दिया। यह कटौती निवेशकों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई। बाजाज फाइनेंस ने कहा कि यह बदलाव सिक्योर्ड लोन में तेज ग्रोथ के बावजूद SME और टू-व्हीलर सेगमेंट में धीमी रफ्तार के कारण है। नेट 30+ डेज पास ड्यू (DPD) फॉर्मेशन में सुधार हुआ, जो कई तिमाहियों में सबसे बेहतर स्तर पर पहुंचा, लेकिन ओवरऑल स्लिपेजेस बढ़े।
शेयरों की गिरावट: क्यों पड़ी मार?
11 नवंबर को शेयरों में आई 6.9% की गिरावट ने निवेशकों को हिलाकर रख दिया। वर्तमान स्तर पर (लगभग 1,080 रुपये) से यह गिरावट चिंताजनक लग रही है। YTD 2025 में शेयर 45% ऊपर था, लेकिन Q2 नतीजों के बाद बाजार ने एसेट क्वालिटी की बिगड़ती स्थिति, ऊंचे क्रेडिट कॉस्ट्स और मार्जिन पर दबाव को नजरअंदाज नहीं किया। गाइडेंस कट ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या कंपनी की ग्रोथ स्टोरी अब रुक-सी रही है? RBI के सख्त रेगुलेशंस, इकोनॉमिक स्लोडाउन और कंज्यूमर क्रेडिट में तनाव ने भी भूमिका निभाई। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह डिप बायिंग का मौका है या लंबे समय तक दर्द बरकरार रहेगा? इसके जवाब में ब्रोकरेज रिपोर्ट्स ही सबसे बड़ा संकेत देती हैं।
ब्रोकरेज की भविष्यवाणियां: बुलिश vs बेयरिश व्यूज
Q2 नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउसेज ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ आशावादी हैं, तो कुछ सतर्क। आइए देखते हैं प्रमुख नामों की राय:
अन्य ब्रोकरेज: मिश्रित लेकिन ज्यादातर पॉजिटिव
- CLSA: आउटपरफॉर्म रेटिंग, टारगेट 1,200 रुपये। Q2 को सॉलिड बताया, AUM ग्रोथ सिक्योर्ड लोन से लीड हुई। एसेट क्वालिटी मिक्स्ड, लेकिन नेट 30+ DPD में सुधार सकारात्मक।
- मॉर्गन स्टेनली: ओवरवेट, टारगेट 1,195 रुपये। गाइडेंस कट से सेंटिमेंट प्रभावित होगा, लेकिन क्रेडिट कॉस्ट्स घटेंगे। EPS एस्टीमेट्स कटे, लेकिन वीकनेस को एक्यूमुलेट का मौका।
- एमके ग्लोबल: डाउनग्रेड टू रिड्यूस, टारगेट 1,000 रुपये (7% कट)। FY26-28 EPS 5-6% घटाया।
- जेएम फाइनेंशियल: ADD रेटिंग, टारगेट 1,140 रुपये। FY26-27 EPS 2-3% कट, लेकिन ऑपरेशनल परफॉर्मेंस स्टेडी।
- HSBC: बाय, टारगेट 1,195-1,270 रुपये रेंज में। लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर भरोसा।
- मोटिलाल ओसवाल: 16% अपसाइड पोटेंशियल, पॉजिटिव रेकमेंडेशन।
कुल मिलाकर, ज्यादातर ब्रोकरेज (जैसे जेफरीज, CLSA, मॉर्गन स्टेनली) लॉन्ग-टर्म पर बुलिश हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी की चेतावनी दे रहे हैं। बर्नस्टीन का व्यू कंट्रेरियन लगता है, जो हाई NPA (1.24%) और प्रोविजनिंग बढ़ोतरी पर फोकस करता है।
भविष्य की दृष्टि: क्या करें निवेशक?
बाजाज फाइनेंस की ग्रोथ स्टोरी अभी खत्म नहीं हुई। कंपनी का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ से ऊपर है, और डिजिटल लेंडिंग, कंज्यूमर फाइनेंस में मजबूत पोजिशन है। लेकिन चैलेंजेस जैसे RBI के रेगुलेटरी चेंजेस, इकोनॉमिक अनसर्टेंटी और कॉम्पिटिशन (जैसे HDFC, SBI) को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर NPA कंट्रोल हो जाता है और AUM गाइडेंस अचीव होता है, तो शेयर 1,200+ तक पहुंच सकता है। लेकिन अगर क्रेडिट स्ट्रेस बढ़ा, तो 640 का लेवल रीयल हो सकता है।
मेरा सुझाव: अगर आप लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर हैं, तो डिप पर 5-10% पोर्टफोलियो ऐलोकेट करें (जेफरीज की सलाह मानें)। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें, स्टॉप-लॉस यूज करें। हमेशा डाइवर्सिफाई करें, और मार्केट न्यूज पर नजर रखें।
निष्कर्ष
बाजाज फाइनेंस का Q2 एक मिश्रित बैग था – लाभ बढ़ा, लेकिन एसेट क्वालिटी और गाइडेंस कट ने बाजार को निराश किया। ब्रोकरेज व्यूज से साफ है कि ओपिनियन डिवाइडेड है: बर्नस्टीन जैसी फर्म्स बेयरिश हैं, जबकि जेफरीज और अन्य बुलिश। अंत में, फैसला आपका रिस्क एपेटाइट पर निर्भर। बाजार अनिश्चितताओं से भरा है, लेकिन अच्छी कंपनियां हमेशा रिकवर करती हैं। आप क्या सोचते हैं? कमेंट्स में बताएं! अगर यह ब्लॉग पसंद आया, तो शेयर करें और सब्सक्राइब करें। अगले अपडेट तक, हैप्पी इनवेस्टिंग!