Nuvama announces historic 1:5 stock split and interim dividend of ₹70 per share: 1:5 स्टॉक स्प्लिट और प्रति शेयर 70 रुपये का अंतरिम लाभांश

Rajeev
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नुवामा का ऐतिहासिक ऐलान: 1:5 स्टॉक स्प्लिट और प्रति शेयर 70 रुपये का अंतरिम लाभांश

भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों का सबसे चर्चित ऐलान नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड (Nuvama Wealth Management Limited) से आया है। कंपनी ने अपने बोर्ड की बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं – 1:5 का स्टॉक स्प्लिट और प्रति शेयर 70 रुपये का अंतरिम लाभांश। यह खबर न केवल निवेशकों के बीच उत्साह पैदा कर रही है, बल्कि वित्तीय बाजार की गतिशीलता को भी नई दिशा दे रही है। नुवामा, जो पहले एडेलवाइस वेल्थ मैनेजमेंट के नाम से जानी जाती थी, भारत की अग्रणी वेल्थ मैनेजमेंट और ब्रोकिंग फर्मों में शुमार है। इस ऐलान के पीछे कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और शेयरधारकों को अधिक मूल्य प्रदान करने की रणनीति छिपी हुई है। आइए, इस ब्लॉग में हम इस ऐलान के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं और देखते हैं कि यह निवेशकों के लिए क्या अर्थ रखता है।

सबसे पहले, स्टॉक स्प्लिट क्या होता है? सरल शब्दों में कहें तो स्टॉक स्प्लिट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को कई हिस्सों में विभाजित कर देती है। नुवामा का 1:5 स्प्लिट का मतलब है कि प्रत्येक मौजूदा शेयर को पांच नई शेयरों में बदल दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास एक शेयर है जिसकी कीमत 500 रुपये है, तो स्प्लिट के बाद आपके पास पांच शेयर होंगे, प्रत्येक की कीमत लगभग 100 रुपये। कुल मूल्य वही रहेगा, लेकिन शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी। यह कदम आमतौर पर तब उठाया जाता है जब शेयर की कीमत बहुत अधिक हो जाती है, जिससे खुदरा निवेशकों के लिए खरीदना मुश्किल हो जाता है। नुवामा के शेयर की हालिया कीमत 1,200 रुपये से ऊपर थी, जो मध्यम वर्ग के निवेशक के लिए महंगी लग सकती है। इस स्प्लिट से शेयर अधिक सुलभ हो जाएंगे, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और नए निवेशकों का प्रवेश आसान होगा।

नुवामा के सीईओ और प्रबंधन ने इस निर्णय को कंपनी की लंबी अवधि की विकास रणनीति का हिस्सा बताया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अपनी आय में 25% की वृद्धि दर्ज की है, जो मुख्य रूप से वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं, ब्रोकिंग और एसेट मैनेजमेंट से आई है। स्टॉक स्प्लिट न केवल शेयरधारकों की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि कंपनी की ब्रांड वैल्यू को भी मजबूत करेगा। इतिहास गवाह है कि स्टॉक स्प्लिट के बाद कई कंपनियों के शेयरों में 10-20% की तेजी देखी गई है। उदाहरणस्वरूप, 2023 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्प्लिट के बाद उनके शेयरों में उछाल आया था। नुवामा के मामले में भी, एनएसई और बीएसई पर ट्रेडिंग शुरू होते ही निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे स्प्लिट को शेयर मूल्य में वृद्धि का सीधा संकेत न मानें; यह मुख्य रूप से पहुंच को बढ़ाने का माध्यम है।

अब बात करते हैं अंतरिम लाभांश की। नुवामा ने प्रति शेयर 70 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, जो कुल मिलाकर 35% का डिविडेंड यील्ड प्रदान करता है। यह राशि वित्तीय वर्ष के मध्य में दी जा रही है, जो कंपनी की मजबूत नकदी प्रवाह स्थिति को दर्शाती है। डिविडेंड का भुगतान स्प्लिट के बाद के शेयरों पर आधारित होगा, यानी प्रत्येक नए शेयर पर 14 रुपये (70/5) मिलेंगे। यह निवेशकों के लिए दोहरा लाभ है – एक तरफ शेयरों की संख्या बढ़ रही है, दूसरी तरफ नकद आय हो रही है। वेल्थ मैनेजमेंट क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां अक्सर डिविडेंड पर कम जोर देती हैं क्योंकि उनका फोकस विकास पर होता है, लेकिन नुवामा का यह कदम शेयरधारकों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिविडेंड कंपनी की लाभप्रदता में सुधार को प्रतिबिंबित करता है, जहां नेट प्रॉफिट मार्जिन 18% से ऊपर पहुंच गया है।

इस ऐलान के बाजार पर प्रभाव को समझने के लिए हमें व्यापक परिप्रेक्ष्य अपनाना होगा। भारतीय शेयर बाजार 2025 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं जैसे अमेरिकी ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक सतर्क हैं। नुवामा का यह कदम वित्तीय सेवाओं क्षेत्र को गति दे सकता है। सेक्टर के अन्य खिलाड़ी जैसे HDFC Securities और ICICI Securities भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन में कोई बदलाव नहीं आएगा, लेकिन ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ेगा, जो एनालिस्टों के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, जोखिम भी हैं – अगर बाजार में गिरावट आती है, तो नए शेयरों की कीमत भी प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के फंडामेंटल्स जैसे ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) जो 22% है, और डेट-टू-इक्विटी रेशियो जो न्यूनतम है, पर नजर रखें।

नुवामा की विकास यात्रा को देखें तो यह कंपनी 1995 से सक्रिय है और 2023 में अपने ब्रांड को रीब्रांड करके नुवामा बनी। वर्तमान में, इसकी एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो म्यूचुअल फंड्स, PMS और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स से आ रही है। इस ऐलान के बाद कंपनी का फोकस डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर और मजबूत होगा, जहां युवा निवेशक अधिक सक्रिय हैं। भविष्य में, नुवामा IPO फंडिंग और इंटरनेशनल एक्सपैंशन पर नजर रख रही है, जो इसके शेयर मूल्य को और ऊंचा ले जा सकता है।

निष्कर्ष में कहें तो नुवामा का 1:5 स्टॉक स्प्लिट और 70 रुपये का अंतरिम लाभांश एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक है। यह न केवल मौजूदा शेयरधारकों को पुरस्कृत करता है, बल्कि नए निवेशकों को आमंत्रित भी करता है। वित्तीय बाजार में सफलता के लिए धैर्य और सूचना आवश्यक है। अगर आप नुवामा में निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। यह ऐलान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है, जहां कंपनियां विकास के साथ शेयरधारकों का हित भी साध रही हैं। क्या आप इस ऐलान से उत्साहित हैं?

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