ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत: चौथा टी20आई, कैरारा में धमाकेदार मुकाबला
6 नवंबर 2025, कैरारा ओवल, गोल्ड कोस्ट – टी20 क्रिकेट का रोमांच कभी कम नहीं होता, और आज का दिन इसका जीता-जागता प्रमाण है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चल रही पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला कैरारा ओवल के हरे-भरे मैदान पर खेला गया, जहां भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से जीत हासिल की। सीरीज अब 2-2 से बराबर हो गई है, और आखिरी मैच के लिए दोनों टीमें पूरी तरह तैयार हैं। यह मैच न सिर्फ बल्लेबाजी का उत्सव था, बल्कि गेंदबाजी और फील्डिंग का भी शानदार नजारा पेश किया। आइए, इस रोमांचक मुकाबले की गहराई में उतरें।
मैच की शुरुआत से पहले ही हवा में उत्साह का जादू बिखरा था। कैरारा ओवल, जो अपनी छोटी बाउंड्री और तेज पिच के लिए मशहूर है, आज भारतीय फैंस के लिए स्वर्ग साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, शायद सोचकर कि वे बड़े स्कोर का पीछा करने वाले भारतीयों को दबाव में ला सकेंगे। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उनकी इस सोच को धूल चटा दी। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने अपनी प्लेइंग इलेवन में मैथ्यू शॉर्ट और जैक्सबेट को शामिल किया, जबकि भारत ने रुतुराज गायकवाड़ की जगह शुभमन गिल को मौका दिया।
ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत धमाकेदार रही। ओपनर जोश इंग्लिस और मैथ्यू शॉर्ट ने पहले विकेट के लिए 56 रन जोड़े। इंग्लिस ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, खासकर हर्षल पटेल की गेंद पर लगाए गए दो छक्कों ने स्टेडियम को गूंजा दिया। लेकिन जैसा कि टी20 में होता है, विकेट गिरना शुरू हो गया। अक्षर पटेल ने शॉर्ट को 32 पर LBW आउट कर सीरीज में अपनी वापसी की। फिर जसप्रीत बुमराह ने अपनी घातक यॉर्कर से इंग्लिस को 48 पर पवेलियन भेजा। ऑस्ट्रेलिया का मध्यक्रम लड़खड़ा गया – ग्लेन मैक्सवेल ने सिर्फ 12 रन बनाए, जबकि मार्कस स्टोइनिस ने 25 रन की उपयोगी पारी खेली।
कप्तान पैट कमिंस ने निचले क्रम में जिम्मेदारी निभाई, 34 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। लेकिन कुल मिलाकर, ऑस्ट्रेलिया 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 168 रन ही बना सकी। भारतीय गेंदबाजों का जलवा रहा – बुमराह ने 3/28 के आंकड़े के साथ मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता, जबकि अक्षर पटेल ने 2/22 लेकर किफायती गेंदबाजी की। हर्षल पटेल ने भी 1/30 के साथ विकेट लिया। पिच पर थोड़ी नमी थी, जिसका फायदा भारतीय स्पिनरों को मिला। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी इकाई, जिसमें एडम ज़म्पा और नाथन एलिस शामिल थे, ने अच्छी कोशिश की, लेकिन बल्लेबाजों का स्कोर कमजोर पड़ गया।
अब बारी थी भारत की। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय ओपनरों यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल ने तूफान मचा दिया। पहले विकेट के लिए 89 रन की साझेदारी ने मैच का रुख मोड़ दिया। जायसवाल ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से 52 रन ठोके, जिसमें चार छक्के शामिल थे। गिल ने 41 रन बनाए, लेकिन उनका आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव ने कमाल कर दिया। स्काई कप्तान ने सिर्फ 18 गेंदों पर 48 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें पांच चौके और तीन छक्के थे। उनकी कवर ड्राइव और लॉफ्टेड कवर शॉट्स ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को परेशान कर दिया।
मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने 20 रन जोड़कर मैच को आसान बना दिया। भारत ने 17.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया, जिसमें सिर्फ दो विकेट गंवाए। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज कमिंस ने 1/35 लिया, लेकिन ज़म्पा की स्पिन पर काबू पाना आसान नहीं था। फिर भी, भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता ने सबको चौंका दिया। यह जीत भारत के लिए सीरीज में बराबरी लाने वाली थी, और अब आखिरी मैच निर्णायक बनेगा।
इस मैच से कई सबक निकलते हैं। सबसे पहले, टी20 में टॉस का महत्व कम हो गया है – पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल थी, लेकिन गेंदबाजों ने अपनी चालाकी दिखाई। दूसरा, भारतीय टीम की गहराई दिखी। बुमराह जैसे तेज गेंदबाज और अक्षर जैसे ऑलराउंडर ने संतुलन प्रदान किया। ऑस्ट्रेलिया के लिए चिंता की बात है उनका मध्यक्रम, जो लगातार लड़खड़ा रहा। स्टोइनिस और मैक्सवेल को फॉर्म में लौटना होगा।
कैरारा ओवल का माहौल शानदार था – भारतीय झंडे लहराते हुए, ढोल-नगाड़ों की आवाजें, और ऑस्ट्रेलियाई फैंस का जोश। मैच के बाद दोनों कप्तानों ने एक-दूसरे की तारीफ की। कमिंस ने कहा, "भारतीय बल्लेबाजों ने हमें सबक सिखाया।" वहीं, सूर्यकुमार ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा, "जसप्रीत हमारी ताकत है।" यह सीरीज न सिर्फ क्रिकेट का, बल्कि दोस्ती का भी प्रतीक है।
अब सारी निगाहें सिडनी के आखिरी मैच पर हैं। क्या भारत सीरीज जीतेगा, या ऑस्ट्रेलिया घर में दबदबा बनाए रखेगा? इंतजार कीजिए, रोमांच बरकरार है!