मिलिंद कुमार से मिलिए: अमेरिकी क्रिकेट टीम के भारतीय मूल के धुरंधर, जिन्होंने यूएई के खिलाफ 123 रनों की तूफानी पारी खेली
क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी ऐसे खिलाड़ी उभरते हैं जो न सिर्फ अपनी प्रतिभा से चमत्कार करते हैं, बल्कि अपनी कहानी से भी लाखों दिलों को छू जाते हैं। आज हम बात कर रहे हैं मिलिंद कुमार की, एक ऐसे भारतीय मूल के क्रिकेटर की जो अब अमेरिका की ओर से खेलते हैं। 3 नवंबर 2025 को आईसीसी एकेडमी, दुबई में खेले गए आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 के मैच में, मिलिंद ने नंबर 5 पर बल्लेबाजी करते हुए 125 गेंदों पर नाबाद 123 रन ठोक दिए। यह पारी अमेरिका को यूएई के खिलाफ 243 रनों से शानदार जीत दिलाने में अहम साबित हुई। इस जीत के साथ अमेरिका ने अपनी 23 मैचों में 34 अंकों की बढ़त को और मजबूत कर लिया है, जो दूसरे स्थान पर काबिज स्कॉटलैंड से चार अंक आगे है, वो भी एक मैच कम खेलते हुए। मिलिंद की यह पारी न सिर्फ उनकी फॉर्म का प्रमाण है, बल्कि अमेरिकी क्रिकेट के उभार की भी मिसाल है। आइए, इस ब्लॉग में हम मिलिंद की यात्रा, उनकी उपलब्धियों और इस ऐतिहासिक मैच की गहराई में उतरते हैं।
मिलिंद कुमार: दिल्ली से ड्रीम्स तक की संघर्षपूर्ण यात्रा
मिलिंद कुमार का जन्म 15 फरवरी 1991 को दिल्ली में हुआ था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था। दिल्ली के मैदानों पर पसीना बहाते हुए उन्होंने जूनियर स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लेकिन असली कमाल तब हुआ जब वे 2018-19 रणजी ट्रॉफी सीजन में सिक्किम की ओर से खेलने लगे। उस सीजन में मिलिंद ने 1331 रन बनाए, जो पूरे टूर्नामेंट का सबसे ज्यादा स्कोर था। दिल्ली, सिक्किम और त्रिपुरा जैसी टीमों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगभग 50 की औसत से रन बनाए। एक दाएं हाथ के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और ऑफ-स्पिन गेंदबाज के रूप में, मिलिंद हमेशा से ऑलराउंडर की छाप छोड़ते आए हैं।
भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी मिलिंद की झलक मिली। 2018 में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने उन्हें खरीदा, और अगले साल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) ने भी उनकी नीलामी में बोली लगाई। हालांकि, आईपीएल में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी कंसिस्टेंसी ने सबको प्रभावित किया। बांग्लादेश की ब्रदर्स यूनियन क्लब के लिए खेलते हुए भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन जीवन में टर्निंग पॉइंट आया 2021 में, जब मिलिंद अमेरिका चले गए। वहां उन्होंने माइनर लीग क्रिकेट में डेब्यू किया और जल्द ही यूएसए नेशनल टीम का हिस्सा बन गए। अप्रैल 2024 में कनाडा के खिलाफ टी20आई डेब्यू करने वाले मिलिंद ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भी अमेरिका के लिए खेला, जहां टीम सुपर 8 तक पहुंची। यह यात्रा आसान नहीं थी—भारत से अमेरिका तक, घरेलू स्टार से इंटरनेशनल हीरो बनने तक, मिलिंद ने कड़ी मेहनत और धैर्य का परिचय दिया।
यूएई टूर: लगातार फॉर्म और शानदार प्रदर्शन
2025 का यूएई टूर अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण रहा। आईसीसी वर्ल्ड कप लीग 2 में शीर्ष चार टीमों को 2027 वर्ल्ड कप क्वालीफायर में सीधा स्थान मिलता है, और अमेरिका इस दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। मिलिंद ने इस टूर पर अपनी काबिलियत साबित की। 1 नवंबर को नेपाल के खिलाफ खेले गए मैच में, नंबर 5 पर उतरते हुए उन्होंने 66 गेंदों पर 70 रन बनाए। नेपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 271 रन का स्कोर खड़ा किया था, लेकिन मिलिंद और साई मुक्कामल्ला के बीच चौथे विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी ने अमेरिका को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। टीम ने 6 विकेट हाथ में छोड़ते हुए 49 ओवर में ही जीत हासिल कर ली। मिलिंद की इस पारी ने न सिर्फ मैच पलट दिया, बल्कि टीम की मिडिल ऑर्डर की कमजोरी को भी मजबूत किया।
और फिर आया 3 नवंबर का दिन—यूएई के खिलाफ मैच, जो आईसीसी एकेडमी में खेला गया। यूएई ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। अमेरिका की शुरुआत खराब रही; 28/3 पर सिमट गई टीम। लेकिन यहां मिलिंद ने कमाल कर दिया। साई मुक्कामल्ला के साथ मिलकर उन्होंने 264 रनों की अटूट साझेदारी की। मिलिंद ने 125 गेंदों का सामना करते हुए 123 रन जड़े—16 चौके और 5 छक्कों की मदद से। साई ने 149 गेंदों पर नाबाद 137 रन बनाए। टीम ने 50 ओवर में 292/3 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में यूएई 22.1 ओवर में 49 रनों पर ढेर हो गई, जिसमें सौरभ नेत्रावलकर और रुशिल उगलकर की गेंदबाजी ने कहर बरपाया। मिलिंद को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह जीत अमेरिका की यूएई टूर पर अजेय छवि को और मजबूत करती है।
अंक तालिका में अमेरिका की बादशाहत: भविष्य की ओर एक कदम
इस जीत के बाद आईसीसी वर्ल्ड कप लीग 2 की अंक तालिका में अमेरिका नंबर 1 पर काबिज है। 23 मैचों में 17 जीत के साथ 34 अंक जुटाए गए हैं। स्कॉटलैंड 24 मैचों में 30 अंकों पर दूसरे स्थान पर है। मिलिंद लीग के टॉप रन-स्कोरर हैं, जिनके नाम 893 रन दर्ज हैं। यह प्रदर्शन अमेरिकी क्रिकेट के वैश्विक स्तर पर उभार को दर्शाता है। भारतीय मूल के खिलाड़ी जैसे मिलिंद, मोनांक पटेल और अन्य ने टीम को नई ऊंचाइयां दी हैं। 2024 टी20 वर्ल्ड कप की सफलता के बाद, अब वनडे लीग में भी अमेरिका मजबूत दावेदार बन चुका है।
मिलिंद की विरासत: प्रेरणा का स्रोत
मिलिंद कुमार की कहानी सिर्फ रनों की नहीं, बल्कि सपनों की है। भारत के घरेलू क्रिकेट से अमेरिका के इंटरनेशनल मैदान तक, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सितंबर 2024 में यूएई के खिलाफ 110 गेंदों पर 155 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर उन्होंने ओडीआई इतिहास रच दिया—155 पर नॉट आउट रहने वाले पहले बल्लेबाज बने। यह स्कोर पहले कभी किसी ने नहीं बनाया था। मेजर लीग क्रिकेट में टेक्सास सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए भी उन्होंने फैंस का दिल जीता। मिलिंद की फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती उन्हें खास बनाती है। युवा क्रिकेटरों के लिए वे मिसाल हैं कि सीमाओं के पार भी सपने पूरे हो सकते हैं।
अमेरिकी क्रिकेट टीम का यह सफर जारी है। मिलिंद जैसे सितारों के दम पर, 2027 वर्ल्ड कप का सपना साकार होता दिख रहा है। अगर आप क्रिकेट प्रेमी हैं, तो मिलिंद की पारियों को जरूर देखें—वह न सिर्फ रन बनाते हैं, बल्कि इतिहास रचते हैं। अगले मैच का इंतजार करते हुए, शुभकामनाएं!