बिहार विधानसभा चुनाव: कांग्रेस की 'सफाई' या 'फर्जी' एग्जिट पोल? नेता प्रतिक्रिया देते हैं जब एनडीए की बड़ी जीत की भविष्यवाणी
12 नवंबर 2025 – बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों के लिए बस कुछ ही दिन बाकी हैं, और इसी बीच कई एग्जिट पोल ने सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जबरदस्त जीत की भविष्यवाणी की है। जहां भाजपा इन अनुमानों का स्वागत कर रही है, वहीं विपक्षी महागठबंधन ने इन एग्जिट पोलों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि वे एनडीए को सत्ता से हटाएंगे।
यह चुनावी घड़ी बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला रही है। 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें चाहिए, और ज्यादातर एग्जिट पोल एनडीए को इससे कहीं ज्यादा मजबूत दिखा रहे हैं। आइए, इसकी गहराई में उतरें और देखें कि क्या वाकई यह एनडीए की जीत का संकेत है, या विपक्षी दलों की 'सफाई' का आगाज?
एग्जिट पोल्स का आगमन: एनडीए को 133+ सीटें?
बुधवार शाम को अंतिम चरण के मतदान के समापन के बाद जारी हुए एग्जिट पोल्स ने एनडीए को कम से कम 133 सीटें दिलाई हैं। इनमें शामिल प्रमुख पोल्स्टर्स हैं: मात्रीज, पी-मार्क, पीपुल्स पल्स, भास्कर, पीपुल्स इनसाइट, जेवीसी और पोल डायरी। ये सभी एनडीए को स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में लौटते दिखा रहे हैं।
एनडीए में भाजपा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) शामिल हैं। इन दलों की एकजुटता ने विपक्ष को कड़ी टक्कर दी है।
एक अपवाद: जर्नो मिरर का अलग अनुमान
ज्यादातर पोल्स्टर्स एनडीए के पक्ष में हैं, लेकिन मंगलवार शाम को एक अपवाद सामने आया। न्यूज पोर्टल जर्नो मिरर ने महागठबंधन को 130-140 सीटें दीं, जो मुख्य रूप से कांग्रेस और तेजस्वी यादव की आरजेडी पर आधारित है। इस पोर्टल के अनुसार, एनडीए को सिर्फ 100-110 सीटें मिलेंगी, जो सत्ता से बाहर होने का संकेत देती हैं।
यह अनुमान विपक्ष के लिए एक उम्मीद की किरण है, लेकिन ज्यादातर अन्य पोल्स्टर्स से अलग होने के कारण इसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आरजेडी-कांग्रेस की 'सफाई' बिहार में?
एग्जिट पोल्स ने अपेक्षित रूप से भाजपा के हौसले बुलंद कर दिए हैं। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने इन भविष्यवाणियों का स्वागत करते हुए कहा कि आरजेडी और कांग्रेस की बिहार से 'सफाई' शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और आरजेडी की बिहार से सफाई शुरू हो चुकी है। इस बार के नतीजे सबसे चौंकाने वाले होंगे।" शर्मा ने दावा किया कि एनडीए दो-तिहाई बहुमत से सत्ता बरकरार रखेगा।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी महागठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने पहले ही हार मान ली है। "महागठबंधन ने पहले ही हार स्वीकार कर ली है। जमीन पर जो हमने देखा और एनडीए को मिले समर्थन का प्रतिबिंब एग्जिट पोल्स में दिख रहा है। माफिया को जिंदाबाद कहने वालों को कौन वोट देगा? महिलाओं का समर्थन है। बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं और जेन जेड पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर भरोसा करते हैं," तिवारी ने एएनआई को बताया।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल्स से साफ है कि लोगों का विश्वास पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर है। उन्होंने 'सटीक' पोल्स (यानी चुनाव परिणाम) में एनडीए की और बड़ी जीत की भविष्यवाणी की। "एग्जिट पोल्स बिहार के चुनाव परिणामों के दिन एक बड़ी जीत का संकेत दे रहे हैं," उन्होंने जोड़ा।
विपक्ष का पलटवार: 'फर्जी' एग्जिट पोल्स?
वहीं, महागठबंधन ने इन एग्जिट पोल्स को 'फर्जी' करार दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि ये अनुमान पक्षपाती हैं और वास्तविक नतीजों से मेल नहीं खाएंगे। तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि सड़कों पर दिख रहा जनसमर्थन उन्हें सत्ता की कुर्सी दिलाएगा।
यह बहस बिहार की राजनीति को और गर्माती जा रही है। क्या एग्जिट पोल्स सही साबित होंगे, या विपक्ष की 'सफाई' की भविष्यवाणी सच होगी? परिणामों का इंतजार ही अंतिम सत्य बताएगा।
निष्कर्ष: बिहार की सियासत में नया अध्याय
बिहार चुनाव हमेशा से ही रोमांचक रहे हैं – गठबंधनों के उलटफेर, जातिगत समीकरणों और विकास की बहस से भरे। इस बार एग्जिट पोल्स ने एनडीए को मजबूत दिखाया है, लेकिन विपक्ष की चुनौती कम नहीं। महिलाओं और युवाओं का समर्थन, पीएम मोदी की लोकप्रियता और नीतीश कुमार की स्थानीय पकड़ – ये सभी कारक एनडीए के पक्ष में हैं। लेकिन याद रखें, एग्जिट पोल्स सिर्फ अनुमान हैं, नतीजे कुछ और कहानी लिख सकते हैं।
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यह ब्लॉग चुनावी अपडेट्स पर आधारित है। सभी दावे एग्जिट पोल्स और नेताओं के बयानों पर हैं।