November Weather: नवंबर में निकलेगा कंबल या फिर चलाना पड़ेगा पंखा? IMD ने बता दिया कैसा रहेगा मौसम
नमस्कार दोस्तों! सर्दी का पहला महीना आते ही मन में एक सिहरन-सी दौड़ जाती है। क्या इस बार नवंबर में कंबल ओढ़कर चाय की चुस्कियां लें या फिर एसी चलाकर गर्मी से राहत पाएं? भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 31 अक्टूबर 2025 को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवंबर महीने के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। अच्छी खबर ये है कि महीना लगभग सुहाना रहने की संभावना है, लेकिन कुछ ट्विस्ट भी हैं। दिन के तापमान में गिरावट आएगी, जबकि रातें अपेक्षाकृत गर्म रह सकती हैं। अक्टूबर की तरह ही बारिश सामान्य से ज्यादा हो सकती है, और चक्रवातों को लेकर भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आइए, इस ब्लॉग में IMD के पूर्वानुमान को विस्तार से समझते हैं, ताकि आप अपनी योजनाएं बना सकें।
IMD का तापमान पूर्वानुमान: दिन ठंडे, रातें गर्म – एक अनोखा मिश्रण
IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि नवंबर 2025 में देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। खासकर उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिमी भारत में दिन के तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट देखी जा सकती है। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दिन चढ़ते ही ठंडक का एहसास होगा। उदाहरण के लिए, दिल्ली में सामान्य से 25-28 डिग्री के आसपास तापमान रह सकता है, जो अक्टूबर की गर्मी के मुकाबले राहत देगा। लेकिन सावधान! रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। अधिकांश क्षेत्रों में रातें गर्म-गर्मसी महसूस होंगी, सिवाय उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्सों जैसे राजस्थान और हरियाणा के, जहां रातें सामान्य या थोड़ी ठंडी हो सकती हैं।
इसके पीछे का कारण है ला नीना की स्थिति। वर्तमान में प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में कमजोर ला नीना प्रभाव है, जो दिसंबर 2025 तक जारी रह सकता है। ला नीना वैश्विक तापमान को ठंडा करने का काम करता है, लेकिन भारत में ये दिन-रात के तापमान में असंतुलन पैदा करता है। जनवरी-मार्च 2026 तक ENSO-न्यूट्रल स्थिति में बदलाव की 55% संभावना है। पश्चिमी हिमालय, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर हो सकता है। तो, क्या मतलब? नवंबर में कंबल तो निकलेगा, लेकिन रात में पंखा चलाने की नौबत भी आ सकती है! खासकर शहरी इलाकों में, जहां कंक्रीट जंगल गर्मी को लंबे समय तक बनाए रखते हैं।
बारिश का पूर्वानुमान: अक्टूबर की तरह ही सामान्य से ज्यादा, लेकिन असमान वितरण
अक्टूबर 2025 में देशभर में 112.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो लंबी अवधि के औसत (LPA) से 17% ज्यादा थी। चार निम्न दबाव क्षेत्रों, दो चक्रवातों और चार पश्चिमी विक्षोभों का ये कमाल था। नवंबर में भी बारिश सामान्य से अधिक (123% LPA से ऊपर) रहने की संभावना है, लेकिन ये पूरे देश में एकसमान नहीं होगी। IMD के अनुसार, अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ऊपर बारिश होगी, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत (जैसे पंजाब, हरियाणा) और दक्षिणी प्रायद्वीप (तमिलनाडु, केरल, रायलसीमा, दक्षिणी कर्नाटक) के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश 77-123% LPA के बीच रहने की उम्मीद है।
वर्तमान में, 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भारी बारिश और तूफानों का अलर्ट है। चक्रवात 'मोंथा' के अवशेष छत्तीसगढ़ में हैं, जबकि अरब सागर में एक डिप्रेशन पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इससे पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भारत में 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। नवंबर के पहले हफ्ते में ये प्रभाव जारी रह सकता है। किसानों के लिए ये अच्छी खबर है – रबी की फसलें जैसे गेहूं, सरसों को फायदा मिलेगा। लेकिन शहरी निवासियों को जलभराव और ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। सलाह: बारिश के दिनों में छाता साथ रखें और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सावधान रहें।
चक्रवातों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े: 2025 सीजन में उछाल
IMD ने चक्रवाती गतिविधियों पर भी चिंता जताई है। 2025 का उत्तर हिंद महासागर चक्रवात सीजन अप्रत्याशित रूप से सक्रिय रहा है। अक्टूबर में ही दो चक्रवात – 'मोंथा' (बंगाल की खाड़ी में) और एक अरब सागर वाला सिस्टम – विकसित हुए। 'मोंथा' ने आंध्र-ओडिशा तट पर भारी तबाही मचाई, लेकिन अब ये कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, नवंबर में चक्रवातों की संख्या सामान्य से ज्यादा हो सकती है, खासकर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में। पीक सीजन मई से नवंबर तक होता है, और इस साल ला नीना के प्रभाव से गर्म समुद्री तापमान चक्रवातों को बढ़ावा दे रहा है।
चौंकाने वाला आंकड़ा ये है कि 2025 में अब तक तीन सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं, जबकि सामान्य साल में दो होते हैं। गुजरात, कोंकण तट और केरल के लिए ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी हैं। मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है। यदि कोई नया चक्रवात बने, तो 2-3 दिनों में तूफान में बदल सकता है। ये आंकड़े जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा करते हैं – ग्लोबल वार्मिंग से चक्रवात अधिक तीव्र और अनियमित हो रहे हैं। IMD की MMCFS मॉडलिंग से पता चलता है कि दिसंबर तक खतरा बरकरार रह सकता है। तो, तटीय इलाकों में रहने वाले दोस्त सतर्क रहें!
तैयारी और सलाह: सुहाने मौसम का आनंद कैसे लें?
IMD का पूर्वानुमान बताता है कि नवंबर 2025 सुहावना रहेगा – न ज्यादा गर्मी, न कड़ाके की सर्दी। लेकिन असमानता के कारण कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां होंगी। स्वास्थ्य के लिहाज से, दिन की ठंडक से सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ेगा, जबकि गर्म रातें नींद प्रभावित कर सकती हैं। किसानों को बारिश का फायदा मिलेगा, लेकिन बाढ़ से सावधान। पर्यटकों के लिए, हिल स्टेशनों पर ठंडा मौसम घूमने लायक होगा।
सलाह: हल्के ऊनी कपड़े पैक करें, हाइड्रेटेड रहें, और IMD ऐप पर अपडेट चेक करें। ला नीना के प्रभाव से मौसम बदलाव तेज हो सकते हैं। आखिरकार, प्रकृति के इस खेल में हम केवल साक्षी हैं। क्या आपका शहर ठंडा पड़ेगा या गर्म? कमेंट्स में बताएं!