Suzlon’s Q2 deliveries; hit all-time high amid India’s wind energy push: सुजलॉन का Q2 डिलीवरी रिकॉर्ड; भारत की विंड एनर्जी क्रांति के बीच ऐतिहासिक ऊंचाई

Rajeev
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सुजलॉन का Q2 डिलीवरी रिकॉर्ड: भारत की विंड एनर्जी क्रांति के बीच ऐतिहासिक ऊंचाई

भारत की नवीकरणीय ऊर्जी यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। देश के सबसे बड़े विंड एनर्जी सॉल्यूशंस प्रदाता, सुजलॉन ग्रुप ने हाल ही में अपने Q2 (जुलाई-सितंबर 2025) के परिणामों की घोषणा की, जिसमें भारत में डिलीवरी 565 मेगावाट (MW) तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह उपलब्धि न केवल कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती है, बल्कि भारत सरकार की 'विंड एनर्जी पुश' नीति का भी प्रत्यक्ष परिणाम है। आइए, इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को विस्तार से समझें, जो न केवल सुजलॉन बल्कि पूरे सेक्टर को नई दिशा दे रहा है।

सुजलॉन ग्रुप ने मंगलवार को अपने Q2 FY26 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के आंकड़े जारी किए। कंपनी का समेकित राजस्व 85% सालाना बढ़कर 3,866 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA (आमदनी से पहले ब्याज, टैक्स, डेप्रिशिएशन) 145% उछाल के साथ 721 करोड़ रुपये पर पहुंचा। सबसे चौंकाने वाली बात तो PAT (लाभ बाद कर) का 538% YoY (सालाना) वृद्धि के साथ 1,279 करोड़ रुपये होना है, जो 30 वर्षों में कंपनी का सबसे ऊंचा तिमाही लाभ है। यह वृद्धि मुख्य रूप से 718 करोड़ रुपये के डिफर्ड टैक्स गेन से समर्थित है, लेकिन डिलीवरी की रफ्तार ने इसे और मजबूत बनाया। अप्रैल-सितंबर (H1 FY26) में डिलीवरी 90% से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।

इस सफलता का श्रेय कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट, पर्याप्त वर्किंग कैपिटल और कुशल एक्जीक्यूशन को जाता है। सुजलॉन के वाइस चेयरमैन गिरीश तंती ने कहा, "हम एक फ्यूचर-रेडी ऑर्गनाइजेशन बना रहे हैं, जो सस्टेनेबल ग्रोथ पर फोकस्ड है। पिछले 11 तिमाहियों से PAT, रेवेन्यू और EBITDA में लगातार प्रदर्शन इसका प्रमाण है।" CEO जेपी चालासानी ने भी जोर दिया कि 6.2 GW का ऑर्डर बुक कंपनी की स्ट्रेटेजी और 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट्स की ताकत को रेखांकित करता है। H1 में 2 GW से अधिक नए ऑर्डर जोड़े गए, जो व्यावसायिक और औद्योगिक (C&I) सेगमेंट से मजबूत डिमांड को दर्शाते हैं।

भारत की विंड एनर्जी पुश के बिना यह सफलता अधूरी है। सरकार ने 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है, जिसमें विंड का योगदान 20% से अधिक होना है। वर्तमान में भारत की कुल विंड कैपेसिटी 50 GW को पार कर चुकी है, लेकिन FDRE (फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी) टेंडर्स और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स से नई लहर आई है। नीति आयोग के अनुसार, 2032 तक विंड कैपेसिटी 122 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य है, जिसमें राउंड-द-क्लॉक पावर और हाई क्वालिटी एनर्जी आउटपुट पर जोर है। सुजलॉन जैसे प्लेयर्स को इससे फायदा हो रहा है। कंपनी ने S144-3.X MW सीरीज के लिए 10 नई प्रोडक्शन लाइन्स जोड़ीं और डमन व पुदुच्चेरी में नेसेल कैपेसिटी बढ़ाई, जिससे मैन्युफैक्चरिंग 4.5 GW तक पहुंच गई।

सुजलॉन की S144 टर्बाइन, जो भारतीय साइट्स के लिए ऑप्टिमाइज्ड है, ने FY25 में 1.25 GW डिलीवरी की और अब ऑर्डर बुक का 91% हिस्सा है। हाल ही में AMPIN एनर्जी से 170 MW का ऑर्डर (कुल 303 MW) और NTPC ग्रीन एनर्जी से 1,166 MW का भारत का सबसे बड़ा विंड ऑर्डर मिला, जिसमें 370 WTG (विंड टर्बाइन जेनरेटर्स) लगाए जाएंगे। गुजरात में NTPC रिन्यूएबल और IOCL NTPC प्रोजेक्ट्स इसका हिस्सा हैं। इसके अलावा, रेनॉम एनर्जी सर्विसेज में 76% स्टेक खरीदकर O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) को मजबूत किया, जो 1,782 MW विंड एसेट्स मैनेज करती है।

यह रिकॉर्ड डिलीवरी पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। विंड एनर्जी कार्बन एमिशन कम करने का सशक्त माध्यम है। भारत ने COP26 में 2070 तक नेट जीरो का वादा किया है, और विंड प्रोजेक्ट्स ग्रिड इंटीग्रेशन को आसान बनाते हैं। सुजलॉन ने 17 देशों में 20,940 MW से अधिक कैपेसिटी इंस्टॉल की है, जो ग्लोबल लीडरशिप दिखाता है। लेकिन चुनौतियां भी हैं – जैसे मॉनसून से देरी, सप्लाई चेन इश्यूज और कॉम्पिटिशन (इनॉक्स विंड से)। फिर भी, सुजलॉन की डेट रिडक्शन स्ट्रेटेजी (FY25 में कर्ज शून्य के करीब) और 23% कंट्रीब्यूशन मार्जिन (360 bps YoY बढ़ा) इसे मजबूत बनाते हैं।

भविष्य के लिए सुजलॉन FY26 में 2-2.5 GW डिलीवरी का लक्ष्य रखे हुए है, जिसमें हाइब्रिड पावर प्लांट्स पर फोकस होगा। शेयर प्राइस में 3% की बढ़त (64.26 तक) इसका प्रमाण है। निवेशकों के लिए यह स्टॉक रिन्यूएबल सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी का प्रतीक है। कुल मिलाकर, सुजलॉन का Q2 रिकॉर्ड भारत की ग्रीन एनर्जी क्रांति का आईना है – जहां टेक्नोलॉजी, नीति और एक्जीक्यूशन का संगम देश को सस्टेनेबल फ्यूचर की ओर ले जा रहा है।

कुंजी टेकअवे:

  • डिलीवरी: 565 MW (Q2 रिकॉर्ड)
  • ऑर्डर बुक: 6.2 GW
  • राजस्व: 85% YoY ग्रोथ
  • PAT: 538% YoY, 1,279 करोड़

यह उपलब्धि न केवल सुजलॉन बल्कि पूरे सेक्टर को प्रेरित करेगी। क्या आप भी विंड एनर्जी के इस उछाल का हिस्सा बनना चाहेंगे?

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