ग्रो IPO दिवस 1: मजबूत खुदरा मांग पर इश्यू 57% सब्सक्राइब, GMP और अन्य प्रमुख विवरण जांचें। क्या आपको आवेदन करना चाहिए?
नई दिल्ली, 5 नवंबर 2025: भारत की अग्रणी फिनटेक कंपनी ग्रो (Groww) के आईपीओ ने पहले ही दिन निवेशकों का अच्छा समर्थन हासिल किया है। 4 नवंबर को खुलने वाले इस आईपीओ का कुल सब्सक्रिप्शन 57% रहा, जिसमें खुदरा निवेशकों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली। खुदरा हिस्सा 1.91 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का कोटा 59% और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का मात्र 10% सब्सक्राइब हुआ। यह आंकड़े बाजार की सकारात्मक धारणा को दर्शाते हैं, खासकर युवा निवेशकों के बीच ग्रो की लोकप्रियता को देखते हुए।
ग्रो, जिसका पूरा नाम बिलियनब्रेन्स गैरेज वेंचर्स लिमिटेड है, 2016 में स्थापित एक डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म है। यह स्टॉक ट्रेडिंग, म्यूचुअल फंड, IPO, F&O, ETF, डिजिटल गोल्ड और अमेरिकी स्टॉक्स जैसी सेवाएं प्रदान करता है। जून 2025 तक इसके 1.26 करोड़ एक्टिव क्लाइंट्स हैं, जो खुदरा ब्रोकिंग मार्केट में 26% से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं। कंपनी ने हाल ही में इंडियाबुल्स एसेट मैनेजमेंट को अधिग्रहित कर एएमसी स्पेस में प्रवेश किया है और 30 से अधिक म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं। इसके संस्थापक ललित केशरे, हर्ष जैन, नीरज सिंह और ईशान बंसल पूर्व फ्लिपकार्ट कर्मचारी हैं, जिन्होंने सरल निवेश को लक्ष्य बनाया।
आईपीओ के प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं:
- कीमत बैंड: प्रति शेयर ₹95-₹100।
- लॉट साइज: 150 शेयर (न्यूनतम निवेश ₹15,000 पर ऊपरी बैंड पर)।
- कुल इश्यू साइज: ₹6,632.30 करोड़, जिसमें फ्रेश इश्यू ₹1,060 करोड़ और ऑफर फॉर सेल (OFS) ₹5,572.30 करोड़।
- सब्सक्रिप्शन पीरियड: 4-7 नवंबर 2025।
- लिस्टिंग: 12 नवंबर 2025 को BSE और NSE पर।
पहले दिन सब्सक्रिप्शन में खुदरा निवेशकों की मजबूत मांग उभरकर सामने आई। कुल 20.63 करोड़ शेयरों पर बोली लगी, जबकि ऑफर 36.48 करोड़ शेयरों की थी। QIB हिस्सा कमजोर रहा, लेकिन एंकर इन्वेस्टर्स ने पहले ही ₹2,984 करोड़ जुटा लिए, जिसमें HDFC MF, SBI MF, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टैनली और सिंगापुर सरकार जैसे बड़े नाम शामिल हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इंस्टीट्यूशनल भागीदारी बढ़ेगी, खासकर वैल्यूएशन को देखते हुए।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के लिहाज से आईपीओ सकारात्मक संकेत दे रहा है। 4 नवंबर को GMP ₹17 रहा, जो ऊपरी बैंड ₹100 पर 17% प्रीमियम दर्शाता है। इससे अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹117 हो सकती है। पिछले सात सेशंस में GMP ₹10 से ₹17 के बीच रहा, जो निवेशकों के उत्साह को दिखाता है। हालांकि, GMP अनौपचारिक है और बाजार की अस्थिरता पर निर्भर करता है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो ग्रो ने FY25 में ₹4,056 करोड़ राजस्व कमाया, जो FY24 के ₹3,902 करोड़ से 49% अधिक है। नेट प्रॉफिट ₹1,824 करोड़ रहा, जबकि FY24 में ₹805 करोड़ का नुकसान हुआ था। Q1 FY26 में राजस्व ₹904 करोड़ और प्रॉफिट ₹378 करोड़ रहा। ब्रोकिंग सेवाओं से 84.5% राजस्व आता है, लेकिन MTF, लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड जैसे नए सेगमेंट से विविधीकरण हो रहा है। मार्केट कैप ऊपरी बैंड पर ₹61,700 करोड़ (लगभग $7 बिलियन) अनुमानित है, जो P/E रेशियो 29.9x (FY25 पर) है। पीयर्स जैसे एंजेल वन (19.8x) और मोतीलाल ओसवाल (24.88x) से ऊंचा, लेकिन 360 वन (45.2x) से कम।
विश्लेषकों की राय मिश्रित है। आनंद राठी रिसर्च ने 'सब्सक्राइब - लॉन्ग टर्म' रेटिंग दी, कंपनी की मार्केट लीडरशिप, हाई रिटेंशन (टेक्नोलॉजी से कम लागत) और प्रोडक्ट एक्सपैंशन (API ट्रेडिंग, वेल्थ मैनेजमेंट) को देखते हुए। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने मीडियम-टू-लॉन्ग टर्म के लिए आवेदन की सलाह दी, लेकिन नियर-टर्म अपसाइड सीमित बताया। एंजेल वन ने 'न्यूट्रल' रेटिंग दी, वैल्यूएशन को स्टिप बताया। बाजाज ब्रोकिंग ने FY25 P/E 29.9x पर सकारात्मक देखा, लेकिन डेरिवेटिव्स रेगुलेशन (SEBI के अक्टूबर 2024 फ्रेमवर्क) से ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में गिरावट (एक्टिव यूजर्स 7.24 मिलियन से 6.12 मिलियन) को जोखिम माना।
क्या आपको आवेदन करना चाहिए? लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए हां, क्योंकि ग्रो की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग है - 37.41 मिलियन डीमैट अकाउंट्स में 18.9% शेयर, AI-ड्रिवन सपोर्ट (98K क्वेरीज डेली) और इन-हाउस टेक (50 मिलियन डेली ऑर्डर्स हैंडल)। जोखिम: मार्केट वोलेटिलिटी, रेगुलेटरी चेंजेस और रेवेन्यू कंसेंट्रेशन (ब्रोキング पर निर्भर)। शॉर्ट-टर्म के लिए GMP सकारात्मक है, लेकिन सब्सक्रिप्शन के बाकी दिनों का इंतजार करें। खुदरा निवेशक लॉट साइज के हिसाब से आवेदन करें, लेकिन पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन न भूलें।
कुल मिलाकर, ग्रो आईपीओ फिनटेक सेक्टर की मजबूती दिखाता है। अगर आप फाइनेंशियल इंक्लूजन में विश्वास रखते हैं, तो यह एक अच्छा अवसर हो सकता है। (शब्द संख्या: 712)
ग्रो आईपीओ के पहले दिन के प्रदर्शन ने निवेशक समुदाय में उत्साह पैदा कर दिया है, लेकिन गहन विश्लेषण आवश्यक है। कंपनी की यात्रा 2016 से शुरू हुई, जब संस्थापकों ने फ्लिपकार्ट के अनुभव से प्रेरित होकर सरल, मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म बनाया। आज यह भारत का सबसे तेजी से बढ़ता ब्रोकर है, जिसमें 27.96 मिलियन (जून 2024) से 37.41 मिलियन (जून 2025) डीमैट अकाउंट्स तक वृद्धि हुई। इसके ऐप पर म्यूचुअल फंड निवेश लोकप्रिय है, और हाल के इनोवेशन जैसे टोटल मार्केट इंडेक्स फंड (750 NSE स्टॉक्स) और इंडियन रेलवेज PSU ETF ने इसे अलग बनाया।
वित्तीय तालिका नीचे दी गई है:
| वित्तीय वर्ष | राजस्व (₹ करोड़) | नेट प्रॉफिट (₹ करोड़) | मार्जिन (%) |
|---|---|---|---|
| FY23 | - | लाभ | - |
| FY24 | 3,902 | -805 (नुकसान) | - |
| FY25 | 4,056 | 1,824 | 44 |
| Q1 FY26 | 904 | 378 | - |
स्रोत: कंपनी RHP। FY24 का नुकसान वन-टाइम टैक्स एडजस्टमेंट से हुआ, लेकिन रिकवरी मजबूत रही। MTF AUM FY25 में ₹10.4 बिलियन पहुंचा (बाजार का 1.2%), ब्याज दर 14.95%। लोन बुक Q1 FY26 में ₹110 मिलियन। अन्य राजस्व: लियन FD पर ब्याज, अनसिक्योर्ड लोन्स से फीस।
सब्सक्रिप्शन ब्रेकडाउन:
| श्रेणी | सब्सक्रिप्शन (गुना) | हिस्सा (%) |
|---|---|---|
| कुल | 0.57 | 100 |
| खुदरा | 1.91 | 10 |
| NII | 0.59 | 15 |
| QIB | 0.10 | 75 |
एंकर बुक में 102 फंड्स ने भाग लिया, जिसमें 17 घरेलू MF ने 46.6% शेयर लिया। प्रमोटर्स (27.97% स्टेक) 0.07% बेच रहे, 20% लॉक-इन 1.5 वर्ष।
जोखिम: SEBI के डेरिवेटिव्स नियमों से वॉल्यूम प्रभावित, ब्रोकिंग पर निर्भरता (79.49% Q1 FY26 में)। ताकत: पैन-इंडिया ब्रांड, हाई एंगेजमेंट, कम ऑपरेटिंग कॉस्ट (FY24 में 12.6%)। भविष्य: कमोडिटी डेरिवेटिव्स, बॉन्ड्स, LAS लॉन्च।
विश्लेषक टेबल:
| विश्लेषक | रेटिंग | कारण |
|---|---|---|
| आनंद राठी | सब्सक्राइब (लॉन्ग टर्म) | P/E 33.8x, ग्रोथ पोटेंशियल |
| एंजेल वन | न्यूट्रल | स्टिप वैल्यूएशन |
| स्वास्तिका | मीडियम-लॉन्ग टर्म | लिमिटेड अपसाइड, स्ट्रॉन्ग रेवेन्यू |
| बाजाज ब्रोकिंग | सकारात्मक | P/E 29.9x, ट्रस्ट फैक्टर |
पीयर्स वैल्यूएशन:
| कंपनी | P/E रेशियो |
|---|---|
| एंजेल वन | 19.80 |
| मोतीलाल ओसवाल | 24.88 |
| 360 वन | 45.20 |
| नुवामा वेल्थ | 26.85 |
कुल मिलाकर, ग्रो का आईपीओ फिनटेक क्रांति का प्रतीक है। लॉन्ग-टर्म के लिए मजबूत केस, लेकिन शॉर्ट-टर्म में सतर्क रहें। बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखें।
कुंजी उद्धरण:
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