नमस्कार, दोस्तों! अगर आप स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं या ट्रेडिंग कोर्स जॉइन करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है। 4 दिसंबर 2025 को जारी सेबी (SEBI) के अंतरिम आदेश ने अवधूत साठे और उनकी पत्नी गौरी अवधूत साठे को सिक्योरिटीज मार्केट से हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, उनकी कंपनी अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी प्राइवेट लिमिटेड (ASTAPL) से ₹546 करोड़ की अवैध कमाई जब्त करने का आदेश दिया गया है। यह मामला अनधिकृत निवेश सलाह (unregistered investment advisory) और निवेशकों को गुमराह करने वाले फर्जी दावों का है, जिसमें 3.37 लाख से ज्यादा निवेशकों से ₹600 करोड़ से अधिक की फीस वसूली गई।
आज के इस विस्तृत आर्टिकल में हम सेबी ऑर्डर अवधूत साठे (SEBI order Avadhut Sathe) की पूरी डिटेल्स, धोखाधड़ी के तरीके, निवेशकों को नुकसान और इससे सीखने वाले सबक पर गहराई से चर्चा करेंगे। अगर आप स्टॉक मार्केट फ्रॉड (stock market fraud) से बचना चाहते हैं, SEBI की ऑफिशियल वेबसाइट और निवेशक संरक्षण गाइड।
अवधूत साठे कौन हैं? ट्रेडिंग गुरु या फाइनेंशियल फ्रॉड?
अवधूत साठे का नाम स्टॉक मार्केट एजुकेशन (stock market education) के क्षेत्र में काफी पॉपुलर था। वे खुद को एक सफल ट्रेडर और मेंटर के रूप में प्रेजेंट करते थे, जो हजारों लोगों को अमीर बनाने का दावा करते थे। उनकी कंपनी ASTAPL के तहत विभिन्न कोर्सेस ऑफर किए जाते थे, जिनमें लाइव मार्केट ट्रेडिंग सेशन्स, चार्ट एनालिसिस और ट्रेड सिग्नल्स शामिल थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हाट्सएप पर वे वीडियोज और एड्स पोस्ट करते, जहां फर्जी सक्सेस स्टोरीज दिखाई जातीं – जैसे "हमारे कोर्स से 100% रिटर्न गारंटीड!" या "एक महीने में डबल प्रॉफिट"।
लेकिन सेबी की प्रीलिमिनरी जांच (preliminary examination) ने साफ कर दिया कि यह सब एक सुनियोजित स्कैम था। अवधूत साठे और उनकी पत्नी गौरी ने रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर (registered investment advisor) के बिना फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज दीं। SEBI रेगुलेशन्स के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति या फर्म जो निवेश सलाह देती है, उसे SEBI के पास रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। SEBI (Investment Advisers) Regulations, 2013 के तहत यह क्लियर है। फिर भी, ASTAPL ने "एजुकेशन" के बहाने लाइव ट्रेडिंग डेटा यूज किया, जो सीधे अनधिकृत एडवाइजरी के दायरे में आता है।
उनके कोर्सेस में पार्टिसिपेंट्स को व्हाट्सएप ग्रुप्स में ट्रेड सिग्नल्स भेजे जाते थे, जहां "खरीदो यह स्टॉक" या "बेचो वह शेयर" जैसे स्पेसिफिक रेकमेंडेशन्स दिए जाते। यह सब "चार्ट स्टडी" के नाम पर डिस्गाइज्ड था, लेकिन असल में यह पेड इनवेस्टमेंट एडवाइजरी थी। सेबी के होल टाइम डायरेक्टर कमलेश सी. वर्शनी ने अपने ऑर्डर में लिखा, "ASTAPL/AS ने अनसस्पेक्टिंग इनवेस्टर्स (unsuspecting investors) से सबस्टैंशियल फीस कलेक्ट की, जबकि वे गाइड ऑफ स्टॉक मार्केट एजुकेशन के अंदर अनरजिस्टर्ड सर्विसेज दे रहे थे।"
सेबी जांच: धोखाधड़ी के काले कारनामे उजागर
सेबी की जांच ने कई चौंकाने वाले फैक्ट्स सामने लाए। सबसे बड़ा खुलासा यह था कि ASTAPL ने 3.37 लाख इनवेस्टर्स से ₹600 करोड़ से ज्यादा की फीस वसूली। इनमें से ₹546 करोड़ अवैध इनवेस्टमेंट एडवाइजरी से कमाई गई, जिसे सेबी ने इम्पाउंड (impounding) करने का आदेश दिया। बाकी ₹601.38 करोड़ (इंटरेस्ट समेत) डिस्गॉर्ज (disgorge) करने का डायरेक्टिव है, जो सभी कोर्सेस की फीस कवर करता है।
धोखाधड़ी के मुख्य तरीके क्या थे? आइए बुलेट पॉइंट्स में समझें:
- फर्जी रिटर्न क्लेम्स: नोटिसीज़ (noticees) ने दावा किया कि उनके कोर्स पार्टिसिपेंट्स ने "एक्स्ट्राऑर्डिनरी मार्केट रिटर्न्स" अचीव किए। लेकिन रियलिटी में, वे सिर्फ प्रॉफिटेबल ट्रेड्स को प्रमोशनल कंटेंट के रूप में दिखाते थे। लॉसिंग ट्रेड्स को छिपाया जाता, जो मिसलीडिंग एडवरटाइजमेंट्स (misleading advertisements) का क्लासिक केस है।
- लाइव ट्रेडिंग यूज: एजुकेशन सेशन्स में लाइव मार्केट डेटा का इस्तेमाल किया जाता, जो SEBI के रूल्स के खिलाफ है। यह "लाइव ट्रेड एडवाइजरी" था, न कि प्योर एजुकेशन। व्हाट्सएप ग्रुप्स में ट्रेड रेकमेंडेशन्स शेयर किए जाते, जो पार्टिसिपेंट्स को स्पेसिफिक ट्रेड्स लेने के लिए प्रोत्साहित करते।
- सोशल मीडिया मैनिपुलेशन: इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर एड्स चलाए जाते, जहां "अनरियलिस्टिक रिटर्न्स" (unrealistic returns) दिखाए जाते। यह इनवेस्टर्स को इंड्यूस (induce) करने का तरीका था, जो SEBI के एडवरटाइजिंग गाइडलाइंस का उल्लंघन है।
- ट्रेड रिकॉर्डिंग का मिसयूज: पार्टिसिपेंट्स के ट्रेड्स रिकॉर्ड किए जाते, जिससे पोटेंशियल मिसयूज (potential misuse) का खतरा था। सेबी ने इसे प्राइवेसी और फ्रॉड का हिस्सा माना।
ये सभी प्रैक्टिसेस यूजर साइकोलॉजी (user psychology) का फायदा उठाती थीं – लोग क्विक रिच स्कीम्स (quick rich schemes) की चमक में फंस जाते हैं, बिना रिस्क समझे। इस रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे स्कैम्स भारत में सालाना हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाते हैं।
सेबी का अंतरिम आदेश: सख्ती के कदम और डायरेक्टिव्स
सेबी का यह ऑर्डर (interim order) व्होल टाइम डायरेक्टर कमलेश सी. वर्शनी द्वारा जारी किया गया, जो 4 दिसंबर 2025 को पब्लिश हुआ। मुख्य डायरेक्टिव्स इस प्रकार हैं:
- बैन और सेस एंड डेसिस्ट: अवधूत साठे, गौरी साठे और ASTAPL को सिक्योरिटीज मार्केट एक्सेस से बैन। कोई भी इनवेस्टमेंट एडवाइजरी कंटेंट प्रोवाइड नहीं कर सकते।
- फंड्स इम्पाउंडमेंट: ₹546 करोड़ अवैध गेन्स जब्त। कुल ₹601.38 करोड़ + इंटरेस्ट डिस्गॉर्ज करने का आदेश।
- वेबसाइट्स और एड्स रिमूवल: सभी वेबसाइट्स, एड्स, वीडियोज, ब्रोशर्स, कम्युनिकेशन्स को तुरंत हटाने का डायरेक्टिव। लेकिन डेटा क्वासी-ज्यूडिशियल प्रोसीडिंग्स के लिए रिटेन रखना होगा।
- एसेट्स इन्वेंटरी: 7 वर्किंग डेज में सभी मूवेबल/इमूवेबल एसेट्स, बैंक अकाउंट्स, डीमैट अकाउंट्स, शेयर्स, MF इन्वेस्टमेंट्स की डिटेल्स सबमिट करने का आदेश।
- फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट्स: 15 दिनों में फिक्स्ड डिपॉजिट्स ओपन करने का डायरेक्टिव, SEBI के फेवर में लियन मार्क के साथ। बैंक्स को कोई डेबिट्स अलाउ नहीं, सिवाय FD ट्रांसफर के।
- डीमैट और बैंक अकाउंट्स फ्रीज: डिपॉजिटरीज और बैंक्स को SEBI परमिशन बिना डेबिट्स रोकने का आदेश। क्रेडिट्स अलाउड, लेकिन एक्सेस अमाउंट से ऊपर के डेबिट्स पर छूट।
ये कदम SEBI की इनवेस्टोर प्रोटेक्शन (investor protection) पॉलिसी को मजबूत करते हैं। SEBI की इनवेस्टोर कंप्लेंट्स पोर्टल पर आप खुद शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निवेशकों को क्या सबक? स्टॉक मार्केट फ्रॉड से कैसे बचें?
यह केस स्टॉक ट्रेडिंग अकादमी स्कैम (stock trading academy scam) का परफेक्ट एग्जांपल है। लाखों निवेशक फंस चुके हैं, जो क्विक प्रॉफिट्स के चक्कर में आ गए। सबक क्या हैं?
- रजिस्ट्रेशन चेक करें: हमेशा SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर चुनें। SEBI की लिस्ट चेक करें।
- फर्जी क्लेम्स से सावधान: "गारंटीड रिटर्न्स" या "100% सक्सेस" वाले दावों पर भरोसा न करें। मार्केट में रिस्क हमेशा होता है।
- सोशल मीडिया एड्स वेरिफाई करें: व्हाट्सएप ग्रुप्स या यूट्यूब वीडियोज से पहले फैक्ट-चेक करें। FactCheck.org जैसे टूल्स यूज करें।
- फाइनेंशियल लिटरेसी बिल्ड करें: फ्री रिसोर्सेज जैसे NSE Academy से सीखें, पेड स्कैम्स से बचें।
- कंप्लेंट फाइल करें: अगर फ्रॉड हो, तो तुरंत SEBI SCORES पर रिपोर्ट करें।
भारत में फाइनेंशियल फ्रॉड्स (financial frauds India) बढ़ रहे हैं, खासकर डिजिटल एज में। RBI और SEBI जैसी रेगुलेटर्स सख्त हो रही हैं, लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
निष्कर्ष: सुरक्षित निवेश की शुरुआत आज से
सेबी का अवधूत साठे पर एक्शन (SEBI action on Avadhut Sathe) न सिर्फ एक इंडिविजुअल केस है, बल्कि पूरे मार्केट को क्लीन करने की दिशा में बड़ा कदम है। ₹546 करोड़ जब्ती से प्रभावित निवेशकों को रिफंड की उम्मीद है, लेकिन भविष्य में सावधानी बरतना जरूरी। अगर आप फाइनेंशियल एडवाइजर हैं या बनना चाहते हैं, तो रजिस्ट्रेशन को प्रायोरिटी दें।
क्या आपके पास कोई ऐसा एक्सपीरियंस है जहां फर्जी ट्रेडिंग कोर्स ने नुकसान पहुंचाया? कमेंट्स में शेयर करें! और इस पोस्ट को शेयर करें ताकि ज्यादा लोग अवेयर हों। सब्सक्राइब करें। सुरक्षित निवेश करें, खुश रहें!